सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़े अधिकांश राज्य
- मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, ‘कारोबारी सुगमता (Ease of Doing Business)’ की दिशा में, ‘नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम’ मार्च, 2023 तक सभी राज्यों के साथ काम करना शुरू कर देगा।
नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम:
- उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने बताया कि नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम एक ऐसा वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां कोई बिजनेस शुरू करने के लिए जरूरी केंद्र और राज्यों की सभी मंजूरियों को लिया जा सकेगा।

- केंद्र सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत देश में कारोबारी सुगमता (ease of doing business) बढ़ाने के लिए शुरू की है।
- इस सुविधा की शुरुआत सितंबर, 2021 में हो चुकी है और अभी तक कुल 30 हजार आवेदन मिले हैं। इसमें से 13,764 को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है।
- इस सिस्टम में अभी तक 16 राज्य एवं एक केंद्र शासित प्रदेश शामिल हुए हैं।
- असम, गोआ, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और नगालैंड ने सिंगल विंडो सिस्टम को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा जम्मू–कश्मीर भी इस सिस्टम का हिस्सा बन चुका है। शेष राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के इस वर्ष या 2023 के मार्च महीने तक इस सिस्टम से जुड़ने की उम्मीद है।
- इस विंडो के तहत DPIIT का उद्देश्य 32 केंद्रीय विभागों से 368 तरह की मंजूरियां इस सिंगल विंडो के जरिये दिलाने का है।
Note: यह सूचना प्री में एवं मेंस के GS -3, के “औद्योगिक नीति में परिवर्तन और औद्योगिक विकास पर उनके प्रभाव” वाले पाठ्यक्रम से जुड़ा हुआ है।