पृथ्वी का मंगल ग्रह कहे जाने वाले चिली के अटाकामा मरुस्थल पर कचरे के बढ़ते ढेर ने वैज्ञानिकों की बढ़ाई चिंता

पृथ्वी का मंगल ग्रह कहे जाने वाले चिली के अटाकामा मरुस्थल पर कचरे के बढ़ते ढेर ने वैज्ञानिकों की बढ़ाई चिंता

  • पृथ्वी का मंगल ग्रह कहे जाने वाले चिली के अटाकामा मरुस्थल पर कचरे के बढ़ते ढेर ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।
  • मंगल पर पहुंचने की दिशा में एक अहम कड़ी बनने वाली इस जगह पर बढ़ते कचरे के कारण शोधकर्ता केवल पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित हैं, बल्कि इससे मंगल ग्रह के अध्ययन से जुड़ी कई जानकारियां नष्ट होने का भी खतरा है।
  • यहां के वातावरण में पनपने वाले सूक्ष्म जीवों का अध्ययन मंगल पर जीवन की खोज में अहम माना जा रहा है।
  • अटाकामा रेगिस्तान को कई देश कूड़ेदान की तरह प्रयोग करने में लगे हैं। अमेरिका और यूरोप के कई देश यहां कचरा फेंकते हैं।

अटाकामा मरुस्थल:

  • अटाकामा मरुस्थल उत्तरी चिली, दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्थित एक तटीय रेगिस्तान हैयह एंडीज और चिली कोस्ट रेंज के बीच स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति ही नमी को यहां नहीं पहुंचने देती है।
  • यह एक पठारी क्षेत्र है, जो वर्षा रहित है। यह ध्रुवीय क्षेत्र को छोड़कर पृथ्वी का सबसे शुष्क क्षेत्र है। इस रेगिस्तानी क्षेत्र में औसत वर्षा कुल 15 मि.मी. प्रति वर्ष तक ही सीमित है। कुछ भागों में तो वर्षा के होने के कोई मानवीय प्रमाण उपलब्ध ही नहीं हैं।
  • शोधकर्ताओं का कहना है कि बिना पानी, अत्यधिक सौर विकिरण और पोषक तत्वों के अभाव में में भी इन जीवों का पनपना इस खोज में अहम कड़ी साबित होगा कि मंगल ग्रह पर जीवन कैसे बसाया जा सकता है।

मंगल ग्रह के समान दशाओं वाला क्षेत्र

  • दरअसल नासा इस क्षेत्र को मंगल ग्रह के समान दशाओं वाला मानती है।
  • 2017 में, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने इसी जगह अपने रोवर के शुरुआती मॉडल का परीक्षण किया था जो अभी मंगल पर जीवन के संकेतों की खोज कर रहा है।
  • मंगल ग्रह के समान परिस्थिति होने की वजह से रोवर की ड्रिलिंग क्षमताओं का यहां के रेगिस्तान में ही परीक्षण किया गया था।
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