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Current Affair 18 October 2021

Current Affairs – 18 October, 2021

आधार हैकाथॉन 2021

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष को आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया है। यह प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचारों का जश्न मनाने और सेवा वितरण को अगले स्तर तक ले जाने का वर्ष है। यह वर्ष आधार के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अपने अस्तित्व के अगले दशक में प्रवेश कर रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के अनुभव और यूआईडीएआई द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं को और बेहतर बनाना है।

इस महत्वपूर्ण अवसर का जश्न मनाने के लिए, यूआईडीएआई युवा नवोन्मेषकों पर लक्षित “आधार हैकाथॉन 2021’’ नामक एक हैकाथॉन का आयोजन करने जा रहा है, जो युवा नवोन्मेषक जो अभी विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों में हैं और वास्तविक दुनिया में कदम रखने के लिए उत्सुक हैं। हैकाथॉन 28 अक्टूबर 2021 को 00:00 बजे शुरू होगा और 31 अक्टूबर 2021 को 23:00 बजे तक जारी रहेगा।

आधार हैकाथॉन 2021 दो विषयों पर आधारित है। पहला विषय “नामांकन और अपडेट” से संबंधित है, जो वास्तव में निवासियों द्वारा अपना पता अपडेट करते समय सामने आने वाली कुछ वास्तविक चुनौतियों को कवर करता है। हैकाथॉन का दूसरा विषय यूआईडीएआई द्वारा प्रस्तुत किए गए “पहचान और प्रमाणीकरण” समाधान से संबंधित है। इस विषय के तहत, यूआईडीएआई आधार संख्या या किसी भी जनसांख्यिकी जानकारी को साझा किए बिना पहचान साबित करने के लिए अभिनव समाधान का उपाय कर रहा है। इसके अलावा, यह चेहरा प्रमाणीकरण एपीआई से जुड़े नवीन अनुप्रयोगों की तलाश कर रहा है। एपीआई यूआईडीएआई द्वारा शुरू किया गया नया प्रमाणीकरण तरीका है। इसका उद्देश्य नागरिकों की जरूरतों को हल करने के लिए कुछ मौजूदा और नए एपीआई को प्रचलित करना है। इन चुनौतियों को नवीन तकनीकी समाधानों के माध्यम से हल करने के लिए, यूआईडीएआई सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों के युवाओं तक पहुंच रहा है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.1PRE

 

चौथी अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन महासभा

अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की चौथी महासभा का आयोजन वर्चुअल माध्यम से18 अक्टूबर और 21 अक्टूबर, 2021 के बीच किया जाना है। इसकी अध्यक्षता भारत सरकार के विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा आईएसए सभा के अध्यक्ष श्री आर. के. सिंह करेंगे।

आईएसए की चौथी सभा वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (ओएसओडब्ल्यूओजी) पहल के संचालन, 2030 के लिए 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर सौर निवेश रोडमैप और एक मिश्रित वित्तीय जोखिम शमन सुविधा के अनुमोदन के आसपास की प्रमुख पहलों पर विचार करेगी। आईएसए सदस्य देशों के विश्व नेता अगले पांच वर्षों के लिए आईएसए की रणनीतिक योजना पर भी चर्चा करेंगे। इसमें देश भागीदारी ढांचा, निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए रणनीति और आईएसए सदस्य देशों के बीच सौर ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर किफायती वित्तीय सुविधा के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्त पोषण योजना जैसी पहल शामिल हैं। एलडीसी और एसआईडीएस को तकनीकी वित्तीय सहायता बढ़ाने के लिए आईएसए वैश्विक ऊर्जा गठबंधन (जीईए) के साथ साझेदारी पर भी चर्चा करेगा।

ओएसओडब्ल्यूओजी से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट पर सभा में चर्चा होने की उम्मीद है। सौर के लिए एकल वैश्विक ग्रिड की अवधारणा को पहली बार 2018 के अंत में आईएसए की पहली सभा में रेखांकित किया गया था। यह पूरे विश्व में सौर ऊर्जा को साझा करने के लिए अंतर-क्षेत्रीय ऊर्जा ग्रिड के निर्माण और संवर्द्धन की परिकल्पना करता है। इसके अलावा समय क्षेत्र, मौसम, संसाधनों और देशों व क्षेत्रों के बीच कीमतों के अंतर का लाभ उठाता है। ओएसओडब्ल्यूओजी ऊर्जा उत्पादन को डी-कार्बोनाइज करने में भी सहायता करेगा, जो आज वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का सबसे बड़ा स्रोत है।

ओएसओडब्ल्यूओजी पर भारत के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, विश्व बैंक और आईएसए के त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ,यह पहल विश्व की सबसे महत्वपूर्ण नवीकरणीय उत्प्रेरक हो सकती है। यह ऊर्जा उत्पादन और पारेषण (ट्रांसमिशन) में बड़े पैमाने पर अभूतपूर्व अर्थव्यवस्थाओं की संभावनाओं को खोल सकती है। एक मजबूत व्यावसायिक स्थिति का निर्माण करते हुए सख्त आकलन और मॉडलिंग ने इस पहल की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता की पुष्टि की है। विश्व बैंक जैसे बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा इसकी वाणिज्यिक व्यवहार्यता को और बढ़ाया गया है। इससे सौर ऊर्जा की लागत को कम करके बाजार बनाने में सहायता मिल रही है।

यह सभा आईएसए की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है, जिसमें प्रत्येक सदस्य देश का प्रतिनिधित्व होता है। यह निकाय आईएसए के फ्रेमवर्क समझौते के कार्यान्वयन से संबंधित निर्णय लेता है और इसके उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए समन्वित कार्रवाई करता है। आईएसए की इस मंत्रिस्तरीय सभा का वार्षिक आयोजन होता है। यह सौर ऊर्जा की तैनाती, प्रदर्शन, विश्वसनीयता, लागत और लागत में कमी के संदर्भ में कार्यक्रमों व अन्य गतिविधियों के समग्र प्रभाव का आकलन करता है।

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबन्धन (en: International Solar Alliance, इण्टरनेशनल सोलर अलायंस) (पुराना नाम : इंटरनेशनल एजेंसी फॉर सोलर टेक्नोलॉजीज़ एंड एप्लीकेशन्स, en : International Agency for Solar Technologies & Applications),  (INSTA)  सौर ऊर्जा पर आधारित १२१ देशों का एक सहयोग संगठन है जिसका शुभारंभ भारत व फ्राँस द्वारा  30 नवंबर 2015 को पैरिस में किया गया। यह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पहल का परिणाम है जिसकी घोषणा उन्होंने सर्वप्रथम लंदन के वेंबली स्टेडियम में अपने उद्बोधन के दौरान की थी

यह संगठन कर्क व मकर रेखा के बीच स्थित राष्ट्रों को एक मंच पर लाएगा। ऐसे राष्ट्रों में धूप की उपलब्धता बहुलता में है। इस संगठन में ये सभी देश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। इस प्रयास को वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिदृश्य में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है

इस संगठन का अंतरिम सचिवालय राष्ट्रीय सौर उर्जा संस्थान, ग्वालपहाड़ी, गुड़गांव में बनाया गया है। इसका उद्घाटन २५ जनवरी २०१६ को। मुख्यालय के निर्माण हेतु भारत सरकार ने राष्ट्रीय सौर उर्जा संस्थान कैंपस के अंदर पांच एकड़ जमीन आवंटित की है।

२५ जनवरी २०१६ को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति श्री फ्रांस्वा ओलांद ने संयुक्त रूप से अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन मुख्यालय की आधारशिला रखी।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

भारत का भू-स्थानिक ऊर्जा मानचित्र

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से नीति आयोग ने भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालयों के साथ भारत का एक व्यापक भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) ऊर्जा मानचित्र विकसित किया है। यह जीआईएस मानचित्र देश के सभी ऊर्जा संसाधनों की एक समग्र तस्वीर प्रदान करता है जो पारंपरिक बिजली संयंत्रों, तेल और गैस के कुओं, पेट्रोलियम रिफाइनरियों, कोयला क्षेत्रों और कोयला ब्लॉकों जैसे ऊर्जा प्रतिष्ठानों का चित्रण करता है तथा 27 विषयगत श्रेणियों के माध्यम से अक्षय ऊर्जा बिजली संयंत्रों और अक्षय ऊर्जा संसाधन क्षमता आदि पर जिले-वार डेटा प्रस्तुत करता है।

यह मानचित्र देश में ऊर्जा उत्पादन और वितरण का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए ऊर्जा के सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्रोतों और उनके परिवहन/प्रेषण नेटवर्क की पहचान करने तथा उनका पता लगाने का प्रयास करता है। यह एक अनूठा प्रयास है जिसका उद्देश्य कई संगठनों में बिखरे हुए ऊर्जा डेटा को एकीकृत करना और इसे समेकित, आकर्षक चित्रात्मक ढंग से प्रस्तुत करना है। इसमें वेब-जीआईएस प्रौद्योगिकी और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में नवीनतम प्रगति का लाभ उठाया गया है ताकि इसे प्रभावी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जा सके। भारत का भू-स्थानिक ऊर्जा मानचित्र योजना बनाने और निवेश संबंधी निर्णय लेने में उपयोगी होगा। यह उपलब्ध ऊर्जा परिसंपत्तियों का उपयोग करके आपदा प्रबंधन में भी सहायता करेगा।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने भारत के जीआईएस-आधारित ऊर्जा मानचित्र का लोकार्पण करते हुए कहा कि ऊर्जा परिसंपत्तियों का जीआईएस-मानचित्रण भारत के ऊर्जा क्षेत्र के वास्तविक समय और एकीकृत योजना को सुनिश्चित करने के लिए उपयोगी होगा। इसके बड़े भौगोलिक विस्तार और परस्पर निर्भरता को देखते हुए, ऊर्जा बाजारों में दक्षता हासिल करने की अपार संभावनाएं हैं। आगे चलकर, जीआईएस-आधारित ऊर्जा परिसंपत्तियों की मैपिंग सभी संबंधित हितधारकों के लिए फायदेमंद होगी और नीति-निर्माण प्रक्रिया को तेज करने में मदद करेगी। बिखरे हुए डेटा को एक साथ लाया गया है; यह एक बहुत बड़ा शोध उपकरण होगा।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

विश्व खाद्य दिवस

विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) हर साल 16 अक्टूबर को मनाया जाता है। वर्ष 2021 में 76वां विश्व खाद्य दिवस मनाया गया।

थीम : Safe food now for a healthy tomorrow

महत्व

कई देशों में, विशेष रूप से विश्व के अविकसित भागों में भुखमरी एक बड़ी समस्या है। ऐसे में इस समस्या से निपटने के लिए जागरूकता की जरूरत है। विश्व खाद्य दिवस इस मुद्दे को हल करने में मदद करता है।

विश्व खाद्य दिवस का इतिहास

विश्व खाद्य दिवस की स्थापना खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के सदस्य देशों द्वारा की गई थी। यह नवंबर 1979 में FAO के 20वें सम्मेलन में स्थापित किया गया था। हंगरी के पूर्व कृषि और खाद्य मंत्री डॉ. पाल रोमानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 20वें सत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इस दिन को दुनिया भर में मनाने के विचार की सिफारिश की।

उद्देश्य

इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य इस संदेश को बढ़ावा देना है कि भोजन एक बुनियादी और मौलिक मानव अधिकार है। यह कुपोषण और मोटापे के बारे में जागरूकता भी फैलाता है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.1 PRE

 

लूसी स्पेसक्राफ्ट

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बृहस्पति के ट्रोजन क्षुद्रग्रहों का अध्ययन करने के लिए अपना पहला अंतरिक्ष यान ‘लूसी’ लांच कर दिया है।

मुख्य बिंदु

  • इस अंतरिक्ष यान को 16 अक्टूबर, 2021 को “केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन, फ्लोरिडा” से लॉन्च किया गया।
  • यह अंतरिक्ष यान 5 अरब साल पहले सौर मंडल के निर्माण के बारे में नई अंतर्दृष्टि (insights) प्राप्त करेगा।
  • इस अंतरिक्ष यान का नाम लूसी (Lucy) रखा गया है। इसका नाम एक प्राचीन जीवाश्म के नाम पर रखा गया था जिसने मानव प्रजातियों के विकास में अंतर्दृष्टि प्रदान की थी।

मिशन का उद्देश्य

मिशन लूसी को चट्टानी पिंडों के समूह की जांच के उद्देश्य से लॉन्च किया जाएगा जो दो समूहों में सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं।

लूसी मिशन (Lucy Mission)

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बूस्ट प्राप्त करने के बाद मिशन लूसी 12 साल की यात्रा पर जाएगा। मंगल और बृहस्पति के बीच मुख्य बेल्ट में 8 अलग-अलग क्षुद्रग्रहों में 12 साल की यात्रा पूरी की जाएगी। यह अंतरिक्ष यान अपनी सतह के 400 किलोमीटर के दायरे में लक्षित पिंडों के पास से उड़ान भरेगा। यह लक्ष्य पिंडों के भूविज्ञान की जांच के लिए ऑनबोर्ड उपकरणों और बड़े एंटीना का उपयोग करेगा। इस मिशन की कुल लागत 981 मिलियन डॉलर है।

ट्रोजन क्या हैं?

ट्रोजन छोटे खगोलीय पिंड या क्षुद्रग्रह होते हैं, जो बड़े क्षुद्रग्रहों की कक्षा को साझा करते हैं। वे मुख्य पिंड से लगभग 60° आगे या पीछे स्थिर कक्षा में रहते हैं। वे ग्रहों या बड़े चंद्रमाओं की कक्षाओं को साझा कर सकते हैं। ट्रोजन एक प्रकार की सह-कक्षीय पिंड (co-orbital object) है। सौर मंडल के अधिकांश ज्ञात ट्रोजन बृहस्पति की कक्षा को साझा करते हैं। वे अंतरिक्ष के बहुत छोटे क्षेत्र में हैं लेकिन एक दूसरे से शारीरिक रूप से भिन्न हैं। अब तक, लगभग 7000 ट्रोजन ज्ञात हैं।

नासा

नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (हिन्दी अनुवाद : राष्ट्रीय वैमानिकी और अन्तरिक्ष प्रबंधन; अंग्रेज़ी : National Aeronautics and Space Administration) या जिसे संक्षेप में नासा (अंग्रेज़ी : NASA) कहते हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार की शाखा है जो देश के सार्वजनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों व एरोनॉटिक्स व एरोस्पेस संशोधन के लिए जिम्मेदार है। फ़रवरी 2006 से नासा का लक्ष्य वाक्य “भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण, वैज्ञानिक खोज और एरोनॉटिक्स संशोधन को बढ़ाना” है। 14 सितंबर 2011 में नासा ने घोषणा की कि उन्होंने एक नए स्पेस लॉन्च सिस्टम के डिज़ाइन का चुनाव किया है जिसके चलते संस्था के अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में और दूर तक सफर करने में सक्षम होंगे और अमेरिका द्वारा मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया कदम साबित होंगे।

नासा का गठन नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस अधिनियम के अंतर्गत 19 जुलाई 1948 में इसके पूर्वाधिकारी संस्था नैशनल एडवाइज़री कमिटी फॉर एरोनॉटिक्स (एनसीए) के स्थान पर किया गया था। इस संस्था ने 1 अक्टूबर 1948 से कार्य करना शुरू किया। तब से आज तक अमेरिकी अंतरिक्ष अन्वेषण के सारे कार्यक्रम नासा द्वारा संचालित किए गए हैं जिनमें अपोलो चन्द्रमा अभियान, स्कायलैब अंतरिक्ष स्टेशन और बाद में अंतरिक्ष शटल शामिल है।

SOURCE-THE HINDU

PAPER-G.S.1PRE

 

2021 नोबेल पुरस्कार विजेताओं के पूर्ण सूची

2021 के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की जा चुकी है। इस वर्ष के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की सूची इस प्रकार है :

शांति के लिए नोबेल पुरस्कार (Nobel Peace Prize) 2021

इस वर्ष शांति के लिए नोबेल पुरस्कार मारिया रेसा (Maria Ressa) और दमित्री आंद्रेविच मुरातोव (Dmitry Andreyevich Muratov) को प्रदान किया गया है, इन दोनों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सुरक्षा  के लिए सम्मानित किया गया है। यह दोनों पत्रकार हैं।

चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार 2021 (2021 Nobel Prize in Medicine)

अमेरिकी वैज्ञानिक डेविड जूलियस (David Julius) और अर्देम पटापाउटियन (Ardem Patapoutian) ने प्रतिष्ठित “2021 चिकित्सा के लिए नोबेल पुरस्कार” (2021 Nobel Prize for Medicine) जीता। उन्होंने तापमान और स्पर्श के लिए रिसेप्टर्स की अपनी खोजों के लिए यह पुरस्कार जीता। पुरस्कार देने वाली संस्था के अनुसार, ये खोजें नई दर्द निवारक दवाओं के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं। इन खोजों से यह समझने में मदद मिली है कि कैसे गर्मी, ठंड और यांत्रिक बल तंत्रिका आवेगों (nerve impulses ) को शुरू करते हैं जो बदले में मनुष्यों को दुनिया को समझने और अनुकूलित करने की अनुमति देते हैं।

भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार 2021 (Nobel Prize 2021 for Physics)

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2021 जापान, जर्मनी और इटली के तीन वैज्ञानिकों को प्रदान किया गया। “पृथ्वी की जलवायु की भौतिक मॉडलिंग, परिवर्तनशीलता की मात्रा निर्धारित करने और ग्लोबल वार्मिंग की मज़बूती से भविष्यवाणी करने” में उनके काम के लिए स्यूकुरो मानेबे (Syukuro Manabe) और क्लाउस हासेलमैन (Klaus Hasselmann) को सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार का दूसरा भाग जियोर्जियो परिसी (Giorgio Parisi) को “interplay of disorder and fluctuations in physical systems from atomic to planetary scales” की खोज के लिए दिया गया था।

साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Literature) 2021

का तंजानिया के उपन्यासकार अब्दुलरजाक गुरनाह (Abdulrazak Gurnah) को साहित्य नोबेल पुरस्कार 2021 प्रदान किया गया। अब्दुलरजाक गुरनाह को “उपनिवेशवाद के प्रभाव” और संस्कृतियों और महाद्वीपों के बीच की खाई में शरणार्थियों के भाग्य के करुणामय विवरण के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Economics) 2021

इस बार तीन अर्थशास्त्रियों डेविड कार्ड (David Card), जोशुआ अंग्रिस्ट (Joshua Angrist) और गुइदो इम्बेन्स (Guido Imbens) को अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Economics) 2021 से सम्मानित किया गया है।

रसायन विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्कार 2021 (Nobel Prize in Chemistry 2021)

इस वर्ष रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार बेंजामिन लिस्ट (Benjamin List) और डेविड मैकमिलन (David MacMillan) को प्रदान किया गया।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.1 PRE