ऑपरेशन सर्द हवा

BSF (Border Security Force) ने ऑपरेशन सर्द हवा शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत BSF ने पाकिस्तान सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। यह आमतौर पर राजस्थान की सीमा में लॉन्च किया जाता है, खासकर जैसलमेर क्षेत्र में। यह एक नियमित वार्षिक अभ्यास है। इसे जनवरी के महीने में लॉन्च किया जाता है।

ऑपरेशन सर्द हवा क्या है?

  • ‘ऑपरेशन सर्द हवा’ सर्दियों के दौरान और ‘ऑपरेशन गर्म हवा’ गर्मियों के दौरान आयोजित किया जाता है। ये ऑपरेशन सीमाओं में घुसपैठ को नियंत्रित करने के लिए किए जाते हैं। सर्दियों के दौरान घना कोहरा सीमा क्षेत्र में दृष्टि को अवरुद्ध करता है। आतंकवादियों के लिए सीमा पार करने के लिए यह परिदृश्य बेहद फायदेमंद है। सुरक्षा बलों के लिए इस मौसम में सतर्क रहना जरूरी है। BSF इसी वजह से सर्दियों में ऑपरेशन सर्द हवा चलाती है। इस साल ऑपरेशन सर्द हवा 23 जनवरी से 28 जनवरी के बीच आयोजित किया जायेगा।

इस ऑपरेशन के दौरान अधिकारी और कर्मी सीमा के पास रहते हैं। और लगातार पेट्रोलिंग की जाती है। इस ऑपरेशन के दौरान इंटेलिजेंस विंग को सक्रिय मोड पर रखा जाता है। सीमा पर तैनात जवानों की संख्या बढ़ाई जाती है। जवान उन्नत हथियारों से थानों के आसपास के इलाकों में गश्त करते हैं। साथ ही ऊंट, फुट प्वॉइंट ट्रेकिंग में जवान सीमावर्ती इलाकों पर नजर रखते हैं। वे पैदल घुसपैठियों पर भी जाँच करते हैं।

महत्व

हाल ही में सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन में कमी आई है। ऐसे समय में पाकिस्तानी सेना भारत पर हमला करने के लिए छद्म युद्ध (proxy wars) का सहारा लेती है। इसलिए सीमा सुरक्षा बल के लिए हाई अलर्ट पर रहना जरूरी है। इसलिए ऑपरेशन सर्द हवा महत्वपूर्ण है।

ऑपरेशन गर्म हवा (Operation Garam Hawa)

यह गर्मियों के दौरान आयोजित किया जाता है। राजस्थान में इसका आयोजन होता है। गर्मी की लहर की स्थिति के दौरान घुसपैठ की संभावना अधिक होती है। ऑपरेशन सर्द हवा की तरह यह ऑपरेशन BSF द्वारा चलाया जाता है। यह आमतौर पर मई या जून के महीने में आयोजित किया जाता है जब गर्मी की लहरें चरम पर होती हैं।

सीमा सुरक्षा बल

सीमा सुरक्षा बल भारत का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल है एवँ विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है। जिसका गठन 1 दिसम्बर 1965 में हुआ था। इसकी जिम्मेदारी शांति के समय के दौरान भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना, भारत भूमि सीमा की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है। इस समय बीएसएफ की 188 बटालियन है और यह 6,385.39 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करती है जो कि पवित्र, दुर्गम रेगिस्तानों, नदी-घाटियों और हिमाच्छादित प्रदेशों तक फैली है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा बोध को विकसित करने की जिम्मेदारी भी बीएसएफ को दी गई है। इसके अलावा सीमा पर होने वाले अपराधों जैसे तस्करी/घुसपैठ और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने की जवाबदेही भी इस पर है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.1PRE