आगामी खरीफ सीजन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के कार्यान्वयन के सातवें वर्ष में प्रवेश के साथ, सरकार ने एक नई डोरस्टेप फसल बीमा वितरण नीति की घोषणा की है जिसे ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ के रूप में जाना जाता है।

मुख्य बिंदु
सभी किसानों को उनके भूमि रिकॉर्ड, पॉलिसी और PMFBY के दावे और शिकायत निवारण प्रक्रिया के बारे में अच्छी तरह से सूचित करने के लिए ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ डोर-स्टेप अभियान शुरू किया गया है।
नया अभियान कब शुरू होगा?
आगामी खरीफ सीजन में जो जून में शुरू होगा, सभी कार्यान्वयन राज्यों में घर-घर अभियान शुरू किया जाएगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना :
- PMFBY को वर्ष 2016 में लॉन्च किया गया था।
- यह फसल के खराब होने की स्थिति में एक व्यापक बीमा कवर प्रदान करती है जिससे किसानों की आय को स्थिर करने में मदद मिलती है।
- दायरा : सभी खाद्य और तिलहन फसलें तथा वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलें जिनके लिये पिछली उपज के आँकड़े उपलब्ध हैं।
- प्रीमियम : सभी खरीफ फसलों के लिये किसानों द्वारा निर्धारित प्रीमियम का भुगतान 2% और सभी रबी फसलों के लिये 5% है। वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के मामले में प्रीमियम 5% है।
- किसानों के हिस्से से अधिक प्रीमियम लागत पर राज्यों और भारत सरकार द्वारा समान रूप से सब्सिडी दी जाती है।
- हालाँकि भारत सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये पूर्वोत्तर राज्यों हेतु प्रीमियम सब्सिडी का 90% साझा करती है।
- वर्ष 2020 में, PMFBY को किसानों को स्वेच्छा से भाग लेने की अनुमति देने के लिए संशोधित किया गया था। किसानों के लिए फसल बीमा एप्प, CSC केंद्र, या निकटतम कृषि अधिकारी के माध्यम से किसी भी घटना के 72 घंटे के भीतर फसल क्षति की रिपोर्ट करना आसान बना दिया गया है।
- PMFBY की मुख्य विशेषताएं
- इस योजना की कुछ प्रमुख विशेषताओं में PMFBY के राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (NCIP), किसानों के त्वरित नामांकन के लिए एक फसल बीमा मोबाइल एप्प, एक सब्सिडी रिलीज मॉड्यूल, NCIP के माध्यम से किसान प्रीमियम का प्रेषण इत्यादि शामिल है।
SOURCE-PIB
PAPER-G.S.3