एंड्योरेंस मिशन

नासा के एंड्योरेंस मिशन (Endurance Mission) को ले जाने वाला एक रॉकेट हाल ही में लॉन्च किया गया।

मिशन का उद्देश्य

इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि पृथ्वी ग्रह जीवन का समर्थन क्यों करता है, जबकि मंगल और शुक्र जैसे अन्य ग्रह नहीं करते हैं। पृथ्वी जैसा गीला ग्रह जीवन के अस्तित्व के लिए उपयुक्त है। शुक्र कभी पानी वाला ग्रह था लेकिन बाद में अज्ञात कारणों से सूख गया। यदि हम यह समझें कि शुक्र क्यों सूख गया, तो रहने योग्य ग्रहों के बारे में हमारा ज्ञान बढ़ जाएगा।

एंड्योरेंस मिशन के तहत क्या किया जाएगा?

पृथ्वी की वैश्विक विद्युत क्षमता (global electric potential) को मापा जाएगा। माना जाता है कि पृथ्वी की यह विद्युत क्षमता बहुत कमजोर है और इस प्रकार यह जीवन का समर्थन कर सकती है।

विद्युत क्षमता को मापना क्यों महत्वपूर्ण है?

2016 में, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) वीनस एक्सप्रेस मिशन ने शुक्र के चारों ओर एक 10-वोल्ट विद्युत क्षमता का पता लगाया। यदि विद्युत क्षमता मौजूद है, तो धनावेशित कण ग्रह की सतह से दूर खींच लिए जाएंगे। इस प्रकार, शुक्र के आसपास की विद्युत क्षमता ने पानी के धनात्मक आवेशित अवयवों को खींच लिया होगा, जो शुक्र के समय के साथ शुष्क होने का कारण हो सकता है। शुक्र और पृथ्वी दोनों में एक आयनोस्फीयर (इसके वायुमंडल की विद्युत आवेशित बाहरी परत) है। इसलिए वैज्ञानिक जानना चाहते हैं कि क्या पृथ्वी में समान विद्युत क्षमता है। यदि विद्युत क्षमता है, तो वे यह जांचना चाहते हैं कि पृथ्वी में पानी क्यों है।

SOURCE-THE HINDU

PAPER-G.S.3