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Current Affair 21 August 2021

Current Affairs – 21 August, 2021

हॉलमार्किंग योजना

भारत में आभूषणों पर हॉलमार्क अंकित करने के कार्य में हो रही प्रगति के विषय पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बीआईएस के महानिदेशक ने कहा, “हॉलमार्किंग योजना को बड़ी सफलता मिल रही है और अल्प अवधि में ही 1 करोड़ से अधिक आभूषणों पर हॉलमार्क अंकित करने का कार्य पूरा कर लिया गया है।” उन्होंने कहा कि इसी अवधि के दौरान, 90,000 से अधिक आभूषण-निर्माताओं ने पंजीकरण भी कराया है।

उन्होंने कहा कि आभूषण-निर्माताओं के समर्थन और सहयोग के कारण इस योजना को बड़ी सफलता मिली है, जो इस तथ्य से परिलक्षित होती है कि पंजीकृत आभूषण-निर्माताओं की संख्या बढ़कर 91,603 हो गई है। 1 जुलाई, 2021 से 20 अगस्त तक हॉलमार्क के लिए प्राप्त एवं हॉलमार्क अंकित किए गए आभूषणों की संख्या क्रमशः एक करोड़ सत्रह लाख और एक करोड़ दो लाख हो गयी है। हॉलमार्क के लिए अपने आभूषण भेजने वाले आभूषण-निर्माताओं की संख्या 1 जुलाई से 15 जुलाई के दौरान 5,145 से बढ़कर 1 अगस्त से 15 अगस्त, 2021 के दौरान 14,349 हो गई है और 861 एएचसी ने एचयूआईडी- आधारित प्रणाली के तहत हॉलमार्क अंकित करने का कार्य शुरू कर दिया है।

सरकार आभूषण उद्योग की मांग के प्रति सुलभ और संवेदनशील रही है, साथ ही उनकी वास्तविक मांगों के प्रति सराहना और समायोजन की अनुकरणीय भावना दिखाई है। माननीय मंत्री, उपभोक्ता मामलों ने अनिवार्य हॉलमार्किंग की योजना शुरू करने से पहले एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था और इस समिति की तीन बैठक हो चुकी हैं। अनिवार्य हॉलमार्किंग की शुरुआत के बाद, अनिवार्य हॉलमार्किंग के सुगम कार्यान्वयन के उद्देश्य से उपाय सुझाने के लिए एक परामर्श समिति का गठन किया गया था। इस समिति की छह बैठक हो चुकी हैं और कुछ दिन पहले उसने अपनी रिपोर्ट जमा कर दी थी। हितधारकों के साथ पिछली बैठक 19 अगस्त, 2021 को हुई थी, जिसमें विनिर्माताओं, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, उपभोक्ता समूहों, एएचसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। उन्होंने कहा कि आभूषण उद्योग के कुछ वर्गों द्वारा हड़ताल का आह्वान बेवजह था। उन्होंने कहा कि 19 अगस्त, 2021 को हुई हितधारकों की बैठक में, कुछ संगठनों के प्रतिनिधियों ने कुछ लोगों द्वारा हड़ताल की योजना की निंदा की थी और एचयूआईडी आधारित हॉलमार्किंग योजना को पूरा समर्थन दिया था।

आभूषण उद्योग की वास्तविक मांगों को समायोजित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण साझा करते हुए बीआईएस के महानिदेशक ने निम्नलिखित तथ्यों को रेखांकित किया :

  1. केवल एएचसी वाले 256 जिलों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया गया है।
  2. शुरुआत में, एचयूआईडी एएचसी स्तर तक सीमित था और नई प्रणाली के पूरी तरह से व्यवस्थित हो जाने के बाद इसे ज्वैलर्स और उपभोक्ता के स्तर पर लागू किया जाना था।
  3. पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया और पंजीकरण शुल्क को माफ किया गया।
  4. 20, 23 और 24 कैरेट के सोने के आभूषणों के हॉलमार्किंग की अनुमति दी गई।
  5. समान शुद्धता वाले छोटे मिश्रित लॉट की हॉलमार्किंग की अनुमति देने के लिए भारतीय मानक में संशोधन किया गया।
  6. एएचसी स्तर पर भी आभूषणों को सौंपने की अनुमति देने के लिए सॉफ्टवेयर को उन्नत किया गया।
  7. मुख्यालय और शाखा कार्यालयों में हेल्प डेस्क बनाया गया और अब तक 300 जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
  8. सलाहकार समिति ने हॉलमार्किंग से जुड़ी समस्याओं की गहन समीक्षा की और अपनी रिपोर्ट डीओसीए को सौंपी।

पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए बीआईएस के महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि यह सूचना पूरी तरह से गलत है कि बीआईएस आभूषणों के बी-टू-बी आवाजाही की निगरानी कर रहा है और ज्वैलर्स को बीआईएस पोर्टल पर अपनी बिक्री का विवरण अपलोड करना आवश्यक है। ज्वैलर्स की ओर से ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह योजना पूरी तरह से सफल रही है और एक करोड़ से अधिक आभूषणों की हॉलमार्किंग के बाद इस योजना को स्थगित करने या वापस लेने के बारे में बात करना बेमानी है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि एचयूआईडी-आधारित हॉलमार्किंग सभी के लिए लाभदायक है, क्योंकि यह इस उद्योग के कामकाज में पारदर्शिता लाता है, उपभोक्ताओं को उनके पैसे के बदले में सही सामान प्राप्त करने के अधिकार को सुनिश्चित करता है और इंस्पेक्टर राज की संभावना को कम करता है।

उन्होंने उद्योग जगत के लोगों से इस योजना के क्रियान्वयन में अपना पूरा सहयोग देने और हड़ताल एवं इस किस्म की गतिविधियों से दूर रहने की अपील की क्योंकि सरकार उनकी वास्तविक मांगों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

हॉलमार्किंग का सिंहावलोकन

हॉलमार्किंग बहुमूल्य धातु की वस्तु में बहुमूल्य धातु की आनुपातिक सामग्री का सटीक निर्धारण और आधिकारिक रिकॉर्डिंग है। इसी तरह से हॉलमार्क बहुमूल्य धातु की वस्तुओं की महीनता या शुद्धता की गारंटी के रूप में कई देशों में आधिकारिक चिह्न के रूप में प्रयोग किया जाता है। हॉलमार्किंग योजना का मुख्य उद्देश्य मिलावट से जनता की रक्षा करना और महीनता के वैध मानकों को बनाए रखने के लिए निर्माताओं को बाध्य करना है। भारत में, वर्तमान में दो बहुमूल्य धातुएं नामत: सोने और चांदी को हॉलमार्किंग के दायरे में लाया गया है

बीआईएस हॉलमार्किंग योजना,  हॉलमार्क पर अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के साथ संरेखित है। इस योजना के अनुसार, हॉलमार्किंग योजना के अंतर्गत बीआईएस द्वारा ज्वैलरों को पंजीकरण दिया जाता है। बीआईएस प्रमाणित ज्वैलरों बीआईएस से मान्यताप्राप्त किसी भी  एसेयिंग और हॉलमार्किंग केन्द्रों से अपनी हॉलमार्क लगी ज्वैलरी प्राप्त कर सकते है।एसेयिंग और हॉलमार्किंग केन्द्रोंको मान्यता आईएस 15820:2009 के अनुसार दी जाती है।

1982 में 65 टन की अनुमानित सोने की खपता थी, जोकि वर्तमान में बढ़कर 800 टन हो गई है। घरेलू मांग के लिए लगभग 80% आभूषण निर्माण (मुख्य रूप से 22 कैरेट शुद्धता) के लिए है, निवेशक मांग के लिए 15% और औद्योगिक उपयोग के लिए केवल 5%। तद्नुसारफिक्की अध्ययन के अनुसार, सोने के प्रसंस्करण उद्योग में लगभग 15000 प्लेयर हैं, जिनमें से 80 इकाइयां का राजस्व 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। भारत लगभग 4,50,000 सुनहारों, 100,000 सोने के, इसके साथ ही लगभग 6000 डायमंड-प्रोसेसिंग प्लेयर और 8000 डायमंडज्वैलरो का घर है।

बीआईएस के विषय में

बीआईएस भारत का राष्ट्रीतय मानक निकाय है जिसकी स्थापना बीआईएस अधिनियम 2016 के अंतर्गत की गई। बीआईएस की स्था्पना वस्तुओं के मानकीकरण, मुहरांकन और गुणता प्रमाणन गतिविधियों के सुमेलित विकास तथा उससे जुडे़ याउससे प्रसंगवश जुड़े मामलों के लिए की गई। बीआईएस मानकीकरण, प्रमाणन और परीक्षण द्वारा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष एवं वास्तनविक रूप से कई तरह से लाभ पहुंचा रहा है – यह सुरक्षित विश्वसनीय गुणता वाले उत्पाद प्रदान करता है; उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य जोखिम को न्यून करता है; निर्यात एवं आयात विकल्पों को प्रोत्साहित करता है; किस्मों के प्रसार को नियंत्रित करता है इत्यादि, इत्यादि।

उपभोक्ताओं तथा उद्योगों के हित को ध्यान में रखते हुए बीआईएस नीचे किए गए कई कार्य करता है :

  • मानक निर्धारण
  • उत्पानद प्रमाणन योजना
  • अनिवार्य पंजीकरण योजना
  • विदेशी निर्माता प्रमाणन योजना
  • हॉलमार्किंग योजना
  • प्रयोगशाला सेवाएं
  • प्रयोगशाला मान्ययता योजना
  • भारतीय मानकों की बिक्री
  • उपभोक्ता मामले गतिविधियां
  • प्रोत्सातहन गतिविधियां
  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तंर की प्रशिक्षण सेवाएं
  • सूचना सेवाएं

बीआईएस का मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसके 5 क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता (पूर्व), चेन्नई (दक्षिण), मुंबई (पश्चिम), चंडीगढ़ (उत्तर) और दिल्ली (मध्य) में स्थित है। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के अधीन शाखा कार्यालय हैं। ये कार्यालय हैं अहमदाबाद, बेंगलूरू, भुवनेश्वर, भोपाल, चंडीगढ़, चेन्नई, कोयम्बत्तूर, देहरादून, जम्मूश, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, जमशेदपुर, कोच्चि, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, परवाणु, पटना, पुणे, रायपुर, दुर्गापुर, राजकोट और विशाखापत्तनम। ये शाखा कार्यालय संबंधितक्षेत्र की राज्य सरकारो, उद्योगों, तकनीकी संस्थानों, उपभोक्ता संगठनों इत्यादि के बीच प्रभावी संपर्क का काम करते हैं।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

TOPIC-ECONOMY

 

कोंकण अभ्यास 2021

आईएनएस ताबर और एचएमएस वेस्टमिन्स्टर के बीच कोंकण अभ्यास 2021 इंग्लिश चैनल में 16 अगस्त 2021 को आयोजित किया गया। इस नौसैन्य अभ्यास में दोनों पोतों के सभी हेलीकाप्टरों और फाल्कन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विमानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान समन्वित पनडुब्बी रोधी कार्यप्रणालियों, गोलीबारी अभ्यास, संयुक्त समुद्री मानचित्र संकलन, युद्ध विन्यास कौशल और समुद्र में पुनःपूर्ति सहित कई प्रकार के युद्धाभ्यास आयोजित किए गए।

इससे पहले बंदरगाह में आयोजित कई पेशेवर गतिविधियों के साथ-साथ कोंकण अभ्यास 2021 ने आपसी पारस्परिकता को सशक्त किया तथा दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच मित्रता के घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने में सहायता की है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.2

 

देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर पीवी परियोजना

नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) लिमिटेड ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में अपने सिम्हाद्री थर्मल स्टेशन के जलाशय पर 25 मेगावाट की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर पीवी परियोजना की शुरूआत की है। यह भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में अधिसूचित फ्लेक्सिबिलाइजेशन योजना के तहत स्थापित की जाने वाली पहली सौर परियोजना भी है।

सौर पीवी परियोजना का उद्घाटन आज एनटीपीसी के आरईडी (डब्ल्यूआर2 और एसआर) श्री संजय मदान के द्वारा किया गया।

जलाशय में स्थापित किये गए इस तैरते हुए सोलर इंस्टॉलेशन को अद्वितीय एंकरिंग डिज़ाइन में बनाया गया है और यह एक आरडब्ल्यू जलाशय में करीब 75 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस फ्लोटिंग सोलर परियोजना के जरिये 1 लाख से अधिक सोलर पीवी मॉड्यूल से बिजली पैदा करने की क्षमता है। इससे न केवल लगभग 7,000 घरों को रोशन करने में सहायता प्राप्त होगी, बल्कि इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि इस परियोजना की पूरी समयावधि के दौरान हर वर्ष कम से कम 46,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड को कम किया जाए। इस परियोजना से प्रति वर्ष 1,3640 लाख लीटर पानी की बचत होने की भी उम्मीद है। इतना पानी 6,700 घरों की वार्षिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा।

2000 मेगावाट का कोयला आधारित सिम्हाद्री स्टेशन परियोजना बंगाल की खाड़ी से सीडब्ल्यू सिस्टम के लिए समुद्री जल प्राप्त करने वाली पहली बिजली परियोजना है, जो 20 वर्षों से भी अधिक समय से कार्य कर रही है।

एनटीपीसी ने सिम्हाद्री में पायलट आधार पर हाइड्रोजन आधारित माइक्रो-ग्रिड प्रणाली स्थापित करने की भी योजना बनाई है।

66900 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, एनटीपीसी समूह के पास 29 नवीकरणीय परियोजनाओं सहित 71 पावर स्टेशन हैं। एनटीपीसी ने वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट (जीडब्ल्यू) अक्षय ऊर्जा (आरई) क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। एनटीपीसी भारत की ऐसी पहली ऊर्जा कंपनी भी है जिसने ऊर्जा पर संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय वार्ता (एचएलडीई) के हिस्से के रूप में अपने ऊर्जा समझौता लक्ष्यों को घोषित किया हुआ है।

एनटीपीसी समूह के पास 17 गीगावाट से अधिक ऊर्जा क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 5 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं भी शामिल हैं। पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से सस्ती कीमतों पर बिजली की निर्बाध आपूर्ति एनटीपीसी की पहचान रही है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

TOPIC-ENVIRONMENT

 

इस्माइल साबरी याकूब

मलेशिया के राजा ने 20 अगस्त, 2021 को इस्माइल साबरी याकूब (Ismail Sabri Yaakob) को देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।

मुख्य बिंदु

  • इस्माइल साबरी याकूब ने प्रधानमंत्री के रूप में मुहीदीन यासीन की जगह ली।
  • यासीन ने संसद में बहुमत खो दिया था क्योंकि वह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में विफल रहे।
  • इस्माइल साबरी पहले मुहीद्दीन के डिप्टी थे, जिन्होंने अब कोविड-19 संक्रमणों और आर्थिक मंदी में वृद्धि के बीच पदभार संभाला है।
  • इस्माइल साबरी ने संसद में 222 सदस्यों में से 114 सदस्यों का बहुमत हासिल किया।

इस्माइल साबरी बिन याकूब कौन हैं?

वह एक मलेशियाई राजनेता हैं, जिन्हें अगस्त, 2021 से मलेशिया के 9वें प्रधान मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है। जुलाई 2021 से अगस्त 2021 तक, उन्होंने 13वें उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वह मार्च 2004 से पेरिकाटन नेशनल (Perikatan National) प्रशासन में रक्षा मंत्री और बेरा निर्वाचन क्षेत्र के लिए संसद सदस्य भी थे। वह मलेशिया के सबसे कम समय तक सेवा देने वाले उप-प्रधानमंत्री बन गए हैं क्योंकि उन्होंने केवल 40 दिनों तक सेवा की है।

मलेशिया

मलेशिया दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित एक उष्णकटिबंधीय देश है। यह दक्षिण चीन सागर से दो भागों में विभाजित है। मलय प्रायद्वीप पर स्थित मुख्य भूमि के पश्चिम तट पर मलक्का जलडमरू और इसके पूर्व तट पर दक्षिण चीन सागर है। देश का दूसरा हिस्सा, जिसे कभी-कभी पूर्व मलेशिया के नाम से भी जाना जाता है, दक्षिण चीन सागर में बोर्नियो द्वीप के उत्तरी भाग पर स्थित है। मलय प्रायद्वीप पर स्थित कुआलालंपुर देश की राजधानी है, लेकिन हाल ही में संघीय राजधानी को खासतौर से प्रशासन के लिए बनाए गए नए शहर पुत्रजया में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह 13 राज्यों से बनाया गया एक एक संघीय राज्य है।मलेशिया में चीनी, मलय और भारतीय जैसे विभिन्न जातीय समूह निवास करते हैं। यहाँ की आधिकारिक भाषा मलय है, लेकिन शिक्षा और आर्थिक क्षेत्र में ज्यादातर अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाता है। मलेशिया में १३० से ज्यादा बोलियाँ बोली जाती हैं, इनमें से ९४ मलेशियाई बोर्नियो में और ४० प्रायद्वीप में बोली जाती हैं,युवा वर्ग मे अंग्रेजी भाषा अधिक लोकप्रिय है। यद्यपि देश सरकारी धर्म इस्लाम है, लेकिन नागरिकों को अन्य धर्मों को मानने की स्वतंत्रता है।

मलेशिया की संसद

यह मलेशिया की राष्ट्रीय विधायिका है, जो संसद की वेस्टमिंस्टर प्रणाली के आधार पर चलती है। यह एक द्विसदनीय संसद है जिसमें तीन घटक शामिल हैं :

  1. दीवान राक्यत (प्रतिनिधि सभा)
  2. राज्य परिषद (सीनेट)
  3. यांग डि-पर्टुआन अगोंग (राजा)

SOURCE-THE HINDU

PAPER-G.S.2

TOPIC-CURRENT, IR

 

विश्व मच्छर दिवस

मच्छरों से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने के लिए 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस 2021 मनाया गया। यह दिन सर रोनाल्ड रॉस (Sir Ronald Ross) की स्मृति में भी मनाया जाता है है जिन्होंने मादा मच्छरों और मलेरिया के बीच एक कड़ी की खोज की थी।

मुख्य बिंदु

  • आकार में बहुत छोटे या छोटे होने के बावजूद, मच्छर इतिहास में एकमात्र शिकारी हैं जो सदियों से जीवित हैं। यह मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों से मौत का कारण बनते है।
  • खतरनाक बीमारी के कारण मच्छरों को दुनिया की सबसे घातक प्रजाति माना जाता है। इसकी वजह से हर साल करीब 7 लाख लोगों की जान जाती है।

विश्व मच्छर दिवस 2021 की थीम

वर्ष 2021 में, विश्व मच्छर दिवस “शून्य-मलेरिया लक्ष्य तक पहुंचना” की थीम के तहत मनाया गया।

विश्व मच्छर दिवस की पृष्ठभूमि

मलेरिया पर अपनी खोज के लिए सर रोनाल्ड रॉस की स्मृति में यह दिन मनाया जाता है। वर्ष 1897 में, ब्रिटिश डॉक्टर सर रोनाल्ड रॉस ने पता लगाया था कि एनोफिलीज (Anopheles) नामक मादा मच्छर मनुष्यों के बीच मलेरिया परजीवी संचारित करते हैं। उन्होंने पाया कि मलेरिया परजीवी फैलाने के लिए मादा एनोफिलीज मच्छर जिम्मेदार हैं। इससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है। यह खोज 20 अगस्त को की गई थी। इस प्रकार, 1930 के दशक से 20 अगस्त को मच्छर दिवस मनाया जाता है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.1

CURRENT

 

चीन ने तीन बच्चों की नीति

चीन की राष्ट्रीय विधायिका ने औपचारिक रूप से सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा प्रस्तावित  तीन बच्चों की नीति (Three-Child Policy) का समर्थन किया।

मुख्य बिंदु

  • चीनी अधिकारियों के अनुसार, तीन दशकों से अधिक समय से लागू की गई एक बच्चे की नीति ने लगभग 400 मिलियन जन्मों को रोका है।
  • तीन बच्चों की नीति एक प्रमुख नीतिगत बदलाव है जिसका उद्देश्य दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश (चीन) में जन्म दर में भारी गिरावट को रोकना है।
  • यह संशोधित जनसंख्या और परिवार नियोजन कानून चीनी जोड़ों को तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति देता है। इसे नेशनल पीपल्स कांग्रेस (NPC) की स्थायी समिति द्वारा पारित किया गया था।

पृष्ठभूमि

मई 2021 में, सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) ने सख्त दो बच्चों की नीति में ढील को मंजूरी दी और सभी जोड़ों को तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति दी।

दो बच्चों की नीति (Two Child Policy)

चीन ने दशकों पुरानी एक बच्चे की नीति को खत्म करके 2016 में सभी जोड़ों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी थी। इस नीति को चीन में नीति निर्माताओं द्वारा जनसांख्यिकीय संकट माना जाता है। एक बच्चे की नीति तीन दशकों से अधिक समय से लागू थी जिसने 400 मिलियन से अधिक जन्मों को रोका है।

तीन बच्चों की नीति को क्यों मंजूरी दी गई?

यह निर्णय जनगणना के आंकड़ों के बाद लिया गया था, जिसमें दिखाया गया था कि चीन में जनसंख्या सबसे धीमी गति से बढ़कर 1.412 बिलियन हो गई है। नए जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, जनसांख्यिकीय संकट गहराने की उम्मीद थी क्योंकि 60 साल से ऊपर के लोगों की आबादी 18.7% बढ़कर 264 मिलियन हो गई है। आने वाले समय में चीन में काम करने वाली जनसंख्या के मुकाबले वृद्ध लोगों की जनसंख्या अधिक हो जाएगी, जिससे चीन में श्रम बल का अभाव होगा जो चीन की अर्थव्यवस्था को हानि पहुंचा सकता है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.1

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