‘नीली क्रांति’

नीली क्रांति

क्यों चर्चा में है ?

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से प्रेरित होकर तथा ‘नीली क्रांति’ लाने के उद्देश्‍य से प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (टीडीबी-डीएसटी) ने अपनी पहली एक्‍वाकल्‍चर परियोजना का समर्थन किया
  • टीडीबी-डीएसटी ने तिलपिया मछली के उत्पादन के लिए अत्याधुनिक इजराइली प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए नये क्षेत्र में प्रवेश किया और अपनी पहली एक्‍वाकल्‍चर परियोजना को वित्तपोषित किया है।

नीली क्रांतिक्यों आवश्यक है?

  • मत्स्य पालन प्राथमिक उत्पादक क्षेत्रों में एक सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है। इसे “सूर्योदय क्षेत्र” भी कहा जाता है।
  • इस क्षेत्र को 45 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करने और देश के 2.8 करोड़ मछुआरा समुदाय के लिए सतत् आजीविका प्रदान करने के लिए एक शक्तिशाली इंजन के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और जिम्मेदार विकास के लिए ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई)’ के साथ आगे आया है।
  • मत्स्यपालन के विकास की व्यापक संभावना को देखते हुए दिसंबर 2014 में, मत्स्यपालन क्षेत्र मेंएक क्रांतिका आह्वान किया गया था और इसेब्लू रेवोल्यूशन यानी नीली क्रांति का नाम दिया था। इसके अंतर्गत सरकार द्वारा कई पहल शुरू की गई ताकि एक स्थायी और जिम्मेदार तरीके से मत्स्यपालन क्षेत्र की क्षमता का दोहन किया जा सके।
  • उठाये गए कदम:
    1. मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी का एक अलग मंत्रालय बनाना;
    2. स्वतंत्र प्रशासनिक ढांचे के साथ मत्स्य पालन का एक नया और समर्पित विभाग स्थापित करना;
    3. नीली क्रांति पर आधारित केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना का कार्यान्वयन : मत्स्य पालन का एकीकृत विकास और प्रबंधन
    4. फिशरीज और एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF-करीब 7,522.48 करोड़ ) का सृजन
    5. मछली पालन क्षेत्र के लिए सबसे अधिक निवेश वाली योजना पीएमएमएसवाई योजना का शुभारंभ करना।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) का लक्ष्य:

  • इस योजना का लक्ष्य 2018-19 के58 लाख मीट्रिक टन से लगभग 9 प्रतिशत औसत वार्षिक वृद्धि दर के साथ 2024-25 तक मछली उत्पादन बढ़ाकर 220 लाख मीट्रिक टन करने का है।
  • निर्यात आय को दोगुना करके 1,00,000 करोड़ रुपये करना
  • अगले पांच वर्षों की अवधि में मत्स्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 55 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMSSY) के अंतर्गतएक्वा बाजारऐप जारी किया गया:

  • पीएमएमएसवाई के अंतर्गत नैशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड के वित्तीय समर्थन से आईसीएआर-सीआईएफए द्वारा विकसित किए गए एक ऑनलाइन मार्केट प्लेस फीचर एक्वा बाजारऐप को जारी किया गया।
  • यह एक व्यापार स्थल है जो जलीय कृषि क्षेत्र में शामिल विभिन्न हितधारकों को आपस में जोड़ता है।

राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (NFDB ):

  • राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड की स्थापना वर्ष 2006 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा हैदराबाद में मुख्यालय के साथ किया गया।
  • यह बोर्ड अंतर्देशीय और समुद्री, मत्स्य संस्कृति, मछली पकड़ने, मत्स्य प्रसंस्करण और विपणन में मत्स्य पालन क्षेत्र की अप्रयुक्त क्षमता का पता लगाने और अनुसंधान एवं विकास के आधुनिक उपकरणों के अनुप्रयोग के साथ मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को गति प्रदान करने का कार्य करता है ।

तिलपिया मछली: ‘तिलपिया’ दुनिया में सबसे अधिक उत्पादक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार की जाने वाली खाद्य मछली के रूप में उभरकर सामने आई है।

Note: यह सूचना प्री में एवं मेंस के GS -3, के अर्थ व्यवस्था के  खाद्य सुरक्षा के मुद्दे; प्रौद्योगिकी मिशन; पशुपालन का अर्थशास्त्र वाले पाठ्यक्रम के सीधे तौर से जुड़ा हुआ है।