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Current Affair 31 August 2021

Current Affairs – 31 August, 2021

योगा-ब्रेक मोबाइल एप्लीकेशन

भारत सरकार द्वारा स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ समारोहों के भाग के रूप में, केंद्रीय आयुष और पत्तन, पोत परिवहन व जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल छह केंद्रीय मंत्रियों के साथ कल (1 सितंबर, 2021) को विज्ञान भवन में एक भव्य कार्यक्रम में वाई-ब्रेक मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च करेंगे। आयुष मंत्रालय ने 30 अगस्त से 5 सितंबर तक सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम में कई आयोजन और अभियानों की एक श्रृंखला चलाने की योजना बनाई है।

5 मिनट के ‘योगा ब्रेक प्रोटोकॉल’ में कार्यस्थल पर लोगों की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से तनाव को कम करने, तरोताजा करने और काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बहुत उपयोगी योग अभ्यास शामिल होते हैं। “योगा ब्रेक” (वाई-ब्रेक) की अवधारणा दुनिया भर के कामकाजी पेशवरों के लिए प्रासंगिक है। इसे एक परीक्षण प्रोटोकॉल के तहत प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा सावधानी से विकसित किया गया है।

प्रोटोकॉल में कुछ सरल योग अभ्यास शामिल होती हैं, जो इस प्रकार हैं :

ताड़ासन- ऊर्ध्व- हस्तोत्तनासन- ताड़ासन

स्कंध चक्र- उत्तान मंडूकासन- कटि चक्रासन

अर्ध चक्रासन, प्रसारिता पदोत्तनासन- डीप ब्रीथिंग

नाड़ी शोधन प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम- ध्यान

इस मॉड्यूल को विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय में पायलट परियोजना के रूप में छह प्रमुख मेट्रो शहरों में जनवरी, 2020 को लॉन्च किया गया था। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान द्वारा देश के छह अग्रणी योग संस्थानों के साथ मिलकर कुल 15 दिन का ट्रायल किया गया था, जिससे निजी और सरकारी संगठनों के कुल 717 प्रतिभागियों ने भाग लिया और ट्रायल खासा सफल रहा था।

लॉन्च समारोह के दौरान कल, एमडीएनआईवाई के निदेशक डॉ. ईश्वर वी. बासवरद्दी द्वारा पांच मिनट के योग प्रोटोकॉल/सजीव प्रदर्शन पर एक प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा और एप्लीकेशन पर तकनीक प्रस्तुतीकरण ओएसडी (आयुष ग्रिड), एमओए डॉ. लीना छत्रे द्वारा दिया जाएगा। ऐप के लॉन्च कार्यक्रम में प्रतिष्ठित योग विशेषज्ञों, स्कॉलर, नीति निर्माता, नौकरशाह, योग प्रेमी और सहायक सेवाओं के विशेषज्ञों सहित लगभग 600 प्रतिभागी भाग लेने जा रहे हैं।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.1(PRE)

TOPIC–CURRENT

 

जुलाई, 2021 के लिए आठ कोर उद्योगों का सूचकांक

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के आर्थिक सलाहकार कार्यालय (डीपीआईआईटी) ने जुलाई, 2021 के लिए आठ कोर उद्योगों (आईसीआई) का सूचकांक जारी किया है। आईसीआई चयनित आठ प्रमुख उद्योगों- कोयला, कच्चातेल, प्राकृतिकगैस, रिफाइनरी उत्‍पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली में संयुक्त और व्यक्तिगत उत्पादन का आकलन करता है। औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के कुल भारांक (वेटेज) का 40.27 प्रतिशत हिस्सा आठ कोर उद्योगों में ही निहित होता है। वार्षिक/मासिक सूचकांक और वृद्धि दर का विवरण अनुलग्नक I और II में दिया गया है।

आठ कोर इंडस्ट्रीज का संयुक्त सूचकांक जुलाई, 2021 में 134.0 पर रहा जिसमें जुलाई, 2020 की तुलना में 9.4 फीसदी (अनंतिम) की वृद्धि दर्ज की गई। कोयला, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली उद्योग के उत्पादन में जुलाई2021 में गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में वृद्धि हुई।

अप्रैल, 2021 में आठ कोर उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर को इसके अनंतिम स्तर 56.1% से संशोधित कर 62.6% कर दिया गया है। अप्रैल-जुलाई 2021-22 के दौरान आईसीआई की वृद्धि दर गत वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 21.2% (अनंतिम) थी।

आठ कोर उद्योगों के सूचकांक का सार नीचे दिया गया है :

कोयला

जुलाई, 2021 में कोयला उत्‍पादन (भारांक : 10.33%) जुलाई, 2020 के मुकाबले 18.7 प्रतिशत बढ़ गया। वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.5 प्रतिशत बढ़ गया।

कच्‍चा तेल

जुलाई, 2021 के दौरान कच्‍चे तेल का उत्‍पादन (भारांक : 8.98%) जुलाई, 2020 की तुलना में 3.2 प्रतिशत गिर गया। वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.4 प्रतिशत कम रहा।

प्राकृतिक गैस

जुलाई, 2021 में प्राकृतिक गैस का उत्‍पादन (भारांक : 6.88%) जुलाई, 2020 के मुकाबले 18.9 प्रतिशत बढ़ गया। वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 21.0 प्रतिशत बढ़ गया।

पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्‍पाद

पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्‍पादों का उत्‍पादन (भारांक : 28.04%) जुलाई, 2021 में जुलाई, 2020 के मुकाबले 6.7 प्रतिशत बढ़ गया। वहीं, वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13.1 प्रतिशत बढ़ गया।

उर्वरक

जुलाई, 2021 के दौरान उर्वरक उत्‍पादन (भारांक : 2.63%) जुलाई, 2020 के मुकाबले 0.5 प्रतिशत बढ़ गया। उधर, वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्‍त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.1 प्रतिशत कम रहा।

इस्‍पात

जुलाई, 2021 में इस्‍पात उत्‍पादन (भारांक : 17.92%) जुलाई, 2020 के मुकाबले  9.3 प्रतिशत बढ़ गया। वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 59.4 प्रतिशत अधिक रहा।

सीमेंट

जुलाई, 2021 के दौरान सीमेंट उत्‍पादन (भारांक : 5.37%) जुलाई, 2020 के मुकाबले 21.8 प्रतिशत बढ़ गया। वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्‍त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 45.6 प्रतिशत कम रहा।

बिजली

जुलाई, 2021 के दौरान बिजली उत्‍पादन (भारांक : 19.85%) जुलाई, 2020 के मुकाबले  9.0 प्रतिशत बढ़ गया। वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जुलाई, 2020-21 अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 14.6 प्रतिशत अधिक रहा।

नोट 1 : मई 2021, जून 2021 और जुलाई, 2021 के आंकड़े अनंतिम हैं।

नोट 2 : अप्रैल, 2014 से ही बिजली उत्पादन के आंकड़ों में नवीकरणीय अथवा अक्षय स्रोतों से प्राप्त बिजली को भी शामिल किया जा रहा है।

नोट 3 : ऊपर दिए गए उद्योग-वार भारांक दरअसल आईआईपी से प्राप्त अलग-अलग उद्योग भारांक हैं और इसे 100 के बराबर आईसीआई के संयुक्त भारांक में समानुपातिक आधार पर बढ़ाकर दिखाया गया है।

नोट 4 : मार्च 2019 से ही तैयार इस्पात के उत्‍पादन के अंतर्गत ‘कोल्ड रोल्ड (सीआर) क्‍वायल्‍स’ मद के तहत हॉट रोल्ड पिकल्‍ड एंड ऑयल्‍ड (एचआरपीओ) नामक एक नए स्टील उत्पाद को भी शामिल किया जा रहा है।

नोट 5 : जुलाई, 2021 के लिए सूचकांक बृहस्पतिवार,30 सितंबर,2021 को जारी किया जाएगा।

कोर इंडस्ट्रीज़

  • कोर उद्योग को एक मुख्य उद्योग के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसका अर्थव्यवस्था पर ‘गुणक प्रभाव’ (Multiplier Effect) पड़ता है।
  • ज्यादातर देशों में विशेष उद्योग स्थापित हैं जो अन्य सभी उद्योगों की रीढ़ (Backbone) माने जाते हैं तथा कोर उद्योग होने के योग्य प्रतीत होते हैं।
  • आठ कोर इंडस्ट्रीज़ पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production-IIP) में शामिल वस्तुओं का 27% भार है।
  • उनके भार के घटते क्रम में आठ कोर इंडस्ट्रीज़ हैं – रिफाइनरी उत्पाद > बिजली > स्टील > कोयला > कच्चा तेल > प्राकृतिक गैस > सीमेंट > उर्वरक।
  • इससे पहले जुलाई, 2018 में वी. के. सारस्वत (NITI आयोग सदस्य) की एक रिपोर्ट ने सिफारिश की थी कि सरकार को एल्यूमिनियम क्षेत्र को भारत के नौवें प्रमुख उद्योग के रूप में वर्गीकृत करने पर विचार करना चाहिये।

औद्योगिक उत्पादन का सूचकांक (Index of Industrial Production)

  • औद्योगिक उत्पादन का सूचकांक (IIP) एक सूचकांक है जो अर्थव्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रों के विकास का विवरण देता है, जैसे कि खनिज खनन, बिजली, विनिर्माण आदि।
  • इसे केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा मासिक रूप से संकलित और प्रकाशित किया जाता है।
  • अप्रैल 2017 में आठ कोर इंडस्ट्रीज़ के सूचकांक का आधार वर्ष 2004-05 से संशोधित कर 2011-12 कर दिया गया है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

TOPIC –ECONOMY

 

अल्जीरिया की नौसेना के साथ भारतीय नौसेना का पहला नौसैन्य अभ्यास

यूरोप और अफ्रीका के लिए वर्तमान में जारी अपनी सद्भावना यात्रा के हिस्से के रूप में आईएनएस ताबर ने 29 अगस्त 2021 को अल्जीरियाई नौसेना के पोत ‘एज़्ज़ादजेर’ के साथ एक समुद्री साझेदारी अभ्यास में हिस्सा लिया।

अल्जीरियाई तट पर हुए इस ऐतिहासिक नौसैन्य अभ्यास में फ्रंटलाइन अल्जीरियाई युद्धपोत ‘एज़्ज़ादजेर की भागीदारी देखी गई।

अभ्यास के दौरान भारतीय और अल्जीरियाई युद्धपोतों के बीच समन्वित युद्धाभ्यास, संचार प्रक्रियाओं और स्टीम पास्ट सहित अनेक गतिविधियां आयोजित की गईं। इस नौसैन्य अभ्यास से दोनों नौसेनाओं को एक-दूसरे के द्वारा अपनाए जाने वाले संचालन की अवधारणा को समझने में मदद मिली, इसने पारस्परिकता को बढ़ाया और भविष्य के लिए दोनों नौसेनाओं के बीच बातचीत तथा सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं के द्वार को भी खोल दिया।

अल्जीरिया – अधिकारिक तौर पर अल्जीरिया का जन-लोकतंत्रीय गणराज्य और जिसको रसमी तौर पर लोकतंत्रीय और लोग-प्यारा अलजीरियायी गणराज्य भी कहा जाता है, अफ़्रीका के मघरेब क्षेत्र में स्थित एक देश है जिसकी राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर अल्जीयर्स है।

वर्तमान अल्जीरिया का क्षेत्र बहुत सारी प्राचीन सभ्यताएँ, जैसे अतेर्यायी और कैपसियन, की पृष्ठभूमि थी। इस इलाक़े पर बहुत सल्तनतों और राज्य-कुलों का शासन रहा है जिस में नुमिदियायी, करथागिन्यायी, रोमन, वंडल, बिज़ांतीन, अरबी उमय्यद, बर्बर फ़ातिमीद और अलमोहाद और पीछे के तुर्की ओटोमन शामिल हैं।

आळ्जीरिया 48 सूबों और 1541 प्रगणों वाला अर्द्ध राष्ट्रपति प्रधान गणराज्य है। 3.7 करोड़ से अधिक आबादी से यह विश्व का 34वाँ सबसे बढ़ आबादी वाला देश है। भाषाई तौर पर यह अरबी मुल्क है जिसकी कुछ स्थानिक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं। इसकी अर्थ व्यवस्था तेल-आधारित है जो डच रोग (अर्थ-शात्र की एक धारणा) से प्रभावित है। सोनातराच, जो कि राष्ट्रीय तेल-कंपनी है, अफ्रीका में सबसे बड़ी है। इसकी सेना अफ्रीका और अरब-जगत में मिस्र के बाद सबसे बड़ी है और रूस और चीन इसके युद्धनैतिक एहतियाती मुल्क और सस्तर पूर्तिकर्ता हैं।

2,381,741 वर्ग कि॰मी के क्षेत्रफ़ल से यह दुनिया का दसवाँ सबसे बड़ा मुल्क है। इसकी सीमाएँ उत्तर-पूर्व में ट्यूनीशिया, पूर्व में लीबिया, पश्चिम में मोरक्को, दक्षिण-पश्चिम में पश्चिमी सहारा, मारिटेनिया और माली, दक्षिण-पूर्व में नाइजर और उत्तर में भू-मध्य सागर से लगती हैं। अन्दाज़े के अनुसार 2012 तक इसकी कुल आबादी 3.79 करोड़ है। यह अफ़्रीकी संघ, अरब संगठन, तेल निरयाती मुल्कों का संगठन और संयुक्त राष्ट्र का सदस्य और अरब मघरेब संघ का संस्थापिक सदस्य है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.2

 

अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

जुलाई, 2021 के लिए अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू 1.1 अंकों की वृद्धि के साथ 122.8 (एक सौ बाईस और दशमल आठ) पर रहा। 1 महीने के प्रतिशत परिवर्तन पर, इसमें पिछले महीने की तुलना में 0.90 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एक साल पहले इसी महीने के बीच 1.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन सम्पूर्ण देश में फैले हुए 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है। सूचकांक का संकलन 88 औद्योगिक केंद्रों एवं अखिल भारत के लिए किया जाता है और आगामी महीने के अंतिम कार्यदिवस पर जारी किया जाता है।

सूचकांक में दर्ज वृद्धि में अधिकतम योगदान विविध समूह का रहा जिसने कुल बदलाव को 0.42 बिन्दु प्रतिशतता से प्रभावित किया। मदों में डेयरी दूध, पॉल्ट्री/चिकन, आम, गाजर, फूलगोभी, प्याज, टमाटर, रसोई गैस, डॉक्टर/सर्जन शुल्क, दवाएं एलोपैथिक, ऑटो रिक्शा/स्कूटर किराया, बस किराया, रेल किराया, वाहन के लिए पेट्रोल, आवास इत्यादि सूचकांक को बढ़ाने में सहायक रहे। इसके विपरीत मुख्यतः ताजा मछली, खाद्य तेल, अनार, नींबू, आदि ने सूचकांक में दर्ज वृद्धि को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

केंद्र-स्तर पर यमुनानगर के सूचकांक में अधिकतम 4.7 अंक की सर्वाधिक वृद्धि रही जिसके पश्चात गोवा, नागपुर और बेलगाम में क्रमश: 3.7 अंक, 3.6 अंक और 3.0 अंक की वृद्धि दर्ज की गई। अन्य 9 केंद्रों में 2 से 2.7 अंक, 32 केंद्रों में 1 से 1.9 अंक के बीच तथा 34 केंद्रों में 0.1 से 0.9 अंक के बीच वृद्धि रही। इसके विपरीत, शिवसागर में अधिकतम 1.0 अंक की कमी रही। अन्य 6 केंद्रों में 0.1 से 0.9 अंक की कमी पाई गई। शेष 2 केंद्रों के सूचकांक स्थिर रहे।

साल-दर-साल मुद्रास्फीति पिछले महीने के 5.57 प्रतिशत और एक साल पहले इसी महीने के दौरान 5.33 प्रतिशत की तुलना में 5.27 प्रतिशत रही। इसी तरह, खाद्य मुद्रास्फीति पिछले महीने के 5.61 प्रतिशत और एक साल पहले इसी महीने के दौरान 6.38 प्रतिशत के मुकाबले 4.91 प्रतिशत रही।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index-CPI)

  • यह खुदरा खरीदार के दृष्टिकोण से मूल्य परिवर्तन को मापता है।
  • यह चयनित वस्तुओं और सेवाओं के खुदरा मूल्यों के स्तर में समय के साथ बदलाव को मापता है, जिस पर एक परिभाषित समूह के उपभोक्ता अपनी आय खर्च करते हैं।
  • CPI के चार प्रकार निम्नलिखित हैं :
    1. औद्योगिक श्रमिकों (Industrial Workers-IW) के लिये CPI
    2. कृषि मज़दूर (Agricultural Labourer-AL) के लिये CPI
    3. ग्रामीण मज़दूर (Rural Labourer-RL) के लिये CPI
    4. CPI (ग्रामीण/शहरी/संयुक्त)
  • इनमें से प्रथम तीन को श्रम और रोज़गार मंत्रालय में श्रम ब्यूरो (labor Bureau) द्वारा संकलित किया गया है। जबकि चौथे प्रकार की CPI को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के अंतर्गत केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (Central Statistical Organisation-CSO) द्वारा संकलित किया जाता है।
  • CPI का आधार वर्ष 2012 है।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.3

 

UNSC ने अफगानिस्तान पर प्रस्ताव अपनाया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में भारत की अध्यक्षता के तहत 30 अगस्त, 2021 को अफगानिस्तान में स्थिति पर एक प्रस्ताव को अपनाया गया।

मुख्य बिंदु

  • इस प्रस्ताव में मांग की गई थी कि युद्धग्रस्त देश अफगानिस्तान का इस्तेमाल किसी देश को धमकाने या हमला करने या आतंकवादियों को पनाह देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
  • अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा यह प्रस्ताव रखा गया था।
  • इसे 13 परिषद सदस्यों के पक्ष में वोटों के साथ अपनाया गया था।
  • स्थायी सदस्य रूस और चीन इस पर मतदान से दूर रहे।

अफगानिस्तान में तालिबान

तालिबान ने 15 अगस्त, 2021 को अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा कर लिया। यह अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबे युद्ध था।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council – UNSC)

यह संयुक्त राष्ट्र के 6 प्रमुख अंगों में से एक है। इस पर अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्यभार है। यह संयुक्त राष्ट्र के नए सदस्यों के महासभा में प्रवेश की भी सिफारिश करता है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में किसी भी बदलाव को मंजूरी देता है। इसकी कुछ शक्तियों में शामिल हैं : शांति अभियानों की स्थापना, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध लागू करना और सैन्य कार्रवाई का प्राधिकरण। UNSC एकमात्र संयुक्त राष्ट्र निकाय है जो सदस्य देशों पर बाध्यकारी प्रस्ताव जारी कर सकता है।

UNSC के सदस्य

UNSC में 15 सदस्य होते हैं, जिनमें से पांच स्थायी हैं : चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका। स्थायी सदस्य अपनी वीटो शक्ति का प्रयोग मूल संकल्प पर कर सकते हैं। शेष 10 सदस्य क्षेत्रीय आधार पर चुने जाते हैं और दो साल की अवधि के लिए काम करते हैं। इसकी अध्यक्षता सदस्यों के बीच मासिक रूप से घूमती है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.2

 

वेस्ट नाइल वायरस

रूस ने इस शरद ऋतु में वेस्ट नाइल वायरस के संक्रमण के मामलों में वृद्धि की संभावना के बारे में चेतावनी जारी की क्योंकि हल्का तापमान और भारी वर्षा वायरस ले जाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।

मुख्य बिंदु

  • वेस्ट नाइल बुखार के 80% से अधिक मामले दक्षिण पश्चिम रूस में दर्ज किये गये हैं।
  • रिपोर्टों के अनुसार, रूस के नॉर्थ डकोटा क्षेत्र में मच्छर जनित वेस्ट नाइल वायरस के मानव मामले बढ़ रहे हैं।
  • अब तक पांच लोगों में मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

वेस्ट नाइल वायरस क्या है?

यह एक सिंगल-स्ट्रैंडड RNA वायरस है जो वेस्ट नाइल बुखार का कारण बनता है। वायरस फ्लैविविरिडे परिवार का सदस्य है, जिसमें जीका वायरस, डेंगू वायरस, साथ ही पीला बुखार वायरस भी शामिल है। यह वायरस मुख्य रूप से मच्छरों के माध्यम से और ज्यादातर क्यूलेक्स की प्रजातियों द्वारा फैलता है। वायरस के प्राथमिक मेजबान पक्षी हैं। आनुवंशिक रूप से, वायरस जापानी एन्सेफलाइटिस परिवार से संबंधित है। मनुष्य और घोड़े दोनों ही इस वायरस से रोग के लक्षण प्रदर्शित करते हैं। इस रोग का पहला मानव मामला 1937 में युगांडा में दर्ज किया गया था।

वायरस की उत्पत्ति

वेस्ट नाइल वायरस की उत्पत्ति अफ्रीका में हुई थी। यह अब यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में फैल गया है। यह वायरस ज्यादातर मच्छरों के काटने से फैलता है, जिससे मनुष्यों में एक घातक स्नायविक स्थिति पैदा हो जाती है।

यह रोग अधिकतर कब होता है?

वेस्ट नाइल वायरस के अधिकांश मामले मच्छरों के मौसम में होते हैं, गर्मियों में शुरू होते हैं और पतझड़ तक रहते हैं।

रोग के लक्षण

वेस्ट नाइल वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों (10 में से 8) में कोई लक्षण नहीं दिखते। कुछ संक्रमित लोगों को सिरदर्द, शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द, दाने, उल्टी या दस्त जैसे लक्षणों के साथ बुखार हो जाता है।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S3

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