1. हाल ही में रतन टाटा जी का देहांत हुआ, जिन्हे ‘परोपकारी पूंजीवाद’ का जीती जागती प्रतिमूर्ति माना जाता है। ऐसे में ‘परोपकारी पूंजीवाद’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:
- इस शब्द का पहली बार प्रयोग 2006 में द इकोनॉमिस्ट पत्रिका में प्रकाशित एक लेख द्वारा किया गया था।
- इसके तहत पूंजीवाद के लाभ को समाज तक विस्तारित करने पर बल दिया जाता है।
उपर्युक्त दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?