Current Affair 17 December 2021

Current Affairs – 17 December, 2021

भूटान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के सबसे सम्मानित और लोकप्रिय नेता हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी को भूटान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार Order of the Druk Gyalpo से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी को इसके पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका के प्रतिष्ठित लीजन ऑफ मेरिट अवॉर्ड, संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार चैंपियंस ऑफ अर्थ, बहरीन के शीर्ष पुरस्कार किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां, यूएई के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ जायेद, मालदीव के सर्वोच्च सम्मान निशान इज्जुद्दीन, रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल, दक्षिण कोरिया के सियोल शांति पुरस्‍कार, फिलिस्तीन का सर्वोच्च ग्रैंड कॉलर सम्मान, सऊदी अरब के सर्वोच्च सैश ऑफ किंग अब्दुल अजीज सम्मान, अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान आमिर अमानुल्लाह खान अवार्ड के साथ प्रथम फिलिप कोटलर प्रेशिडेंशियल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

भूटान के महामहिम नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने देश के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ द द्रूक ग्यालपो’ से सम्मानित किया। श्री मोदी ने इस गर्मजोशी भरे भाव के लिए भूटान के महामहिम नरेश का आभार व्यक्त किया है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.1PRE

 

लॉजीएक्सटिक्स-यूनिफायड लॉजिस्टिक्‍स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप) हैकथॉंन

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने और अधिक विचारों को क्राउडसोर्स करने के लिए-यूनिफायड लॉजिस्टिक्‍स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप) हैकथॉंन – ‘लॉजीएक्सटिक्स’ लॉन्‍च किया है जो लॉजिस्टिक्‍स उद्योग को लाभान्वित करेगा।

लॉजिस्टिक्‍स की रूपरेखा एक पारदर्शी प्लेटफॉर्म का सृजन करने के जरिये बनाई गई है जो सभी हितधारकों को वास्तविक समय सूचना उपलब्ध कराएगा तथा सभी विषम सूचना को हटाने के द्वारा दक्षता बढ़ाएगा। भारत में लॉजिस्टिक्‍स लागत में कमी लाने के लिए यूलिप हैकथॉंन- लॉजीएक्सटिक्स नीति आयोग तथा अटल नवोन्मेषण मिशन द्वारा आयोजित एवं राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) तथा एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्‍स डाटा बैंक सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल) द्वारा समर्थित है।

यूलिप हैकथॉंन को नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के लॉजिस्टिक्‍स विभाग के विशेष सचिव तथा एनआईसीडीसी के सीईओ एवं एमडी श्री अमृत लाल मीणा, नीति आयोग की वरिष्ठ सलाहकार सुश्री अन्न रॉय एवं एनआईसीडीसी के उपाध्यक्ष श्री अभिषेक चौधरी की उपस्थिति में लॉन्‍च किया गया।

श्री अमिताभ कांत ने कल एक वर्चुअल कार्यक्रम में हैकथॉंन को लॉन्‍च करने के दौरान कहा, ‘आज हमारे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि हम भारत में लॉजिस्टिक्‍स की सबसे बड़ी समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। भारत में लॉजिस्टिक्‍स की लागत लगभग 14 प्रतिशत है जो दुनिया के अन्य देशों की तुलना में अधिक है। यूलिप का उद्देश्‍य निजी क्षेत्र से शीर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी संगठनों के साथ काम करना और लॉजिस्टिक्‍स लागत में कमी लाने के लिए समाधानों की पहचान करना रहा है।

उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की वर्तमान लॉजिस्टिक्‍स प्रणालियों के समेकन के लिए तथा यूलिप हैकथॉंन-लॉजीएक्सटिक्स के सफल लॉन्‍च के लिए एनआईसीडीसी को और भी बधाई दी। एनआईसीडीसी को जनवरी, 2021 में नीति आयोग द्वारा लॉजिस्टिक्‍स डाटा बैंक प्रोजेक्ट का लाभ उठाने के माध्यम से यूलिप को विकसित करने के लिए अधिदेशित किया गया था।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मई 2020 में नीति आयोग को विभिन्न सेक्टरों में प्रौद्योगिकी की भूमिका की खोज करने का दायित्व सौंपा था। यूलिप की संकल्पना लॉजिस्टिक्‍स सेक्टर में एक प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी।

यूलिप का विकास लॉजिस्टिक्‍स सेक्टर में एक प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म के रूप में किया जा रहा है जो सभी हितधारकों को वास्तविक समय सूचना उपलब्ध कराएगा तथा अलग अलग काम कर रहे विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की वर्तमान प्रणालियों में मल्टी-मॉडल परिवहन की उपस्थिति को समन्वित करेगा। इसके पूरा हो जाने के बाद, इससे लॉजिस्टिक्‍स सेक्टर में आई प्रचुर दक्षताओं को महसूस किया जा सकता है जो लॉजिस्टिक्‍स लागत को कम करने तथा वैश्विक व्यापार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के द्वारा इसे रूपांतरित कर देगा।

लॉजिस्टिक्‍स सेक्टर में चुनौतियों का समाधान करने के साथ, यूलिप के दायरे के तहत लॉजीएक्सटिक्स जैसा प्रतिस्पर्धी कार्यक्रम विद्यमान लॉजिस्टिक्‍स उद्योग के मुद्दों के समाधान के लिए एक राष्ट्रीय स्तर के मंच पर प्रत्येक व्यक्ति को अपना कार्यनीतिक, कोडिंग एवं डोमेन कौशल प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित करता है। हैकथॉंन यूलिप प्लेटफॉर्म के विजन को अर्जित करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लॉजिस्टिक्‍स विभाग के विशेष सचिव तथा एनआईसीडीसी के सीईओ एवं एमडी श्री अमृत लाल मीणा ने कहा, ‘‘यूलिप पीएम गतिशक्ति के समग्र उद्देश्य के भी अनुरूप है जिसका लक्ष्य व्यक्तिगत अलगाव की भावना को समाप्त करना, विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के बीच एकीकरण को प्रोत्साहित करना एवं वास्तविक सिंगल विंडो को बढ़ावा देना है। यह समग्र व्यापार में और अधिक पारदर्शिता तथा स्पष्टता लाएगा जिससे भारत लॉजिस्टिक्‍स के लिहाज से और अधिक प्रभावी तथा प्रतिस्पर्धी बनेगा।’’

यूलिप की वास्तविक उपयोगिता इस हैकथॉंन के माध्यम से और बढ़ेगी क्योंकि इसका उद्देश्य और अधिक विचारों को क्राउडसोर्स करना है जिससे लॉजिस्टिक्‍स उद्योग को लाभ पहुंचेगा।

एनआईसीडीसी के उपाध्यक्ष ने जानकारी दी कि हैकथॉंन का उद्देश्य स्टार्टअप समुदाय, व्यक्ति विशेषों या सेक्टर के कार्यनीतिक कौशलों तथा कार्यनीतिक ज्ञान वाले किसी भी व्यक्ति को बढ़ावा देना है। हैकथॉंन सभी के लिए खुला है और इसे दो चरणों में विभाजित किया गया है-विचार चरण और प्रोटोटाइप चरण।

लॉजिस्टिक्‍स सेक्टर भारत में आर्थिक विकास की रीढ़ है और व्यापार में तेजी लाने वाले कारकों में सबसे महत्वपूर्ण है जो आत्म निर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

भारत और अमरीका ने जलवायु एवं स्वच्छ ऊर्जा चुनौतियों का सामना करने के लिए इनोवेशन को सहायता देने के एक नए कार्यक्रम की घोषणा की

भारत-अमरीका ने एस एंड टी आधारित उद्यमी पहल के एक कार्यक्रम को मदद करने की घोषणा की है, जो अगली पीढ़ी की स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, कार्बन स्ववियोजन, जलवायु एवं स्वच्छ ऊर्जा चुनौतियों का सामना करने के लिए काम करेगा।

कार्यक्रम का नाम है ‘प्रौद्योगिकी-आधारित ऊर्जा समाधान : इनोवेशन फॉर नेट ज़ीरो, जिसका आह्वान एस एंड टी उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले एक गैर-लाभकारी संगठन, सोशल अल्फा के साथ साझेदारी में, यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंडोमेंट फंड (यू एस आई एस टी ई एफ) द्वारा इग्निशन ग्रांट के लिए किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत इस क्षेत्र में ‘प्रौद्योगिकी शोस्टॉपर्स’ या भारत-अमरीका के एस एंड टी-आधारित संयुक्त उद्यमशीलता पहल की पहचान की जाएगी और उसकी मदद की जाएगी।

जलवायु परिवर्तन आज की विश्व की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, जो समाधान ढूंढने के लिए वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है। अप्रैल 2021 में भारत-अमेरिका जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 के लिए हुई साझेदारी इस बात की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करती है कि दोनों देश जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। नया कार्यक्रम स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी के क्षेत्र में अमरीका-भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण है जिसका प्रशासन यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंडोमेंट फंड (आई यू एस एस टी एफ) द्वारा किया जाएगा। आई यू एस एस टी एफ दोनों देशों (भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डी एस टी) तथा अमरीका के विदेश विभाग) का एक संयुक्त मंच है।

यू एस आई एस टी ई एफ का औपचारिक रूप से शुभारंभ मंच के सह-अध्यक्षों, श्री संजीव वार्ष्णेय, सलाहकार और प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय द्विपक्षीय सहयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार और श्री जॉन स्पीक्स, ऊर्जा, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री (कार्यवाहक), अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम ऐसे उपायों की आवश्यकता का पता लगाएगा जिनसे नेट-ज़ीरो की तरफ आगे बढ़ने, अत्याधुनिक और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों का लाभ लेने की दिशा में प्रगति की जा सके।

श्री वार्ष्णेय ने सहयोगी उद्यमिता की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए नवीन समाधान प्रदान करने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के योगदान की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष की चुनौती का समाधान पाने में सोशल अल्फा के साथ आई यू एस एस टी एफ की साझेदारी में व्यावसायिक व्यवहार्यता है और इससे इस क्षेत्र में अच्छे प्रदर्शन योग्य प्रौद्योगिकी नवाचार की उम्मीद है।

श्री स्पीक्स ने जोर देकर कहा कि यूएसआईएसटीईएफ की नेट-जीरो के लिए नवाचारों को लक्षित करने वाली नई पहल, अमेरिका-भारत समग्र वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का एक और मजबूत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इसके मध्यम से हमारे सामने मौजूद जलवायु संकट से तत्काल निपटने के लिए संयुक्त रूप से नई स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास को गति प्रदान करने में अमेरिका और भारत के साझा प्रयासों की शक्ति का उपयोग संभव होगा।

सोशल अल्फा के संस्थापक और सीईओ श्री मनोज कुमार ने कहा कि “हमें अत्यधिक तेजी के साथ एक नवाचार पाइपलाइन को विकसित करना होगा और महत्वपूर्ण स्वच्छ प्रौद्योगिकियों पर हरित प्रीमियम को कम करने के लिए भारी निवेश करना होगा तथा नेट ज़ीरो की तरफ बढ़ने के लिए नए बाजार और उद्योग बनाने हेतु उद्यमशील प्रतिभा को आकर्षित करना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि स्वच्छ, किफायती और विश्वसनीय ऊर्जा तक सभी की सहज पहुँच हो।

विशेषज्ञों के एक पैनल ने स्वच्छ ऊर्जा और स्थिरता चुनौतियों का समाधान पाने के लिए एक सक्षम इको सिस्टम के विकास में उद्योग, शिक्षा, वित्तीय संस्थानों, सरकारी एजेंसियों, नीति और संगठनों सहित विभिन्न पक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

मनोहरी गोल्ड टी

‘मनोहरी गोल्ड टी’ नामक असम चाय की एक दुर्लभ किस्म ने एक रिकॉर्ड बनाया, इसे 99,999 रुपये प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड कीमत पर नीलाम किया गया।

मुख्य बिंदु

  • ‘मनोहरी गोल्ड टी’ ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ कर इतिहास रच दिया है।
  • सौरव टी ट्रेडर्स ने सबसे ऊंची बोली 99,999 रुपये प्रति किलो के साथ गोल्ड टी खरीदी।
  • इसे सार्वजनिक नीलामी में चाय की अब तक की सबसे ऊंची कीमत माना जा रहा है।

मनोहरी गोल्ड टी

मनोहरी गोल्ड टी का उत्पादन मनोहरी टी एस्टेट द्वारा किया जाता है। इसका उत्पादन असम के ऊपरी डिब्रूगढ़ जिले में होता है।

पृष्ठभूमि

इससे पहले अगस्त 2019 में गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर (GATC) में गोल्डन बटरफ्लाई टी की कीमत 75,000 रुपये प्रति किलो थी। गोल्डन बटरफ्लाई टी हस्तनिर्मित असम चाय की एक दुर्लभ किस्म है, जिसे रॉसेल टी इंडस्ट्रीज के डिकॉम टी एस्टेट द्वारा उत्पादित किया जाता है।

गोल्डन बटरफ्लाई टी (Golden Butterfly Tea)

गोल्डन बटरफ्लाई टी का उत्पादन असम के डिब्रूगढ़ शहर में डिकॉम टी एस्टेट द्वारा किया जाता है। यह हाथ से तैयार की गई चाय है। इसे कोमल पत्तियों और कलियों से बनाया जाता है जो जून-जुलाई के आसपास उपलब्ध होते हैं। चाय का नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि इस असाधारण दुर्लभ और विशेष चाय को बनाने में केवल नरम सुनहरे टॉप्स ही जाते हैं। इसमें एक अत्यंत मधुर और मीठा कैरेमल स्वाद है।

असम में चाय की खेती

असम दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक क्षेत्र है। असम में यह उद्योग 200 वर्षों से लगातार बढ़ रहा है।

असम चाय

असम की चाय एक काली चाय है। इसका नाम इसके उत्पादन के क्षेत्र, यानी असम के नाम पर रखा गया है। असम चाय का निर्माण कैमेलिया साइनेंसिस वर् से किया जाता है। यह चाय असम के लिए स्वदेशी है। असम की चाय ज्यादातर समुद्र तल पर या उसके आसपास उगाई जाती है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.1PRE

 

समग्र स्वास्थ्य और भलाई

आयुष मंत्रालय ने ‘समग्र स्वास्थ्य और भलाई’ (Holistic Health and Well Being) के लिए  अपनी नई सिफारिशें जारी की हैं।

मुख्य बिंदु

  • मंत्रालय ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि, ‘समग्र स्वास्थ्य और कल्याण’ पर जनता के लिए सिफारिशें ‘कोविड-19 के दौरान निवारक उपायों और देखभाल पर केंद्रित हैं।
  • मंत्रालय ने निम्नलिखित सिफारिशें की हैं:
    1. सामान्य निवारक उपाय
    2. प्रणालीगत प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के तरीके
    3. मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक शक्ति बढ़ाने के उपाय

आसानी से पचने योग्य भोजन की रेसिपी

मंत्रालय ने मूंग दाल खिचड़ी और मुदगा युशा जैसे कुछ आसानी से पचने योग्य भोजन के व्यंजनों की भी सिफारिश की है।

समग्र स्वास्थ्य अवधारणा (Holistic Health Concept)

आयुष मंत्रालय के दस्तावेज़ में समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को पेश किया गया है। यह जीवन और स्वास्थ्य के कई आयामों को संबोधित करते हुए व्यक्तियों की आत्म-देखभाल पर बल देता है। इन सिफारिशों को आयुष निवारक उपायों और देखभाल के साथ एक स्वस्थ जीवन शैली की आवश्यकता पर बल देकर तैयार किया गया है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.2

 

Parker Solar Probe

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) द्वारा लॉन्च किए गए एक अंतरिक्ष यान Parker Solar Probe ने इतिहास में पहली बार सूर्य के कोरोना को छुआ है, इस क्षेत्र का तापमान लगभग 2 मिलियन डिग्री फ़ारेनहाइट है। एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, अंतरिक्ष यान ने 28 अप्रैल को एक बिंदु पर पांच घंटे तक तीन बार कोरोना में प्रवेश किया।

पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe)

इसे सूरज के बाहरी कोरोना के बारे में अध्ययन करने के लिए 2018 में लॉन्च किया गया था। यह 2025 तक सूर्य के केंद्र से 6.9 मिलियन किलोमीटर तक पहुंचेगा। पार्कर सोलर प्रोब के तीन मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • सौर पवन (solar wind) और सौर कोरोना (solar corona) को गर्म करने और तेज करने वाली ऊर्जा के प्रवाह का पता लगाना
  • सौर हवाओं के स्रोतों पर चुंबकीय क्षेत्र और प्लाज्मा की संरचना का निर्धारण करना
  • ऊर्जावान कणों को तेज करने वाले तंत्र के बारे में पता लगाना

सौर चक्र (Solar Cycle)

सूर्य विद्युत आवेशित गर्म गैस (electrically charged hot gas) का एक विशाल गेंद है। यह गैस शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र हर 11 साल में बदल जाता है। इसे सौर चक्र कहा जाता है।

SOURCE-GKTODAY

PAPER-G.S.1PRE