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Current Affair 30 August 2021

Current Affairs – 30 August, 2021

लड्डू वितरण योजना

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज अपने लोकसभा संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक ‘लड्डू वितरण योजना’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री अमित शाह ने कहा कि आज जन्माष्टमी का पावन अवसर है और आज ही के दिन लगभग 5100 साल पहले भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण का जन्म ऐसे समय में हुआ जब पूरे देश को ज़रूरत थी कि धर्म के आधार पर चलने के लिए कोई रास्ता दिखाए। भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व बहुमुखी व बहुआयामी था, वे तत्वचिंतक थे, जिन्होंने गीता की रचना की और धर्म की स्थापना की। ये हम सब गुजरातवासियों के लिए गर्व का विषय है कि गुजरात श्रीकृष्ण की कर्मभूमि है। श्री अमित शाह ने समस्त देशवासियों और दुनियाभर के लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

कुपोषण से लड़ने के लिए पौष्टिक लड्डू

अमित शाह ने कहा कि गांधीनगर क्षेत्र में करीब 7 हजार गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से लड़ने के लिए हर महीने 15 पौष्टिक लड्डू मिलेंगे। ये पौष्टिक लड्डू तब तक मिलेंगे जब तक बच्चे का जन्म नहीं हो जाता। बड़ी बात ये है कि इस योजना की जिम्मेदारी स्वंयेसवी संस्थाओं ने ली है। शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि सही पोषण, देश रौशन, किसी भी देश की कांति, किसी भी देश का प्रकाश, पोषित माता और पोषित बच्चों के बिना नही हो सकता। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चे और उन्हें जन्म देने वाली माता स्वस्थ न हो देश आगे नहीं बढ़ सकता।

कुपोषण के खिलाफ लड़ाई बना आंदोलन

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने 8 मार्च 2018 को राजस्थान के झुंझुन से पोषण अभियान की शुरुआत की थी। राजस्थान से शुरू हुई कुपोषण के खिलाफ ये लड़ाई आज एक बहुत बड़ा आंदोलन बन गया है। उन्होंने ये भी कहा कि गांधीनगर में एक भी माता, बच्चा कुपोषित न रहे, ये उनकी जिम्मेदारी है। गर्भावस्था के दौरान महिला को पोषण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, ऐसे में ये लड्डू पोषक तत्वों से भरपूर है, ये एक महीने तक खराब नहीं होता, इस लड्डू में प्रोटीन, घी, विटामीन और पोषक तत्व होते हैं।

सरकार ने शुरू की है कई योजनाएं

केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार ने पोषण को लेकर कई योजनाएं शुरू की हैं। 18 मंत्रालयों ने मिलकर एक सामूहिक अभियान चलाया है। सभी योजना पर अमल होना जरूरी है, अगर व्यक्ति निर्बल, कुपोषित और गरीब रह जाता है तो सुविधाओं का कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोकतंत्र में व्यक्ति की सबसे छोटी इकाई है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.2

 

राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस

विश्व की तरह ही भारत में किसी भी जगह एमएसएमई मूल्य श्रृंखला के अभिन्न हिस्से हैं, जो एक ओर विविध उत्पादों की पेशकश करते हैं और दूसरी ओर बड़े उद्योगों के लिए मध्यवर्ती वस्तुओं को पहुंचाते हैं। यह सबसे बड़ा रोजगार पैदा करने वाला और भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

भारत में 6.3 करोड़ से अधिक एमएसएमई हैं, जिनके पास अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने और बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के लिए सहायक के रूप में काम करने की योग्यता व क्षमता है। निर्यात के संदर्भ में, यह क्षेत्र विभिन्न उप-क्षेत्रों जैसे कपड़ा, चमड़ा व चमड़े के सामान, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोटिव, रत्न और आभूषण आदि में 45 फीसदी के व्यापक योगदान के साथ उच्च क्षमता रखता है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक उत्कृष्ट वृद्धि का प्रदर्शन किया है और इसके विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरने की संभावना है, जो 2025 तक 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इस प्रकार, व्यापक उद्यमिता विकास वातावरण को सुदृढ़ करने के लिए इसे एक बड़ा प्रोत्साहन दिया जाना है और इन उद्यमों के अंतरराष्ट्रीयकरण से संबंधित बाधाओं को समझने की जरूरत है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय एमएसएमई के विकास की दिशा में अथक प्रयास कर रहा है और इसने भारत में एमएसएमई इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए पहल किया है। एमएसएमई मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए कुछ प्रमुख सुधार इस प्रकार हैं :

  • एमएसएमई परिभाषा का संशोधन : देश में एमएसएमई को सक्रिय करने पर भारत सरकार की उच्च प्राथमिकता के अनुरूप, भारत सरकार ने 1 जून 2020 को आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत इसकी मजबूती को आगे बढ़ाने के लिए एमएसएमई परिभाषा में संशोधन की मंजूरी दी। सरकार ने निवेश और वार्षिक व्यापार, दोनों के संयुक्त मानदंड को सम्मिलित करके एमएसएमई वर्गीकरण को संशोधित किया।
  • उद्यम पंजीकरण : उद्यम पंजीकरण दाखिल करने की एक ऑनलाइन और सरलीकृत प्रक्रिया है, जो एमएसएमई को बिना किसी दस्तावेज व शुल्क के पंजीकरण प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। यह एक वैश्विक स्तर की बेंचमार्क प्रक्रिया है और व्यापार करने की आसानी की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। एमएसएमई मंत्रालय ने जीईएम (गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस) के साथ उद्यम पंजीकरण पोर्टल का एपीआई एकीकरण भी शुरू किया है जिससे एमएसई, सरकारी खरीद में आसानी से हिस्सा ले सकें।
  • चैंपियन्स पोर्टल : चैंपियन्स विशेष रूप से इस मुश्किल समय में एमएसएमई की सहायता करने और उन्हें संभालने के लिए एक ऑनलाइन मंच है। यह एक आईसीटी आधारित प्रौद्योगिकी प्रणाली है जिसका उद्देश्य छोटी इकाइयों को उनकी शिकायतों का समाधान करके, प्रोत्साहित करके, समर्थन करके, सहायता करके और पूरे व्यावसायिक जीवनचक्र के दौरान संभालकर उन्हें बड़ी इकाई बनाना है। यह मंच एमएसएमई की सभी जरूरतों के लिए एकल खिड़की समाधान की सुविधा प्रदान करता है।
  • राष्ट्रीय एससी-एसटी केंद्र (एनएसएसएच) : एससी-एसटी समुदाय में उद्यमिता संस्कृति को बढ़ावा देने और सार्वजनिक खरीद नीति आदेश, 2018 में उल्लिखित 4 फीसदी खरीद लक्ष्य को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय एससी-एसटी केंद्र शुरू किया गया है। एससी/एसटी की आबादी के बीच उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और अधिकतम जमीनी निवेश के लिए बाजार से जुड़ाव, वित्तीय सुविधा, क्षमता निर्माण आदि की चुनौती को पूरा करने के लिए कई पहल किए गए हैं।
  • आत्मनिर्भर भारत (एसआरआई) निधि : इस योजना से एमएसएमई क्षेत्र को 50,000 करोड़ रुपये की इक्विटी वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है। यह इक्विटी समावेशन एमएसएमई को स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध करने का अवसर प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह एमएसएमई को अपने व्यवसाय और विकास को आगे बढ़ाने की सुविधा प्रदान करेगा और एमएसएमई क्षेत्र में अधिक रोजगार पैदा करने में सहायता करेगा।
  • खरीद नीति : एमएसई को विपणन सहायता प्रदान करने के लिए, सभी केंद्रीय मंत्रालयों/सरकारी विभागों और सीपीएसई को सार्वजनिक खरीद नीति के तहत एमएसई से वस्तु और सेवाओं की अपनी वार्षिक आवश्यकताओं का 25 फीसदी खरीदना आवश्यक है, इसमें एससी/एसटी के स्वामित्व वाले एमएसई से 4 फीसदी और महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले एमएसई से 3 फीसदी खरीदारी शामिल हैं।
  • उद्यम विकास केंद्रों (ईडीसी) की स्थापना : एमएसएमई से संबंधित सूचना एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की एक सोच से उद्यम विकास केंद्रों (ईडीसी) की परिकल्पना की गई है। अब तक एमएसएमई मंत्रालय ने पूरे भारत में 102 ईडीसी स्थापित किए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य मौजूदा और साथ ही इच्छुक एमएसएमई को निरंतरता के आधार पर ग्रामीण उद्यमों पर विशेष ध्यान देने के साथ पेशेवर सलाह व सहायक सेवाएं प्रदान करके उद्यमी नेताओं का एक नेटवर्क बनाना है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

फिट इंडिया मोबाइल ऐप

मुख्य बातें:

  • यह ऐप नि:शुल्क है लेकिन हमारी फिटनेस के लिए बहुमूल्य सिद्ध होगा : श्री अनुराग ठाकुर
  • फिट इंडिया ऐप न्यू इंडिया को फिट इंडिया बनाने में मदद करेगा : श्री निसिथ प्रमाणिक
  • मंत्रियों ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह, पहलवान संग्राम सिंह, खेल पत्रकार अयाज मेमन और पायलट कैप्टन एनी दिव्या के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत की
  • फिट इंडिया ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध है और यह निःशुल्क है
  • श्री ठाकुर ने लोगों से फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों में जनभागीदारी के माध्यम से आजादी का अमृत महोत्सव को सफल बनाने की अपील की

आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, फिट इंडिया मूवमेंट की दूसरी वर्षगांठ मनाने के क्रम में केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में फिट इंडिया मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया।

फिट इंडिया ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध है और यह निःशुल्क है। इस बात को ध्यान में रखते हुए ऐप विकसित किया गया है कि यह साधारण स्मार्टफोन पर भी काम करे।

फिट इंडिया मोबाइल ऐप प्रत्येक भारतीय को एक मोबाइल के सहारे फिटनेस स्तर की जांच करने करने की सुविधा देता  है। इस ऐप में फिटनेस स्कोर, एनिमेटेड वीडियो, गतिविधि ट्रैकर्स और व्यक्तिगत विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने वाली ‘मेरी योजना’ जैसी कुछ अनूठी विशेषताएं हैं।

राष्ट्रीय खेल दिवस विभिन्न देशों में राष्ट्रीय खेल टीमों और उन देशों की खेल परंपराओं का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न आयु वर्ग के लोग कबड्डी, मैराथन, बास्केटबॉल, हॉकी आदि खेलों में भाग लेते हैं।

भारत

भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है। यह दिन 1928, 1932 और 1936 में भारत के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद सिंह के जन्मदिन का प्रतीक है। उन्होंने अपने करियर में 400 से अधिक गोल किये।

अंतरराष्ट्रीय हॉकी क्षेत्र पर उन्होंने अपनी मुहर लगाई। वह भारतीय और विश्व हॉकी में एक महान हस्ती हैं। उनके लिए सबसे प्रसिद्ध स्मारक मेजर ध्यानचंद पुरस्कार है जो भारत में खेलों में जीवन भर की उपलब्धि के लिए सर्वोच्च पुरस्कार है। उनके जन्मदिन पर राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह होता है। इस दिन राष्ट्रपति राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार नामित लोगों को प्रदान करते हैं।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.1

 

परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस

परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day against Nuclear Tests) का आयोजन प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को आयोजित किया जाता है।

मुख्य बिंदु

  • इस कार्यक्रम का आयोजन परमाणु हथियारों के परीक्षण के हानिकारक प्रभावों और ऐसे परीक्षणों को समाप्त करने के आह्वान के बारे में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किया जाता है।
  • वर्ष 2021 ने आयोजन की 12वीं वर्षगांठ को चिह्नित किया।

पृष्ठभूमि

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2 दिसंबर, 2009 को परमाणु परीक्षणों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day against Nuclear Tests) को अपनाया। कजाकिस्तान में 1991 में USSR-नियंत्रित सेमिपालाटिंस्क परमाणु परीक्षण स्थल के समापन की 18वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए कजाकिस्तान द्वारा इस प्रस्ताव की शुरुआत की गई थी।

पहला परमाणु परीक्षण

अमेरिका ने 16 जुलाई, 1945 को न्यू मैक्सिको के एक रेगिस्तानी स्थल में ट्रिनिटी नामक पहला परमाणु परीक्षण किया था। इस परीक्षण ने अमेरिका को अगस्त 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराने में सक्षम बनाया। इस घटना के परिणामस्वरूप अनुमानित 2,00,000 लोग मारे गये जबकि बचे लोग विकिरण के कारण कैंसर से पीड़ित रहे।

व्यापक परमाणु परीक्षण-प्रतिबंध संधि (Comprehensive Nuclear-Test-Ban Treaty – CTBT)

CTBT की स्थापना UNGA द्वारा 1996 में की गई थी। इसे 170 देशों द्वारा हस्ताक्षरित और अनुमोदित किया गया था। 15 देशों ने संधि पर हस्ताक्षर किए लेकिन पुष्टि नहीं की। इस पर 11 देशों ने हस्ताक्षर नहीं किए थे।

दिन का महत्व

यह दिन किसी भी देश द्वारा सभी प्रकार के परमाणु हथियारों के परीक्षण और इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तात्कालिकता पर प्रकाश डालता है। परमाणु हथियार संधि के अप्रसार के हस्ताक्षरकर्ताओं ने परमाणु हथियारों के खतरे से शांति को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.2

 

RBI दिसंबर तक CBDC की परीक्षण परियोजना शुरू करेगा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार, RBI दिसंबर 2021 तक अपनी डिजिटल मुद्रा का परीक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है।

मुख्य बिंदु

  • फिलहाल RBI चरणबद्ध तरीके से अपनी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (Central Bank Digital Currency – CBDC) लाने पर काम कर रहा है।
  • RBI, CBDC पर सावधानी से काम कर रहा है क्योंकि यह RBI के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए एक नया उत्पाद है।
  • RBI डिजिटल मुद्रा के विभिन्न पहलुओं का भी अध्ययन कर रहा है और इसकी सुरक्षा के साथ-साथ देश के वित्तीय क्षेत्र पर इसके प्रभाव की जांच कर रहा है।
  • मौद्रिक नीति और प्रणाली में मुद्रा पर इसके प्रभाव का भी अध्ययन किया जा रहा है।

2021 में किए गए केंद्रीय बैंकों के BIS सर्वेक्षण के अनुसार, वर्तमान में 86% बैंक CBDC की क्षमता की जांच कर रहे हैं। 60% केंद्रीय बैंक प्रौद्योगिकी का परीक्षण कर रहे हैं जबकि 14% पायलट प्रोजेक्ट चला रहे हैं।

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) क्या है?

CBDC एक प्रकार की वर्चुअल करेंसी है, जो सेंट्रल बैंक द्वारा जारी की जाती है। यह करेंसी पेपर करेंसी नोट का डिजिटल वर्जन है। यह मुद्रा दुनिया के कई देशों में विकसित की जा रही है और कुछ देश इसका परीक्षण कर रहे हैं।

SOURCE-DANIK JAGARAN

PAPER-G.S.3

 

भारत-जर्मनी ने अदन की खाड़ी में संयुक्त अभ्यास किया

भारत और जर्मनी की नौसेनाओं ने 26 अगस्त, 2021 को अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में एक संयुक्त अभ्यास किया।

मुख्य बिंदु

  • संयुक्त अभ्यास में हेलीकॉप्टर लैंडिंग के साथ-साथ खोज और जब्ती अभियान शामिल थे।
  • भारतीय नौसेना के फ्रिगेट ‘त्रिकंद’ ने ‘बायर्न’ नामक जर्मन फ्रिगेट के साथ अभ्यास किया।
  • आईएनएस त्रिकंद को अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त के लिए तैनात किया गया है।

अभ्यास का महत्-इंडो-पैसिफिक डिप्लॉयमेंट 2021 के हिंद महासागर चरण में दोनों नौसेनाओं के बीच अभ्यास ने अंतर-क्षमता को बढ़ाया और समुद्री क्षेत्र में उनके बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान की।

भारत-जर्मनी रक्षा संबंध

भारत और जर्मनी की नौसेनाओं ने 2008 में पहली बार संयुक्त अभ्यास का आयोजन किया, जब दोनों देशों ने 2006 में एक समुद्री डकैती-विरोधी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए।

जर्मनी की सेना-जर्मनी की सेना को मुख्य रूप से पूर्वी यूरोप की रक्षा के लिए और संचालन के पश्चिमी यूरोप में नाटो के ऑपरेशन का समर्थन करने के लिए संरचित किया गया है। जर्मनी के पास भारत-प्रशांत क्षेत्र में कोई संप्रभु क्षेत्र नहीं है और ब्रिटेन या फ्रांस के विपरीत, इस क्षेत्र में शक्ति प्रक्षेपण में भी असमर्थ है।

भारत-जर्मनी संबंध (India-Germany Relations)

यूरोप में जर्मनी भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। जर्मनी को भारत का निर्यात मुख्य रूप से कपड़ा क्षेत्र, रासायनिक उत्पादों, धातु और चमड़े के सामान, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग उत्पादों और खाद्य पदार्थों पर केंद्रित है। जर्मनी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार वार्ता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जिसे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समझौता (Bilateral Trade and Investment Agreement – BTIA) कहा जाता है। इसके अलावा, भारत मेक इन इंडिया कार्यक्रम में निवेश करने और योगदान करने के लिए जर्मनी की कंपनियों के लिए एक हॉट डेस्टिनेशन के रूप में कार्य कर सकता है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.2

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