Current Affair 1 August 2021

Current Affairs – 1 August, 2021

उत्तरी सिक्किम में भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच हॉटलाइन की स्थापना

सीमा पर विश्वास और सौहार्दपूर्ण संबंधों की भावना को आगे बढ़ाने के लिए उत्तरी सिक्किम के कोंगरा ला में भारतीय सेना और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के खंबा ज़ोंग में पीएलए के बीच एक हॉटलाइन स्थापित की गई। यह आयोजन दिनांक 1 अगस्त 2021 को पीएलए दिवस के साथ सम्पन्न हुआ।

दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच जमीनी स्तर पर तैनात कमांडरों के बीच संचार हेतु अच्छी तरह स्थापित तंत्र है। विभिन्न क्षेत्रों में यह हॉटलाइन इस संवाद को बढ़ाने और सीमा पर शांति बनाए रखने में एक महती भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर उद्घाटन में संबंधित सेनाओं के ग्राउंड कमांडरों ने भाग लिया और हॉटलाइन के माध्यम से मित्रता और सद्भाव के संदेश का आदान-प्रदान किया गया।

हॉटलाइन

हॉटलाइन एक तरह की विशेष दूरभाष सुविधा है जिसमें एक व्यक्ति (दूरभाष) से दूसरे व्यक्ति (दूरभाष) को सुरक्षित तरीके से जोड़ा जाता है। इस प्रणाली में रिसीवर उठाते ही सम्बंधित व्यक्ति से ही संपर्क हो जाता है। इसमें डायल नहीं करना पड़ता है। यह संचार सेवा की सबसे सुरक्षित प्रणाली मानी जाती है। इसमें एक दूरभाष से पहले से निर्धारित दूसरे दूरभाष से ही सम्पर्क होता है और संपर्क कहीं और नहीं जुड़ता।

संकट और सेवा के लिए

संचार सेवा की इस विधा में संकट के समय पूर्व निर्धारित व्यक्ति से २४ घंटे किसी भी समय बिना किसी बाधा के बात की जा सकती है।

श्व की प्रमुख हॉटलाइन

संयुक्त राज्य अमेरिका -रूस

मास्को और वाशिंगटन के मध्य विश्व की सबसे प्रसिद्ध हॉटलाइन सेवा है। इसे रेड टेलेफोन भी कहते हैं। यह हॉटलाइन सेवा जून २० ,१९६३ को प्रारम्भ हुयी थी।

संयुक्त राज्य अमेरिका -यूनिटेड किंगडम

द्वितीय विश्व युद्ध के मध्य १९४३ और १९४६ के समय स्थापित यह सेवा सबसे सुरक्षित थी।

रूस -चीन

मास्को और बीजिंग के मध्य १९६९ में यह सेवा प्रारम्भ हुई। लेकिन चीन ने कालांतर में इस सेवा से अपने अलग कर लिया। वर्ष १९९६ में में पुनः दोनों देशों के मध्य हॉटलाइन सेवा प्रारम्भ हो गयी।

रूस -फ्रांस

वर्ष १९६६ में फ़्रांस के राष्ट्रपति रूस गए तो वहां पर उन्होंने दोनों देशों के मध्य हॉटलाइन सेवा चालू करने का निश्चय किया और पेरिस और मास्को के मध्य हॉटलाइन सेवा प्रारम्भ हो गयी।

रूस -यूनाइटेड किंगडम

लंदन और मास्को के बीच हॉटलाइन सेवा १९९२ में प्रारम्भ हुयी और २०११ में अपग्रेड हुयी।

भारत -पाकिस्तान

भारत और पाकिस्तान के मध्य न्यूक्लियर युद्ध की ग़लतफ़हमी को दूर करने के लिए जून 20,2004 को संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना के अधिकारीयों की मदद से इस्लामाबाद और नई दिल्ली के मध्य हॉटलाइन सेवा प्राम्भ हुयी।

संयुक्त राज्य अमेरिका -चीन

वर्ष २००८ में सुरक्षा हॉटलाइन प्रारम्भ की गयी।

चीन -भारत

अगस्त २०१५ में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के स्तर पर हॉटलाइन सेवा चालू करने की सहमति बनी परन्तु अभी कार्यरत नहीं हो सकी।

चीन -जापान

फरवरी २०१३ में चीन और जापान के हॉटलाइन सेवा पर सहमति हुयी। लेकिन आज तक चालू नहीं है।

नार्थ कोरिया -साउथ कोरिया

सिओल और प्योंगयांग के मध्य रेड क्रॉस द्वारा संचालित हॉटलाइन सेवा १८ अगस्त १९७२ को प्रारम्भ हुयी। उत्तरी कोरिया ने मार्च ११,२०१३ को हॉटलाइन सेवा बंद कर दी।

सयुंक्त राज्य अमेरिका -भारत

२१ अगस्त २०१५ को वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच हॉटलाइन सेवा प्रारम्भ हुयी।

SOURCE-PIB

 

श्री दीपक दास

श्री दीपक दास ने आज लेखा महानियंत्रक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। श्री दीपक दास लेखा महानियंत्रक (सीजीए) का पदभार संभालने वाले 25वें अधिकारी हैं।

श्री दीपक दास 1986 बैच के भारतीय सिविल लेखा सेवा (आईसीएएस) अधिकारी हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा 1 अगस्त, 2021 से वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के रूप में नियुक्त किया गया है।

श्री दास ने अपने 35 वर्षों के लंबे करियर के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं वन, उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग और भारी उद्योग, वाणिज्य एवं कपड़ा, कृषि एवं किसान कल्याण, सड़क परिवहन, राजमार्ग, नौवहन, गृह जैसे मंत्रालयों और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड में विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। श्री दास भारतीय सिविल लेखा सेवा की प्रशिक्षण अकादमी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंट अकाउंट्स एंड फाइनैंस (आईएनजीएएफ) के निदेशक भी रहे हैं।

श्री दास ने भारत सरकार में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए महत्वपूर्ण विभागों को संभाला है। वहां उन्होंने रक्षा मंत्रालय में उप सचिव के साथ-साथ निदेशक के पद पर कार्य किया है। इसके अलावा उनहोंने पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण में सदस्य (वित्त) के तौर पर भी कार्य किया है।

सीजीए का कार्यभार संभालने से पहले श्री दास ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक के रूप में कार्य किया है। वहां प्रत्यक्ष कर संग्रह, रिपोर्टिंग और रसीद लेखांकन से संबंधित तकनीकी से संचालित कई महत्वपूर्ण पहले में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

श्री दास दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।

लेखा नियंत्रक (सीजीए)

  • वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग में महालेखानियंत्रक, भारत सरकार के प्रधान लेखा सलाहकार हैं और तकनीकी रूप से समर्थ प्रबंधन लेखांकन प्रणाली की स्थापना और उसके अनुरक्षण के लिए उत्तरदायी हैं। महालेखानियंत्रक का कार्यालय, केन्द्र सरकार के लिए व्यय, राजस्व, ऋणों और विभिन्न राजकोषीय संकेतकों का मासिक और वार्षिक विश्लेषण तैयार करता है। संविधान के अनुच्छेद 150 के तहत वार्षिक विनियोजन लेखे (सिविल) और केन्द्रीय वित्त लेखे, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की सलाह पर संसद में प्रस्तुत किए जाते हैं। इन दस्तावेजों के साथ-साथ ‘लेखे एक नजर में’ नामक एक एमआईएस रिपोर्ट तैयार की जाती है और माननीय संसद सदस्यों को परिचालित की जाती है।
  • इसके अलावा, यह केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए लेखांकन के सामान्य सिद्धांतों, स्वरूप और प्रक्रिया से संबंधित नीतियां भी बनाता है। केन्द्रीय सिविल मंत्रालयों/विभागों में भुगतान, आय और लेखांकन मामलों में प्रक्रिया का संचालन करता है। यह सरकार की राजकोषीय नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के उद्देश्य से एक सुदृढ़ वित्तीय सूचना प्रणाली के माध्यम से केन्द्र सरकार के मासिक एवं वार्षिक लेखे तैयार करने, उन्हें समेकित करने एवं प्रस्तुत करने का काम करता है। यह मंत्रालयों/विभागों में प्रबंधन लेखांकन प्रणालियां शुरू करने में समन्वय एवं सहायता भी प्रदान करता है ताकि कुशल नकदी प्रबंधन एवं प्रभावी वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली के माध्यम से सरकारी संसाधनों का इष्टतम उपयोग किया जा सके। यह, संबंधित मंत्रालयों/विभागों मंत अपनी आंतरिक लेखापरीक्षा इकाइयों के माध्यम से, विभागीयकृत लेखांकन कार्यालयों में लेखांकन के अपेक्षित तकनीकी मानकों को बनाए रखने और सिविल मंत्रालयों के विभिन्न कार्यक्रमों, स्कीमों और कार्यकलापों के वित्तीय कार्यनिष्पादन और प्रभाविता पर निगरानी रखने के लिए जिम्मेदार है।
  • यह सरकारी व्यय के संवितरण एवं सरकारी आय के संग्रहण के लिए बैंकिंग व्यवस्थाओं का संचालन करने के साथ-साथ केन्द्र सरकार के नकद शेष के मिलान हेतु सेंट्रल बैंक के साथ पारस्परिक तालमेल भी बनाए रखता है।
  • महालेखानियंत्रक का कार्यालय अपने वेब आधारित लेखापरीक्षा निगरानी तंत्र (एपीएमएस) के माध्यम से लोक लेखा समिति की रिपोर्टों और नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्टों में उल्लिखित सिफारिशों पर उपचारात्मक/निवारक कृत-कार्रवाई नोट प्रस्तुत करने की प्रगति पर निगरानी रखने तथा समन्वय करने के लिए भी जिम्मेदार है।

SOURCE-PIB

 

कुथिरन सुरंग

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कल ट्विटर पर डाले गए एक संदेश में केरल में कुथिरन सुरंग के एक छोर को खोलने का निर्देश दिया। यह राज्य की पहली सड़क सुरंग है और इससे केरल के तमिलनाडु एवं कर्नाटक से संपर्क में काफी सुधार होगा। 1.6 किमी लंबी यह सुरंग पीची-वजहानी वन्यजीव अभयारण्यसे होकर गुजरती है। यह सड़क वन्यजीवों को खतरे में डाले बिना उत्तर-दक्षिण गलियारे में महत्वपूर्ण बंदरगाहों और कस्बों से संपर्क में सुधार करेगी।

श्री गडकरी ने साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बुनियादी ढांचे में बदलाव से हर नागरिक के लिए बेहतर आर्थिक अवसर सुनिश्चित हो रहे हैं।

SOURCE-PIB

 

बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु ने आज टोक्यो ओलंपिक में महिला एकल मैच में कांस्य पदक जीता। पी वी सिंधु ने कांस्य पदक मैच में चीन की ही बिंग जियाओ को 21-13 और 21-15 से हराया और इस जीत के साथ सिंधु दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। सिंधु ने रियो 2016 में रजत पदक जीता था। पहलवान सुशील कुमार दो ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले और एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर और देश के कोने-कोने से लोगों ने पी वी सिंधु को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

पी वी सिंधु एक रजत पदक विजेता (रियो 2016 ओलंपिक) हैं। उनके माता-पिता दोनों राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी थे। उनके पिता को अर्जुन पुरस्कार मिला हुआ है। पी वी सिंधु ने महबूब अली के मार्गदर्शन में 8 साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया था और सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्युनिकेशंस के बैडमिंटन कोर्ट में बैडमिंटन की बुनियादी बातें सीखीं। ये खेल सीखने और इसकी प्रैक्टिस करने के लिए पी वी सिंधु अपने घर से बैडमिंटन कोर्ट तक आने-जाने के लिए रोज़ 56 किलोमीटर की दूरी तय करती थीं। फिर वे पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी में शामिल हुईं और 10 साल की श्रेणी में कई खिताब जीते।

व्यक्तिगत विवरण :

जन्म तिथि : 05 जुलाई, 1995

घर : हैदराबाद, तेलंगाना

प्रशिक्षण : पीजीबीए और जीएमसी बालायोगी खेल परिसर, गाचीबोवली

व्यक्तिगत कोच : पार्क ताए सांग

राष्ट्रीय कोच : पुलेला गोपीचंद

उपलब्धियां :

रजत पदक,  रियो ओलंपिक्स 2016

स्वर्ण पदक,  सीडब्ल्यूजी 2018 (टीम प्रतिस्पर्धा)

रजत पदक,  सीडब्ल्यूजी 2018

रजत पदक, एशियाई खेल 2018

विश्व चैंपियन, 2019

पुरस्कार :

पद्म भूषण (2020)

पद्म श्री (2015)

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (2016)

अर्जुन पुरस्कार (2013)

SOURCE-PIB

 

ATL Tinkerprenuer Summer Bootcamp

नीति आयोग (NITI Aayog) और अटल इनोवेशन मिशन (Atal Innovation Mission – AIM) ने दो महीने लंबे, एक विशेष और डिजिटल कौशल उद्यमिता कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसे ATL Tinkerprenuer Summer Bootcamp नाम दिया गया है और इसे पूरे भारत में आयोजित किया गया था।

प्रतिभागी (Participants)

देश भर के हाई स्कूल के छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए इस कार्यक्रम में देश के 32 राज्यों और 298 जिलों में 9,000 से अधिक प्रतिभागियों (4,000 से अधिक महिलाओं सहित) ने भाग लिया। इस बूटकैंप ने 820 ATL की भागीदारी देखी, 50 से अधिक लाइव विशेषज्ञ स्पीकर सत्र आयोजित किए गए, जिन्हें 4.5 लाख से अधिक बार देखा गया और 30 से अधिक डिजिटल और व्यावसायिक कौशल प्रदान किए गए।

कार्यक्रम की अवधि

31 मई, 2021 से 1 अगस्त, 2021 तक 9 सप्ताह तक चले इस कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को एक व्यावसायिक विचार विकसित करने और एक नया व्यवसाय स्थापित करने के लिए एक एंड-टू-एंड रणनीति बनाने में सक्षम बनाया।

प्रतिभागियों ने क्या सीखा?

इस प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों ने आवश्यक डिजिटल कौशल हासिल किया, एक डिजिटल उत्पाद के आसपास एक व्यवसाय मॉडल का निर्माण और विकास किया, एक मार्केटिंग योजना बनाई, एक ऑनलाइन स्टोर विकसित / स्थापित किया, उद्योग के विशेषज्ञों के सामने अपना परिचय प्रस्तुत करके कॉर्पोरेट वित्त और लाभ के बारे में सीखा।

एटीएल टिंकरप्रेन्योर (ATL Tinkerprenuer) का उद्देश्य

यह संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम को नवीन सोच प्रदान करने के साथ-साथ छात्रों को एक आईडिया को बिज़नस में परिवर्तित करने पर केन्द्रित था।

SOURCE-GK TODAY

 

इटली ने G20 संस्कृति मंत्रियों की बैठक की मेजबानी

29 और 30 जुलाई को रोम में पहली G20 संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई थी, इस बैठक की अध्यक्षता इटली ने की।

मुख्य बिंदु

  • यह बैठक गुरुवार को कोलोसियम के मंच पर शुरू हुई। दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के संस्कृति मंत्रियों और 40 उच्च स्तरीय सांस्कृतिक प्रतिनिधिमंडलों ने इस बैठक में भाग लिया।
  • इस बैठक में इतालवी प्रधानमंत्री, मारियो ड्रैगी, संस्कृति मंत्री, डारियो फ्रांसेचिनी और यूनेस्को के महानिदेशक, ऑड्रे अज़ोले ने भाग लिया।
  • OECD, यूनेस्को, भूमध्यसागरीय संघ, यूरोपियन परिषद, ICOM, ICCROM और ICOMOS, इंटरपोल, UNODC, और विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO) ने इन बैठकों में भाग लिया।

प्रमुख विषयों पर चर्चा

रोम में चर्चा के लिए प्रमुख विषय थे:

  • सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्र को संतुलित विकास के इंजन के रूप में संरक्षित और बढ़ावा देना जो टिकाऊ भी है।
  • प्राकृतिक आपदाओं, पर्यावरणीय गिरावट और जलवायु परिवर्तन, तोड़फोड़ और लूटपाट, और सांस्कृतिक संपत्ति में अवैध तस्करी सहित जोखिमों से सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना।
  • सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में डिजिटल और तकनीकी परिवर्तन को बढ़ावा देना।
  • समकालीन दुनिया की जटिलता और सांस्कृतिक क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता का विकास करना।
  • संस्कृति के माध्यम से जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त वक्तव्य।

निष्कर्ष

इटली ने पिछले साल दिसंबर में G20 2021 की घूर्णन अध्यक्षता ग्रहण की और 30 और 31 अक्टूबर को रोम में G20 लीडर्स समिट की मेजबानी करेगा।

SOURCE-DANIK JAGRAN

 

भारत अगस्त के लिए UNSC के अध्यक्ष के रूप में
पदभार ग्रहण करेगा

अगस्त से भारत महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का अध्यक्ष होगा और फिर राष्ट्र आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और शांति व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई के तीन प्रमुख क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा।

मुख्य बिंदु

  • संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि एस. तिरुमूर्ती अगस्त महीने के लिए सुरक्षा परिषद की कार्य योजना पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
  • वह संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को भी एक ब्रीफिंग प्रदान करेंगे जो वर्तमान में महीने के लिए अपने काम पर परिषद के स्थायी सदस्य नहीं हैं।
  • 1 जनवरी, 2021 को सुरक्षा परिषद के एक अस्थायी सदस्य के रूप में भारत का दो साल का कार्यकाल शुरू हुआ था।
  • भारत अगले साल दिसंबर में फिर से परिषद की अध्यक्षता करेगा, जो इसके दो साल के कार्यकाल का आखिरी महीना होगा।
  • भारत की अध्यक्षता के दौरान आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और शांति स्थापना के तीन मुख्य क्षेत्रों में विभिन्न उच्च स्तरीय कार्यक्रमों की मेजबानी की जाएगी।
  • समुद्री सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा परिषद के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह इस मुद्दे पर समग्र दृष्टिकोण अपनाए।
  • भारत विशेष रूप से शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए बेहतर तकनीक का उपयोग करने पर केंद्रित है।
  • आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अग्रणी देश के रूप में भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर ध्यान देना जारी रखेगा।

UNSC

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), संयुक्त राष्ट्र के 6 मुख्य अंगों में से एक है। यह अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने, संयुक्त राष्ट्र चार्टर में किसी भी बदलाव को मंजूरी देने और संयुक्त राष्ट्र के नए सदस्यों को महासभा में प्रवेश की सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार है। इसकी शक्तियों में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों को लागू करना, शांति अभियान चलाना और सैन्य अभियानों को अधिकृत करना शामिल है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एकमात्र संयुक्त राष्ट्र एजेंसी है जिसके पास सदस्य देशों के लिए बाध्यकारी प्रस्ताव जारी करने का अधिकार है।

SOURCE-GK TODAY