एफएओ खाद्य मूल्य सूचकांक

चर्चा में क्यों?

टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क का मानना है कि “मुद्रास्फीति तेजी से घटने वाली है” और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं की कीमतें “छह महीने में नीचे की ओर चली जाएंगी”।

इसके बारे में :

  • वह जो संभावना बता रहे हैं, वह भोजन में पहले से ही हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन का खाद्य मूल्य सूचकांक (FPI) जुलाई में औसतन 9 अंक रहा, जो पिछले महीने के स्तर से 8.6% कम है और अक्टूबर 2008 के बाद से सबसे तेज मासिक गिरावट है।
  • एफपीआई (आधार अवधि मूल्य (2014-16 के लिए 100 पर लिया गया) पर प्रमुख खाद्य वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतों का एक व्यापार-भारित औसत) मार्च में 7 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण (24 फरवरी) के बाद का महीना था।
  • नवीनतम इंडेक्स रीडिंग जनवरी के 6 अंक के बाद से सबसे कम है।

FAO का खाद्य मूल्य सूचकांक :

  • इसे वर्ष 1996 में वैश्विक कृषि वस्तु बाज़ार के विकास की निगरानी में मदद के लिये सार्वजनिक रूप से पेश किया गया था।
  • FAO फूड प्राइस इंडेक्स (FFPI) खाद्य वस्तुओं की टोकरी के अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों में मासिक बदलाव का एक मापक है।
  • यह अनाज, तिलहन, डेयरी उत्पाद, मांस और चीनी की टोकरी के मूल्यों में हुए परिवर्तनों को मापता है।
  • इसका आधार वर्ष 2014-16 है।

खाद्य और कृषि संगठन :

  • परिचय :
    • खाद्य और कृषि संगठन की स्थापना वर्ष 1945 में संयुक्त राष्ट्र संघ के तहत की गई थी, यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है।
    • प्रत्येक वर्ष विश्व में 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। यह दिवस FAO की स्थापना की वर्षगाँठ की याद में मनाया जाता है।
    • यह संयुक्त राष्ट्र के खाद्य सहायता संगठनों में से एक है जो रोम (इटली) में स्थित है। इसके अलावा विश्व खाद्य कार्यक्रम और कृषि विकास के लिये अंतर्राष्ट्रीय कोष (IFAD) भी इसमें शामिल हैं।
  • FAO की पहलें :
    • विश्व स्तरीय महत्त्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS)।
    • विश्व में मरुस्थलीय टिड्डी की स्थिति पर नज़र रखना।
    • FAO और WHO के खाद्य मानक कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के मामलों के संबंध में कोडेक्स एलेमेंट्रिस आयोग (CAC) उत्तरदायी निकाय है।
    • खाद्य और कृषि के लिये प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज़ पर अंतर्राष्ट्रीय संधि को वर्ष 2001 में FAO के 31वें सत्र में अपनाया गया था।

SOURCE-INDIAN EXPRESS

PAPER—G.S.3