1. हाल ही में सेबी अध्यक्ष से मामले में चर्चा रहे ‘हितों के टकराव’ के मुद्दे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:
- यह मुद्दा तब उठता है जब कोई संस्था या व्यक्ति, व्यक्तिगत हितों और पेशेवर कर्तव्यों या जिम्मेदारियों के बीच टकराव के कारण अविश्वसनीय हो जाता है।
- हितों के टकराव वाली स्थिति में कानूनी तौर पर व्यक्ति के पास अपने पद से हटने के आलावा कोई विकल्प नहीं होता है।
उपर्युक्त दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?