मनी लॉन्ड्रिंग

संदर्भ

वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने 2014-2022 के दौरान सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी से संबंधित 515 मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में लगभग 47,099 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है।

इसके बारे में :

  • साथ ही, उपरोक्त 515 मामलों में से, 137 मामले बैंक धोखाधड़ी से संबंधित हैं, जिसमें प्रत्येक मामले में शामिल राशि ₹ 100 करोड़ से अधिक है। ऋण भगोड़ों के कुछ मामलों में, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत 29 जुलाई, 2022 तक 19,312 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की है।
  • यह आंकड़ा इन मामलों में ₹22,586 करोड़ की धोखाधड़ी की राशि का 5% है।
  • भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, सार्वजनिक और निजी बैंकों ने 2014-15 से 2021-22 तक गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) खातों में 8,39,452 करोड़ रुपये की वसूली की, जिसमें धोखाधड़ी के रूप में रिपोर्ट किए गए खाते भी शामिल हैं।

धन शोधन

धन शोधन या मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) एक जघन्य अपराध है जो न केवल देश के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को प्रभावित करता है, बल्कि आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अन्य गंभीर अपराधों को भी बढ़ावा देता है। यह एक बढ़ती हुई समस्या है जिसे संबोधित करने की आवश्यकता है।

  • वर्ष 2002 में तैयार किये गए धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention Of Money Laundering Act- PMLA) में धन शोधन के अपराध से निपटने के लिये इसे और प्रबल बनाने हेतु समय-समय पर कई महत्त्वपूर्ण परिवर्तन किये गए हैं।
  • देश भर में कई याचिकाएँ दायर की गई हैं जो PMLA के तहत प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) को अपराधपूर्ण तरीके से अर्जित आय मानी जाने वाली संपत्तियों की तलाशी, जब्ती, जाँच और कुर्की करने के लिये सौंपी गई अबाध शक्तियों पर सवाल उठाती हैं।

धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002

  • मनी लॉन्ड्रिंग से तात्पर्य वैसे धन के रूपांतरण से है जो गैरकानूनी स्रोतों और विधियों द्वारा अवैध रूप से प्राप्त किया गया है।
  • यह भारत में एक आपराधिक कृत्य है और इस मामले में आरोप धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के वैधानिक प्रावधानों का संदर्भ लेते हैं।
  • PMLA को भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता (वियना कन्वेंशन) की अनुक्रिया में धन शोधन की समस्या का मुकाबला करने के लिये अधिनियमित किया गया था। इसमें शामिल हैं :
    • नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों में अवैध तस्करी के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन, 1988
    • सिद्धांतों का बेसल वक्तव्य, 1989
    • धन शोधन पर वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की चालीस सिफारिशें, 1990
    • संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 1990 में अपनाई गई राजनीतिक घोषणा और वैश्विक कार्रवाई कार्यक्रम
  • PMLA सभी पर लागू होता है जिसमें व्यक्ति, कंपनियाँ, फर्म, साझेदारी फर्म, व्यक्तियों के संघ या निगमन और उपर्युक्त में से किसी के भी स्वामित्व या नियंत्रण वाली कोई एजेंसी, कार्यालय या शाखा शामिल हैं।

प्रवर्तन निदेशालय

  • प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत कार्यरत एक विशेष वित्तीय अन्वेषण एजेंसी है।
  • वर्ष 1956 में आर्थिक मामलों के विभाग में विनिमय नियंत्रण कानून के उल्लंघन से निपटने के लिये आर्थिक मामलों के विभाग में एक ‘प्रवर्तन इकाई’ का गठन किया गया।
  • वर्ष 1957 में इस इकाई का नाम बदलकर ‘प्रवर्तन निदेशालय’ कर दिया गया।
  • ED निम्नलिखित कानूनों को लागू करता है :
    • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999
    • धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002

SOURCE-THE HINDU

PAPER-G.S.3