वाहिकाशोथ

वाहिकाशोथ

एश्टन कचर को दो साल पहले एक “अजीब, सुपर रेयर वाहिकाशोथ/वैस्कुलिटिस” हुआ था, जिसने उनकी दृष्टि, श्रवण और “उनके सभी संतुलन” को “नॉक आउट” कर दिया था। अब वह “पूरी तरह से ठीक हो गए है”।

इसके बारे में :

  • वास्कुलिटिस केवल रक्त वाहिकाओं की सूजन है।
  • सूजन किसी भी चोट या संक्रमण के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, जो सामान्य रूप से शरीर को हमलावर कीटाणुओं से लड़ने में मदद कर सकती है।
  • हालांकि, वास्कुलिटिस में, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ रक्त वाहिकाओं को चालू कर देती है, जिससे वे फूल जाती हैं और सिकुड़ जाती हैं। वास्कुलिटिस के लिए ट्रिगर एक संक्रमण या एक दवा हो सकती है, हालांकि सटीक कारण अक्सर अनिश्चित या अज्ञात होता है।
    • वास्कुलिटिस त्वचा को प्रभावित करने वाली केवल एक छोटी सी समस्या हो सकती है, या यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है जो हृदय, गुर्दे या अन्य महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती है।
    • लगभग 20 विभिन्न विकार हैं जिन्हें वास्कुलिटिस के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अंगित्तिस और आरटरइटिस को वास्कुलिटिस के पर्यायवाची के रूप में उपयोग किया जाता।

वास्कुलाइटिस क्या है?

यह क्या है?

वास्कुलाइटिस रक्तवाहिनी का प्रज्वलन है। वास्कुलाइटिस बीमारियों का एक समूह है। ‘प्राइमरी’ का मतलब है कि बिना किसी अन्य बीमारी के रक्तवाहिनी प्रभावित है। वास्कुलाइटीडीएस का विवरण रक्तवाहिनी के नाप व प्रकार पर निर्भर करता हे। विभिन्न प्रकार के वास्कुअलिटिस हैं जो हलके से जानलेवा हो सकते हैं। ये बीमारी समूह बहुत दुर्लभ है यानि कि यह बीमारियां कभी कभार देखी जाती हैं।

इस बीमारी के क्या कारण हैं? क्या ये माता-पिता से बच्चों में आ सकती है? क्या ये सक्रमण की बीमारी है? क्या इसका बचाव संभव है?

प्राइमरी वास्कुलिटीडीएस प्राय परिवार में नहीं होती हैं। प्राय परिवार में एक बच्चा ही प्रभावित होता है और बच्चों में होने की संभावना ना के बराबर है। यह लगता है कि कई कारण इस बीमारी के होने में सिम्मलित हैं। यह माना जाता है कि कीटाणु, जीन्स व वातावरण इस बीमारी के होने में भागीदार हैं।

नहीं, ये सक्रमण की बीमारी नहीं है। इसका बचाव संभव नहीं है। इन बिमारियों को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है पर इन पर काबू पाया जा सकता है – मतलब की इनके लक्षण दूर हो जाते हैं। इस स्थिति को “रेमिशन” कहते हैं।

रक्तवाहिनी को वास्कुलिटिस में क्या होता है?

शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति रक्त वाहिनी पर वार कराती हे जिससे उनमें सूजन आ जाती है और वह ख़राब हो जाती हैं। खून का दौरा कम हो जाता है व उनमें खून जम सकता है। रक्त वाहिनी की सूजन के साथ इसके कारण रक्त वाहिनी सिकुड़ या बंद हो जाती है।

रक्त वाहिनी में खून के कण जमा हो जाते हैं जो रक्त वाहिनी व आस पास को ख़राब करते हैं। इन को बीओप्सी में देखा जा सकता है।

रक्त वाहिनी से पानी बहार रिसने लगता है और आस पास सूजन पैदा करता है। इन कारणों से इन बीमारियों मैं तरह-तरह के चकते चमड़ी पर हो जाते हैं।

रक्त वाहिनी सिकुड़ने के कारण खून का दौरा कम होने से व कभी कभी धमनी के फटने के कारण आस पास के टिश्यू ख़राब हो जाते हैं। अहंम अंगों को खून देने वाली रक्त वाहिनी ख़राब होने से दिमाग़, फेफड़े, दिल व गुर्दे पर गंभीर असर पड़ सकता है। फैले हुऐ वास्कुलिटिस में प्रज्जवलन के अनेक कण रक्त में पाये जाते हैं जो बुखार, थकन व खून के जाँच में प्रज्जवलन को प्रदर्शित करने वाले टेस्ट : ई स आर व सी रिएक्टिव प्रोटीन (सी आर पी) को प्रभावित करते हैं। बड़ी रक्त वाहिनियों की खराबी देखने के लिए एंजियोग्राफी एक तरह का एक्सरे जिसमे रक्त वाहिनियों को देखा जा सकता है।