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Current Affair 30 October 2021

Current Affairs – 30 October, 2021

पसुम्पोन मुथुरामलिंग थेवर

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने थेवर जयंती के अवसर पर महान पसुम्पोन मुथुरामलिंग थेवर के बहुमूल्य योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा;

“थेवर जयंती के विशेष अवसर पर, मैं महान पसुम्पोन मुथुरामलिंग थेवर के बहुमूल्य योगदान को याद करता हूं। अत्यंत बहादुर और दयालु थेवर ने अपना जीवन लोक कल्याण और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने किसानों और श्रमिकों के कल्याण के लिए कई प्रयास किए।

उक्किरापंडी मुथुरामलिंगम (30 अक्टूबर 1908 – 30 अक्टूबर 1963), जिसे पसुम्पोन मुथुरामलिंगम के नाम से भी जाना जाता है, एक राजनीतिज्ञ और भारत के तमिलनाडु राज्य में थेवर समुदाय के संरक्षक थे। वे तीन बार राष्ट्रीय संसदीय क्षेत्र के लिए चुने गए। [जन्मे पसुम्पोन उक्किरापंडी मुथुरामलिंगा थेवारो पसुम्पोन, मुदुकुलथुर, रामनाद जिला, मद्रास प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत (अब रामनाथपुरम जिला, तमिलनाडु, भारत में) मृत्यु 30 अक्टूबर 1963 (उम्र 55)विश्राम स्थल पसुम्पोन, तमिलनाडु दूसरों के नाम देइवा थिरुमगनारी।

व्यवसाय- भारतीय स्वतंत्रता सेनानी,किसान,राजनीतिज्ञ तमिलनाडु से आईएनए को मजबूत करने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ सहयोग के लिए जाना जाता है। आपराधिक जनजाति अधिनियम का विरोध।

राजनीतिक दल – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1939 तक अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.1

 

भारत अमेरिका युद्धाभ्यास 2021

भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण “युद्ध अभ्यास 2021” का 17 वां संस्करण 29 अक्टूबर, 2021 को संयुक्त बेस एल्मेंडॉर्फ रिचर्डसन, अलास्का में संपन्न हुआ। इस 14 दिवसीय अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं को एक दूसरे की अभियानगत प्रक्रियाओं, युद्ध अभ्यासों और अंतर-संचालनीयता एवं अन्य बातों के बारे में परिचित कराना था। भारतीय दल में मद्रास रेजिमेंट के एक इन्फैंट्री बटालियन समूह के 350 कर्मी शामिल थे, जबकि अमेरिकी दल में 40वीं कैवलरी रेजिमेंट के पहले स्क्वाड्रन (एयरबोर्न) के 300 सैनिक शामिल थे।

इस अभ्यास को दो चरणों में आयोजित किया गया था। पहले चरण में दोनों टुकड़ियों द्वारा कॉम्बैट कंडीशनिंग और सामरिक प्रशिक्षण शामिल था। पहले चरण में दोनों दलों द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण को सत्यापन चरण में व्यवहार में लाया गया। दोनों टुकड़ियों ने संयुक्त रूप से सत्यापन अभ्यास में भाग लिया जिसमें कॉम्बैट शूटिंग, रैपलिंग और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की हेलीकॉप्टर के माध्यम से तैनाती शामिल थी। सैनिकों को भारतीय और अमेरिकी सेनाओं की मिश्रित प्लाटून के साथ मिली जुली कंपनियों में संगठित किया गया था और सत्यापन अभ्यास का समापन पहाड़ी इलाकों में दुश्मन की स्थिति पर डाली गई रेड और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में हुआ।

दोनों सेनाओं ने प्लाटून और कंपनी स्तर के अभियानों के संचालन में एक दूसरे की विशेषज्ञता और अनुभव से सीखा है। अभ्यास ने आपसी विश्वास, अंतर-संचालन को मजबूत किया है और दो दलों के बीच सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने योग्य बनाया है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.2

 

ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 में संशोधन का प्रस्ताव

ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों और बदलते वैश्विक जलवायु परिदृश्य के बीच, भारत सरकार ने ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 में कुछ संशोधनों का प्रस्ताव करके नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल के उच्च स्तर को प्राप्त करने के लिए नए क्षेत्रों की पहचान की है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य उद्योग, निर्माण, परिवहन आदि जैसे क्षेत्रों में अक्षय ऊर्जा की मांग को बढ़ाना है।

विद्युत मंत्रालय ने हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद संशोधन तैयार किए हैं। प्रस्ताव में औद्योगिक इकाइयों या किसी प्रतिष्ठान द्वारा समग्र खपत में अक्षय ऊर्जा के न्यूनतम हिस्से को परिभाषित करना शामिल है। कार्बन बचत प्रमाण पत्र के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करने के प्रयासों को प्रोत्साहित करने का प्रावधान होगा। माननीय विद्युत मंत्री श्री आर.के. सिंह ने हाल ही में प्रस्तावित संशोधनों की समीक्षा की और संबंधित मंत्रालयों/विभागों और राज्य सरकारों से टिप्पणियां और सुझाव लेने का निर्देश दिया। तदनुसार, श्री आलोक कुमार, सचिव (विद्युत मंत्रालय) ने हितधारकों, मंत्रालयों और संगठनों के साथ 28 अक्टूबर, 2021 को ईसी अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को अंतिम रूप देने के लिए एक बैठक आयोजित की थी।

अधिनियम की विस्तार से समीक्षा करने के लिए, संभावित संशोधनों पर चर्चा करने और सुझाव प्राप्त करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ चार हितधारक परामर्श बैठकें (एक राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला और तीन क्षेत्रीय परामर्श) आयोजित की गईं। इसके अलावा, प्रस्तावित संशोधनों में अधिनियम के तहत मूल रूप से परिकल्पित संस्थानों को मजबूत करने का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्तावित संशोधन भारत में कार्बन बाजार के विकास की सुविधा प्रदान करेंगे और अक्षय ऊर्जा की न्यूनतम खपत निर्धारित करेंगे चाहे वो प्रत्यक्ष खपत के रूप में हो या ग्रिड के माध्यम से अप्रत्यक्ष खपत के रूप में। इससे जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा खपत और वातावरण में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी।

भारत जलवायु परिवर्तन की वैश्विक समस्या से निपटने में सबसे आगे खड़ा है और 2005 के स्तर के मुकाबले 2030 में उत्सर्जन की तीव्रता को 33-35% तक कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के लिए प्रतिबद्ध है। विद्युत मंत्रालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत 2030 तक गैर-जीवाश्म-ईंधन ऊर्जा संसाधनों से 40 प्रतिशत से अधिक संचयी विद्युत शक्ति की स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, ऊर्जा दक्षता उपायों को अपनाने से, भारत 2030 तक लगभग 550 एमटी सीओ2 को कम करने की क्षमता रखता है। ऊर्जा संरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छ प्रौद्योगिकियों को अपनाने को बढ़ावा देगा। इन प्रावधानों से उद्योगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मौजूदा जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देने में सुविधा होगी।

स्वच्छ प्रौद्योगिकियों का उपयोग बढ़ने से कार्बन क्रेडिट के रूप में अतिरिक्त प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप जलवायु कार्यों में निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी। प्रस्ताव में स्थायी आवास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़े आवासीय भवनों को शामिल करने के लिए अधिनियम के दायरे का विस्तार करना भी शामिल है।

विद्युत मंत्रालय ने कहा है कि ऊर्जा की आवश्यकता अपरिहार्य है और बदलते व्यावसायिक परिदृश्य के साथ, यह पर्यावरण पर और दबाव डाले बिना देश को ऊर्जा संपन्न बनाने की आवश्यकता को पूरा करना और भी अनिवार्य हो गया है। ईसी अधिनियम, 2001 में संशोधन के साथ, संस्थानों को हमारी पेरिस प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए योगदान करने और हमारे एनडीसी को समय पर पूरी तरह से लागू करने के लिए सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

‘State of the Climate in Asia’ रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने 25 अक्टूबर, 2021 को “State of the Climate in Asia” शीर्षक से अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • इस रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में, एशिया को रिकॉर्ड पर अपने सबसे गर्म वर्ष का सामना करना पड़ा।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार चरम मौसम (extreme weather) महाद्वीप के विकास पर भारी असर डाल रहा है।
  • 2020 में, एशिया में चरम मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण हजारों लोगों की जान चली गई, अरबों डॉलर खर्च हुए, लाखों लोग विस्थापित हुए, और बुनियादी ढांचे और पारिस्थितिक तंत्र पर भारी असर पड़ा।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, सतत विकास (sustainable development) को खतरा है क्योंकि स्वास्थ्य जोखिम, खाद्य और पानी की असुरक्षा, और पर्यावरणीय गिरावट बढ़ रही है।
  • बढ़ी हुई गर्मी और उमस से एशिया में काम के घंटों का प्रभावी नुकसान होगा।
  • 2020 में एशिया में बाढ़ और तूफान ने लगभग 50 मिलियन लोगों को प्रभावित किया, जिससे लगभग 5,000 लोग मारे गए।

देशों में कुल औसत नुकसान

  • चीन को 238 अरब डॉलर, भारत को 87 अरब डॉलर, जापान को 83 अरब डॉलर और दक्षिण कोरिया को 24 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।
  • अर्थव्यवस्था के आकार को ध्यान में रखते हुए, ताजिकिस्तान के लिए औसत वार्षिक नुकसान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 9%, लाओस के लिए 5.8% और कंबोडिया के लिए 5.9% तक होने की संभावना है

विश्व मौसम विज्ञान संगठन

विश्व मौसम विज्ञान संगठन एक मौसम विज्ञान संगठन है, जिसे 11 अक्टूबर 1947 को हुई संधि के बाद 23 मार्च 1950 में स्थापित किया गया। हर वर्ष 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस बनाया जाता है।

SOURCE-THE HINDU

PAPER-GS,1PRE

 

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद

भारत सरकार ने 27 अक्टूबर, 2021 को प्रधानमंत्री के लिए सात सदस्यीय आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC) का पुनर्गठन किया।

मुख्य बिंदु

  • सितंबर 2021 में इसका कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई EAC का गठन किया गया।
  • इसे दो साल की अवधि के लिए पुनर्गठित किया गया है।

अंशकालिक सदस्य

RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन, NCAER की महानिदेशक पूनम गुप्ता और IIM-अहमदाबाद के प्रोफेसर टी.टी. राम मोहन को नए अंशकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। अन्य अंशकालिक सदस्य देबरॉय, नीलकंठ मिश्रा, साजिद चेनॉय हैं।

परिषद के अध्यक्ष

बिबेक देबरॉय (Bibek Debroy) इस परिषद के अध्यक्ष बने रहेंगे।

परिषद की जिम्मेदारियां

  • इस परिषद को किसी भी मुद्दे, आर्थिक या अन्यथा, का विश्लेषण करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो इसे प्रधानमंत्री द्वारा संदर्भित किया जाता है।
  • यह परिषद् व्यापक आर्थिक महत्व के मुद्दों को भी संबोधित करेगी और इस पर अपने विचार प्रधानमंत्री को प्रस्तुत करेगी।
  • ये जिम्मेदारियां या तो स्वप्रेरणा से या प्रधानमंत्री या किसी अन्य व्यक्ति के संदर्भ में हो सकती हैं।

EAC-PM

EAC-PM एक स्वतंत्र निकाय है, जो सरकार को आर्थिक और नीति संबंधी मामलों पर सलाह देता है। इसका गठन पहली बार सितंबर 2017 में दो साल की अवधि के लिए किया गया था।

बिबेक देबरॉय (Bibek Debroy)

बिबेक देबरॉय 2015 से 2019 तक नीति आयोग के सदस्य थे। वह दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 2015 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G,S,2

 

प्रधानमंत्री ने भारत-आसियान स्टार्ट-अप फेस्टिवल का प्रस्ताव रखा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अक्टूबर, 2021 को भारत-आसियान स्टार्ट-अप फेस्टिवल का प्रस्ताव दिया।

मुख्य बिंदु

  • यह घोषणा “18वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन” में आसियान के नेताओं की एक वर्चुअल बैठक में की गई थी।
  • इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने आसियान भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की शीघ्र समीक्षा करने का भी आह्वान किया।

FTA का महत्व

FTA की समीक्षा के लिए आसियान की मंजूरी भारत के लिए गैर-टैरिफ बाधाओं की समस्या का समाधान करने के लिए महत्वपूर्ण है जिसका भारतीय व्यवसाय सामना करते हैं। FTA लागू होने के बाद 2010 से आसियान क्षेत्र के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़ गया है। इस प्रकार, व्यापार घाटे को पाटने के लिए ब्लॉक को कुछ उपाय करने चाहिए।

भारत-आसियान स्टार्ट-अप फेस्टिवल

भारत-आसियान स्टार्ट-अप फेस्टिवल की घोषणा वर्ष 2022 में भारत और आसियान के बीच मैत्री वर्ष समारोह के एक भाग के रूप में की गई थी। इसकी घोषणा कोविड-19 आर्थिक सुधार के बाद प्रौद्योगिकी और नवाचार के महत्व को रेखांकित करते हुए की गई थी।

भारत-आसियान संबंध (India-ASEAN Relations)

आसियान के साथ भारत के संबंध उसकी विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह संबंध एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East Policy) की नींव के रूप में कार्य करता है। भारत और आसियान ने 25 साल की डायलॉग पार्टनरशिप, 5 साल की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और 15 साल की समिट लेवल की बातचीत आसियान के साथ शेयर की है।

आर्थिक संबंध

आसियान भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। आसियान के साथ भारत का व्यापार भारत के कुल व्यापार का 10.6% है। आसियान को भारत का निर्यात कुल निर्यात का 11.28% है।

आसियान भारत-व्यापार परिषद (AIBC)

AIBC की स्थापना 2003 में भारत और आसियान के प्रमुख निजी क्षेत्र के खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने के लिए की गई थी।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.2

 

‘Deep Dive Online Training Programme’

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) भारत में साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से “डीप डाइव ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम” (Deep Dive Online Training Programme) का आयोजन कर रहा है।

प्रमुख बिंदु

  • यह सप्ताह भर चलने वाला प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारियों (CISO) के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों के तकनीकी प्रमुखों, विभागों और संगठनों, विभिन्न मंत्रालयों, बैंक संगठनों और सार्वजनिक उपक्रमों का प्रतिनिधित्व करने वाले फ्रंट-लाइन आईटी कर्मचारियों के लिए आयोजित किया जा रहा है।
  • यह कार्यक्रम 25 अक्टूबर को शुरू हुआ और 30 अक्टूबर, 2021 को समाप्त होगा। इस कार्यक्रम का समय राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह समारोह के साथ मेल खाता है।

Deep Dive Online Training Programme

  • डीप डाइव ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम साइबर सुरक्षित भारत पहल (Cyber Surakshit Bharat Initiative) के तहत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (National e-Governance Division) द्वारा आयोजित कार्यशालाओं की श्रृंखला का एक हिस्सा है।
  • यह कार्यक्रम CISO और अन्य प्रतिभागियों को दुनिया भर में साइबर पर्यावरण की बदलती गतिशीलता की बेहतर समझ के साथ खुद को लैस करने में मदद करेगा।

साइबर सुरक्षित भारत पहल (Cyber Surakshit Bharat Initiative)

‘साइबर सुरक्षित भारत पहल’ जनवरी 2018 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा शुरू की गई थी। यह अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी पहल है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के ज्ञान भागीदार CERT-In, CDAC, STQC और NIC हैं।

SOURCE-THE HINDU

PAPER-G.S.1 PRE