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Current Affair 1 October 2021

Current Affairs – 1 October, 2021

नैनो तरल यूरिया का ड्रोन से छिड़काव का सफलतापूर्वक

स्थल परीक्षण किया गया

केंद्रीय रसायन और उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री मनसूख़ मांडविया की उपस्थिति में गुजरात के भावनगर में तरल नैनो यूरिया का ड्रोन से छिड़काव करने का सफलता पूर्वक स्थल परीक्षण किया गया। इस परीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित रहे। तरल नैनो यूरिया का ड्रोन से यह प्रायोगिक परीक्षण इफको द्वारा किया गया। इफको (आईएफ़एफ़सीओ) नैनो तरल यूरिया विकसित करने वाली कंपनी है।

केंद्रीय मंत्री श्री मांडविया ने इस प्रायोगिक परीक्षण को देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। भारत, नैनो यूरिया का व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। आज न केवल नैनो यूरिया का बड़े पैमाने पर उत्पादन होने लगा है, बल्कि हमें प्रसन्नता इस बात की है कि जब से इसका उत्पादन शुरू हुआ तब से ही किसान इसे बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं। जून में इसका उत्पादन शुरू हुआ और तब से अब तक हमने नैनो यूरिया की 50 लाख से अधिक बोतलों का उत्पादन कर लिया है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया की प्रतिदिन एक लाख से अधिक बोतलों का उत्पादन किया जा रहा है।

ड्रोन से नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए आज आयोजित स्थल परीक्षण के बारे में बात करते हुए श्री मांडविया ने कहाकि “उर्वरक और कीटनाशकों के पारंपरिक छिड़काव को लेकर लोगों के मन में कई सवाल और शंकाएं बनी हुई हैं। छिड़काव करने वाले के स्वास्थ्य को इससे होने वाले संभावित नुकसान के बारे में भी चिंता व्यक्त की जाती है। ड्रोन से इसका छिड़काव इन सवालों और समस्याओं का समाधान कर देगा। ड्रोन से कम समय में अधिक से अधिक क्षेत्र में छिड़काव किया जा सकता है। इससे किसानों का समय बचेगा। छिड़काव की लागत कम होगी। इससे किसानों को आर्थिक बचत होगी। इसके साथ-साथ छिड़काव करने वाले की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

श्री मांडविया ने कहा कि तरल नैनो यूरिया बहुत कम समय में ही पारंपरिक यूरिया के एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभरा है। उन्होंने यह भी कहा कि तरल नैनो यूरिया के उपयोग से किसानों को आर्थिक बचत होगी, उत्पादकता बढ़ेगी और यूरिया आयात पर भारत की निर्भरता में भी कमी आएगी। इससे सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी कम होगा और सरकार इस बचत का इस्तेमाल अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए कर सकेगी।

इफको ने अपने अध्ययन में पाया है कि ड्रोन के द्वारा तरल नैनो यूरिया का छिड़काव किए जाने से फसलों पर यह अधिक प्रभावी है और उत्पादकता पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आज किए गए स्थल परीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और नैनो यूरिया तथा ड्रोन के छिड़काव की तकनीक के बारे में उत्सुकता से जानकारी ली। इफको के विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं को शांत किया।

नैनो यूरिया लिक्विड क्या है

हाल में ही इफको ने दुनिया की पहली नैनो यूरिया तरल लॉन्च की है। जो पुराने तरीके से इस्तेमाल की जाने वाली यूरिया को कम कर देगा। इफको की 500 ml की एक बोतल का इस्तेमाल पुरानी एक बोरी बैग के बराबर ही है। साथ ही पारंपरिक यूरिया के मुकाबले लिक्विड बोतल यूरिया पर्यावरण के लिए अधिक बेहतर है।

नैनो यूरिया कैसे बनता है?

इफको नैनो यूरिया के एक कण का आकार लगभग 30 नैनोमीटर होता है। सामान्य यूरिया की तुलना में इसका पृष्ठ क्षेत्र और आयतन अनुपात लगभग 10,000 गुना अधिक होता है। इसके अतिरिक्त, अपने अति-सूक्ष्म आकार और सतही विशेषताओं के कारण नैनो यूरिया को पत्तियों पर छिड़के जाने से पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित कर लिया जाता है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

5वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन

केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने 5वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) में शिक्षा मंत्रियों की एक बैठक में कहा, “भारत 21वीं सदी की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए वैश्विक क्षमता का निर्माण कर रहा है।

शिक्षा पर मनीला एक्शन प्लान के सिद्धांतों का समर्थन करने वाली शिक्षा, प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षा के सार्वभौमिकरण, समानता, गुणवत्ता, लागत-प्रभावशीलता और लचीलेपन को सुनिश्चित करने के लिए भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को साझा किया।

श्री प्रधान ने पीएम-ईविद्या, स्वयं, दीक्षा आदि जैसे बहु-माध्यम वाली डिजिटल पहलों का उल्लेख किया, जिसने महामारी के दौरान शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित की। उन्होंने ऑन डिमांड लर्निंग और डिजिटल असमानता को कम करने के लिए डिजिटल अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (East Asia Summit)

  • यह एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के 18 देशों के नेताओं द्वारा संचालित एक विशिष्ट मंच है जिसका गठन क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और समृद्धि के उद्देश्य से किया गया था।
  • पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) को आम क्षेत्रीय विषयों, राजनीति, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर सामरिक वार्ता तथा सहयोग के लिये एक मंच के रूप में विकसित किया गया है जो क्षेत्रीय निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • इस संबंध में ईस्ट एशिया ग्रुपिंग (East Asia Grouping) की अवधारणा पहली बार वर्ष 1991 में मलेशिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत की थी परंतु पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) इसकी स्थापना वर्ष 2005 में की गई।
  • पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) में 10 आसियान सदस्य देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, कोरिया, न्यूज़ीलैंड, रूस और अमेरिका भी शामिल हैं।

मनीला एक्शन प्लान

APEC आर्थिक नेताओं की पहली तीन बैठकों – सिएटल, बोगोर और ओसाका में आयोजित – ने दृष्टि को आकार दिया और क्रमशः APEC का लक्ष्य और एजेंडा निर्धारित किया। सुबिक बे में, APEC मनीला एक्शन प्लान फॉर APEC (MAPA) को अपनाने के साथ अपने कार्य चरण में प्रवेश करता है।

MAPA एशिया प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं के बीच समुदाय की भावना को बढ़ावा देने, स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि प्राप्त करने के एक साझा दृष्टिकोण के आधार पर, और व्यापार और निवेश उदारीकरण के लिए एक व्यापक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने में मदद करने के तरीके के रूप में सिएटल में व्यक्त दृष्टिकोण का अनुसरण करता है। क्षेत्र की गतिशीलता।

MAPA मुक्त और खुले व्यापार और निवेश को प्राप्त करने के लिए – औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं के मामले में और 2020 में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के मामले में बोगोर – 2010 में निर्धारित लक्ष्य तिथियों के लिए सड़क पर लागू किए जाने वाले व्यापार और निवेश उदारीकरण और सुविधा उपायों की रूपरेखा तैयार करता है।

MAPA ने ओसाका में तैयार किए गए एजेंडे को पूरा करना शुरू कर दिया है, जैसा कि निर्धारित है, व्यक्तिगत अर्थव्यवस्था कार्य योजना, सामूहिक कार्य योजनाएं, और आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर संयुक्त गतिविधियां, तीन स्तंभ जिन पर एशिया में समुदाय की भावना को गहरा करना है। प्रशांत.

MAPA के इन घटकों की विशिष्ट विशेषताएं स्वयं APEC प्रक्रिया की विशिष्ट विशेषताओं को दर्शाती हैं।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.2

 

द स्टेट न्यूट्रिशन प्रोफाइल

नीति आयोग ने अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (आईएफपीआरआई), भारतीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आईआईपीएस), यूनिसेफ और आर्थिक विकास संस्थान (आईईजी) के साथ संयुक्त प्रयास में 30 सितम्‍बर, 2021 को 19 राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के लिए ‘द स्टेट न्यूट्रिशन प्रोफाइल’ लॉन्च किया।

द स्टेट न्यूट्रिशन प्रोफाइल (एसएनपी), एनएफएचएस राउंड 3, 4 और 5 पर आधारित पोषण परिणामों, तुरंत और अंतर्निहित निर्धारकों एवं उपायों के बारे में पूरी जानकारी देते हैं। एसएनपी में महत्‍वपूर्ण डेटा का व्‍यापक संकलन शामिल है जो नीतिगत निर्णयों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और क्षेत्र में अनुसंधान की सुविधा भी प्रदान कर सकता है। वेस्टिंग, स्टंटिंग, एनीमिया, कम वजन और अधिक वजन तथा एनसीडी (डायबिटीज, उच्च रक्तचाप) और उच्‍च रक्‍तचाप जैसे प्रमुख संकेतकों का रुझान विश्‍लेषण जिलों में प्रदर्शन की परिवर्तनशीलता को दर्शाता है। इन रिपोर्ट में सबसे अच्‍छा और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों सबसे अधिक भार वाले जिलों और सबसे अच्‍छे कवरेज वाले जिलों के बारे में उल्‍लेख किया गया है। एसएनपी पूर्ण गणना के आधार पर किए गए विश्लेषण पर आधारित हैं और इनमें साक्ष्‍य उपलब्‍ध कराने के लिए एनएफएचएस-5 से डेटा का उपयोग किया गया है, जो विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य के चिंता वाले राज्य में प्राथमिकता वाले जिलों और अन्‍य जिलों की संख्या की पहचान करने में मदद करता है। प्रत्येक एसएनपी में बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए महत्वपूर्ण बातों को शामिल किया गया है और इनमें ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है जहां राज्य में और सुधार करने की क्षमता है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

Digital Economy Report 2021

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) ने हाल ही में अपनी “UNCTAD Digital Economy Report 2021” प्रकाशित की।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • अपनी रिपोर्ट में, UNCTAD ने फिलीपींस को उन 6 देशों में से एक के रूप में नोट किया जो सीमाओं के पार डेटा के मुक्त प्रवाह की अनुमति देता है। डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए डेटा के मुक्त प्रवाह की आवश्यकता है।
  • सीमा पार डेटा के मुक्त प्रवाह की अनुमति देने वाले अन्य पांच देशों में शामिल हैं- कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, सिंगापुर और अमेरिका। ये देश डेटा प्रवाह के लिए “लाइट-टच अप्रोच” का उपयोग करते हैं।

लाइट-टच अप्रोच (Light-touch Approach)

घरेलू कानूनों के अनुपालन की निगरानी के लिए मजबूत नियामक वातावरण और पर्याप्त नियामक संसाधनों वाले देशों द्वारा लाइट-टच अप्रोच का समर्थन किया जाता है। इस रिपोर्ट के अनुसार, फिलीपींस का लाइट-टच अप्रोच का उपयोग आउटसोर्सिंग उद्योग पर अपनी “निर्भरता” की ओर है, जो देश में प्रमुख आर्थिक विकास चालक है।

प्रतिबंधात्मक या संरक्षित दृष्टिकोण का पालन करने वाले देश

सीमा पार डेटा प्रवाह के लिए “प्रतिबंधात्मक” या “संरक्षित” दृष्टिकोण का पालन भारत, चीन, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, रवांडा, रूसी संघ, तुर्की, सऊदी अरब और वियतनाम जैसे देशों द्वारा किया जाता है।

UNCTAD की सिफारिशें

  • UNCTAD ने सिफारिश की है कि वैश्विक समुदाय को सीमाओं के पार डिजिटल डेटा के मुक्त प्रवाह को सक्षम बनाना चाहिए। यह ऐसी गतिविधियों की अनुमति देने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय फ्रेमवर्क बनाने का सुझाव दिया है।
  • UNCTAD के अनुसार, किसी भी वैश्विक ढांचे का मतलब निजी क्षेत्र के साथ-साथ डेटा के सरकारी उपयोग के लिए गोपनीयता की रक्षा में अतिरिक्त बोझ नहीं होगा।
  • इस प्रकार, एक नए नियामक ढांचे की आवश्यकता है।

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD)

  • 1964 में स्थापित, व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (United Nations Conference on Trade and Development- UNCTAD) विकासशील देशों के विकास के अनुकूल उनके एकीकरण को विश्व अर्थव्यवस्था में बढ़ावा देता है।
  • यह एक स्थायी अंतर सरकारी निकाय है।
  • इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में है।
  • इसके द्वारा प्रकाशित कुछ रिपोर्ट हैं:
    • व्यापार और विकास रिपोर्ट (Trade and Development Report)
    • विश्व निवेश रिपोर्ट (World Investment Report)
    • न्यूनतम विकसित देश रिपोर्ट (The Least Developed Countries Report)
    • सूचना एवं अर्थव्यवस्था रिपोर्ट (Information and Economy Report)
    • प्रौद्योगिकी एवं नवाचार रिपोर्ट (Technology and Innovation Report)
    • वस्तु तथा विकास रिपोर्ट (Commodities and Development Report)

SOURCE-GKTODAY

PAPER-G.S.2

 

2021 यिदान पुरस्कार

भारत बेस्ड डॉ. रुक्मिणी बनर्जी (Dr. Rukmini Banerji) को 28 सितंबर, 2021 को 2021 यिदान पुरस्कार (Yidan Prize) से सम्मानित किया गया।

मुख्य बिंदु

  • उन्हें यिदान पुरस्कार फाउंडेशन द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
  • उनके अलावा, अमेरिका बेस्ड प्रोफेसर एरिक हनुशेक को भी प्रतिष्ठित यिदान पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया गया है।
  • दोनों को उनके अभूतपूर्व कार्य के लिए यिदान पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • ये दोनों 9 पुरस्कार विजेताओं में शामिल होंगे जिन्हें 2016 से यिदान पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

नकद इनाम

दोनों व्यक्तियों को HK$30 मिलियन प्राप्त होंगे जो लगभग $3.9 मिलियन के बराबर है। इस धनराशी में फाउंडेशन की ओर से HK$15 मिलियन नकद पुरस्कार और HK$15 मिलियन का एक प्रोजेक्ट फंड शामिल है।

डॉ. रुक्मिणी बनर्जी (Dr. Rukmini Banerji)

वह ‘प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन’ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्हें शिक्षा विकास के लिए 2021 के यिदान पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में उनके काम को मान्यता देता है। उन्होंने भारत में बच्चों के बीच साक्षरता और संख्यात्मक अंतराल का खुलासा किया और इन अंतरालों को पाटने के लिए, उन्होंने “Teaching at the Right Level” (TaRL) कार्यक्रम शुरू किया, जो बुनियादी पढ़ने और अंकगणितीय कौशल प्रदान करने के लिए स्कूलों और स्थानीय समुदायों के साथ काम करता है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि कोई भी बच्चा पीछे न रहे।

यिदान पुरस्कार (Yidan Prize)

यिदान पुरस्कार 2016 में यिदान पुरस्कार फाउंडेशन द्वारा स्थापित किया गया था। यिदान पुरस्कार फाउंडेशन एक वैश्विक परोपकारी शिक्षा फाउंडेशन है, जो शिक्षा में प्रगति और परिवर्तन को प्रेरित करती है। यह एक शिक्षा पुरस्कार है, जो व्यक्तियों, या तीन सदस्यीय टीमों को मान्यता देता है, जिन्होंने शिक्षा अनुसंधान और विकास में योगदान दिया है।

SOURCE-THE HINDU

PAPER-G.S.1 PRE

 

नट संकीर्तन

जवाहरलाल नेहरू मणिपुर नृत्य अकादमी (JNMDA), इम्फाल के मंडप में 30 सितंबर, 2021 से “नट-संकीर्तन” उत्सव शुरू किया गया।

मुख्य बिंदु

  • यह उत्सव नृत्य और संगीत का तीन दिवसीय उत्सव है।
  • यह अकादमी की गतिविधियों की वार्षिक विशेषताएं हैं।
  • मणिपुर अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत में मिली परंपरा के लिए जाना जाता है।
  • सरकार बेरोजगार युवाओं के लिए आय सृजन और रोजगार सृजन की निगरानी भी कर रही है और ‘स्टार्ट अप’ जैसी कई योजनाएं चला रही है।

नट संकीर्तन (Nata Sankirtana)

शास्त्रीय रागों में, नट संकीर्तन भगवान कृष्ण का एक भजन है जो सीवरल स्वदेशी लय को संश्लेषित करता है। संकीर्तन अपने प्रदर्शन में लय पैटर्न और वेशभूषा के साथ एक सख्त कोड का पालन करता है जो विशिष्ट नियमों और विनियमों द्वारा निर्धारित किया जाता है। संकीर्तन व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण अवसरों जैसे जन्म से मृत्यु तक को चिह्नित करने के लिए किया जाता है। यूनेस्को ने 2013 में मणिपुर नट संकीर्तन को मान्यता दी थी।

SOURCE-GKTODAY

PAPER-G.S.1

 

लुसी मिशन

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा बृहस्पति के ट्रोजन क्षुद्रग्रहों का अध्ययन करने के लिए अपना पहला अंतरिक्ष यान भेजने जा रही है।

मुख्य बिंदु

  • इस अंतरिक्ष यान को 16 अक्टूबर, 2021 को “केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन, फ्लोरिडा” से लॉन्च किया जाएगा।
  • यह अंतरिक्ष यान 5 अरब साल पहले सौर मंडल के निर्माण के बारे में नई अंतर्दृष्टि (insights) प्राप्त करेगा।
  • इस अंतरिक्ष यान का नाम लुसी (Lucy) रखा गया है। इसका नाम एक प्राचीन जीवाश्म के नाम पर रखा गया था जिसने मानव प्रजातियों के विकास में अंतर्दृष्टि प्रदान की थी।

मिशन का उद्देश्य

मिशन लूसी को चट्टानी पिंडों के समूह की जांच के उद्देश्य से लॉन्च किया जाएगा जो दो समूहों में सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं।

मिशन के बारे में

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बूस्ट प्राप्त करने के बाद मिशन लूसी 12 साल की यात्रा पर जाएगा। मंगल और बृहस्पति के बीच मुख्य बेल्ट में 8 अलग-अलग क्षुद्रग्रहों में 12 साल की यात्रा पूरी की जाएगी। यह अंतरिक्ष यान अपनी सतह के 400 किलोमीटर के दायरे में लक्षित पिंडों के पास से उड़ान भरेगा। यह लक्ष्य पिंडों के भूविज्ञान की जांच के लिए ऑनबोर्ड उपकरणों और बड़े एंटीना का उपयोग करेगा। इस मिशन की कुल लागत 981 मिलियन डॉलर है।

ट्रोजन क्या हैं?

ट्रोजन छोटे खगोलीय पिंड या क्षुद्रग्रह होते हैं, जो बड़े क्षुद्रग्रहों की कक्षा को साझा करते हैं। वे मुख्य पिंड से लगभग 60° आगे या पीछे स्थिर कक्षा में रहते हैं। वे ग्रहों या बड़े चंद्रमाओं की कक्षाओं को साझा कर सकते हैं। ट्रोजन एक प्रकार की सह-कक्षीय पिंड (co-orbital object) है। सौर मंडल के अधिकांश ज्ञात ट्रोजन बृहस्पति की कक्षा को साझा करते हैं। वे अंतरिक्ष के बहुत छोटे क्षेत्र में हैं लेकिन एक दूसरे से शारीरिक रूप से भिन्न हैं। अब तक, लगभग 7000 ट्रोजन ज्ञात हैं।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.3

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