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Current Affair 2 May 2021

CURRENTS AFFAIRS – 2nd MAY

व्यापारिक निर्यात  तथा   व्यापारिक आयात

भारत का व्यापारिक निर्यात अप्रैल 2021 में 30.21 बिलियन डॉलर था, जो अप्रैल 2020 के 10.17 बिलियन डॉलर की तुलना में 197.03 प्रतिशत अधिक तथा अप्रैल 2019 के 26.04 बिलियन डॉलर की तुलना में 16.03 प्रतिशत अधिक है।

भारत का व्यापारिक आयात अप्रैल 2021 में 45.45 बिलियन डॉलर था, जो अप्रैल 2020 के 17.09 बिलियन डॉलर की तुलना में 165.99 प्रतिशत अधिक तथा अप्रैल 2019 के 42.38 बिलियन डॉलर की तुलना में 7.22 प्रतिशत अधिक है।

इस प्रकार भारत 15.24 बिलियन डॉलर के व्यापार घाटे के साथ अप्रैल 2021 में शुद्ध आयातक है जिसमें अप्रैल 2020 के 6.92 बिलियन डॉलर के व्यापार घाटे की तुलना में 120.34 प्रतिशत वृद्धि हुई तथा अप्रैल 2019 के 16.35 बिलियन डॉलर से अधिक के व्यापार घाटे की तुलना में 6.81 प्रतिशत की गिरावट आई।

अप्रैल 2021 में गैर-पेट्रोलियम निर्यात का मूल्य 26.85 बिलियन डॉलर था जो अप्रैल 2020 के 8.93 बिलियन डॉलर की तुलना में 200.62 प्रतिशत तथा अप्रैल 2019 के 22.48 बिलियन डॉलर की तुलना में 19.44 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित करता है।

अप्रैल 2021 में गैर-तेल, गैर-जीजे (गैर-सोना, चांदी तथा बेशकीमती धातु) का मूल्य 26.05 बिलियन डॉलर था जो अप्रैल 2020 के 12.33 बिलियन डॉलर की तुलना में 111.3 प्रतिशत तथा अप्रैल 2019 के 24.46 बिलियन डॉलर की तुलना में 6.48 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित करता है। अप्रैल 2021 में गैर-पेट्रोलियम एवं गैर-रत्न तथा आभूषण निर्यात का मूल्य 23.51 बिलियन डॉलर था जो अप्रैल 2020 के 8.90 बिलियन डॉलरकी तुलना में 164.28 प्रतिशत तथा अप्रैल 2019 के 19.61 बिलियन डॉलर की तुलना में 19.89 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित करता है।

अप्रैल 2021 में, तेल आयात का मूल्य 10.8 बिलियन डॉलर था जो अप्रैल 2020 के 4.65 बिलियन डॉलर की तुलना में 132.26 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि तथा अप्रैल 2019 के 11.56 बिलियन डॉलर की तुलना में 6.62 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित करता है।

अप्रैल 2021 में, गैर-तेल आयात का मूल्य 34.65 बिलियन डॉलर आंका गया जो अप्रैल 2020 के 12.44 बिलियन डॉलर की तुलना में 178.6 प्रतिशत की वृद्धि तथा अप्रैल 2019 के 30.82 बिलियन डॉलर की तुलना में 12.42 प्रतिशत की वृद्धि प्रदर्शित करता है।

अप्रैल 2021 में गैर-तेल, गैर-जीजे (गैर-सोना, चांदी तथा बेशकीमती धातु) आयातों का मूल्य 26.05 बिलियन डॉलर था जो अप्रैल 2020 के 12.33 बिलियन डॉलर की तुलना में 111.3 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि तथा अप्रैल 2019 के 24.46 बिलियन डॉलर की तुलना में 6.48 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित करता है।

अप्रैल 2020 की तुलना में अप्रैल 2021 के दौरान सभी प्रमुख कमोडिटी ने सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित की है अर्थात रत्न एवं आभूषण (9158.63 प्रतिशत), फ्लोर कवरिंग सहित जूट मैन्यूफैक्चरिंग (1556.39 प्रतिशत), कालीन (1351.48 प्रतिशत), हैंडमेड कालीन छोड़कर हस्तशिल्प (1207.98 प्रतिशत), चमड़ा तथा चमड़ा विनिर्माता (1168.96 प्रतिशत), सभी कपड़ों का आरएमजी (920.52 प्रतिशत), कॉटन यार्न/फैब्रिक्स/मेडअप्स, हस्तकरघा उत्पाद आदि (583.53 प्रतिशत), सेरामिक उत्पाद तथा ग्लासवेयर (441.57 प्रतिशत), अन्य मोटे अनाज (441.46 प्रतिशत), इलेक्ट्रोनिक वस्तुएं (362.86 प्रतिशत), ऑयल मील (275.91 प्रतिशत), काजू (252.46 प्रतिशत), अभ्रक, कोयला और अन्य अयस्क, प्रोसेस सहित खनिज अवयव (234.63 प्रतिशत), तंबाकू (183.86 प्रतिशत), लौह अयस्क (175.15 प्रतिशत), पेट्रोलियम उत्पाद (171.11 प्रतिशत), अनाज तैयारियां एवं विविध प्रसंस्कृत मदें (170.86 प्रतिशत), तिलहन (166.24 प्रतिशत), मांस, डेयरी तथा पोल्ट्री उत्पाद (148.6 प्रतिशत), चाय (143.04 प्रतिशत), समुद्री उत्पाद (107.59 प्रतिशत), मसाले (102.32 प्रतिशत), कॉफी (73.83 प्रतिशत), कार्बनिक तथा अकार्बनिक रसायन (69.39 प्रतिशत), चावल (60.29 प्रतिशत), प्लास्टिक एवं लिनोलियम (47.49 प्रतिशत), फल एवं सब्जी (21.82 प्रतिशत) तथा ड्रग्स एवं फार्मास्यूटिकल्स (20.68 प्रतिशत)।

अप्रैल 2019 की तुलना में निर्यात में सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित कर रहे प्रमुख कमोडिटी समूह हैं- लौह अयस्क (219.55 प्रतिशत), अन्य मोटे अनाज (206.43 प्रतिशत), ऑयल मील (86.59 प्रतिशत), फ्लोर कवरिंग सहित जूट मैन्यूफैक्चरिंग (66.19 प्रतिशत), चावल (49.45 प्रतिशत), अनाज तैयारी तथा विविध प्रसंस्कृत मदें (40.34 प्रतिशत),इलेक्ट्रोनिक वस्तुएं (35.81 प्रतिशत), अभ्रक, कोयला तथा अन्य अयस्क, प्रोसेस सहित खनिज अवयव (33.17 प्रतिशत), मसाले (32.72 प्रतिशत), कॉटन यार्न/फैब्रिक्स/मेडअप्स, हस्तकरघा उत्पाद आदि (25.27 प्रतिशत),सेरामिक उत्पाद एवं ग्लासवेयर (22.57 प्रतिशत), ड्रग्स एवं फार्मास्यूटिकल्स (22.55 प्रतिशत), कालीन (22.38 प्रतिशत), इंजीनियरिंग वस्तुएं (18.61 प्रतिशत), काजू (16.57 प्रतिशत), रत्न एवं आभूषण (16.38 प्रतिशत), समुद्री उत्पाद (16.34 प्रतिशत), हैंड-मेड कालीन छोड़कर हस्तशिल्प (14.33 प्रतिशत), प्लास्टिक एवं लिनोलियम (13.31 प्रतिशत), फल एवं सब्जियां (11.66 प्रतिशत), मैन-मेड यार्न/ फैब्रिक्स/मेडअप्स आदि (8.35 प्रतिशत) तथा ऑयल सीड्स (1.30 प्रतिशत)।

अप्रैल 2019 की तुलना में नकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित कर रहे प्रमुख कमोडिटी समूह हैं- चाय (-23.66 प्रतिशत), चमड़ा एवं चमड़ा विनिर्माता (-13.27 प्रतिशत), तंबाकू (-9.86 प्रतिशत), सभी कपड़ों का आरएमजी (-8.01 प्रतिशत), पेट्रोलियम उत्पाद (-5.5 प्रतिशत), कॉफी (-2.56 प्रतिशत), कार्बनिक तथा अकार्बनिक रसायन (-2.21 प्रतिशत) तथा  मांस, डेयरी तथा पोल्ट्री उत्पाद (-1.38 प्रतिशत)।

पिछले वर्ष के समान महीने की तुलना में अप्रैल 2021 के दौरान सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित कर रहे आयात के प्रमुख कमोडिटी समूहों में शामिल हैं- सोना (215906.91 प्रतिशत), मोती, बहुमूल्य एवं अर्ध-बहुमूल्य पत्थर (119500.48 प्रतिशत), सल्फर तथा अनरोस्टेड आयरन पाइराइट्स (1525.05 प्रतिशत), इलेक्ट्रोनिक्स वस्तुएं (213.59 प्रतिशत), गैर-फेरस धातु (193.89 प्रतिशत), परिवहन उपकरण (170.95 प्रतिशत), प्रोफेशनल इंस्ट्रूमेंट, ऑप्टिकल वस्तुएं आदि (163.13 प्रतिशत), आर्टिफिसियल रेसिन, प्लास्टिक्स मैटेरियल्स आदि (138.18 प्रतिशत), मेटालीफेरस अयस्क तथा अन्य खनिज अवयव (133.17 प्रतिशत), पेट्रोलियम, क्रूड तथा उत्पाद (132.26 प्रतिशत), मशीनरी, इलेक्ट्रिकल तथा गैर इलेक्ट्रिकल (113.73 प्रतिशत), टेक्सटाइल यार्न फैब्रिक, मेड-अप आर्टिकल्स (111.7 प्रतिशत), वुड एवं वुड उत्पाद (101.01 प्रतिशत), मशीन टूल्स (100.93 प्रतिशत), वनस्पति तेल (97.57 प्रतिशत), प्रोजेक्ट गुड्स (91.79 प्रतिशत), चमड़ा तथा चमड़ा उत्पाद (91.59 प्रतिशत), डाइंग/टैनिंग/कलरिंग मैटेरियल्स (88.10 प्रतिशत), कैमिकल मैटेरियल एवं उत्पाद (84.57 प्रतिशत), लोहा एवं इस्पात (73.19 प्रतिशत), कार्बनिक तथा अकार्बनिक रसायन (72.73 प्रतिशत), फल एवं सब्जियां (70.0 प्रतिशत), कोयला, कोक तथा ब्रिकेट आदि (65.98 प्रतिशत), मेडिसिनल तथा फार्मास्यूटिकल उत्पाद (56.92 प्रतिशत), पल्प तथा वेस्ट पेपर (46.35 प्रतिशत), कॉटन रॉ तथा वेस्ट (11.68 प्रतिशत) तथा फर्टिलाइजर्स, क्रूड एवं मैन्यूफैक्चर्ड (7.75 प्रतिशत) शामिल हैं।

पिछले वर्ष के समान महीने की तुलना में अप्रैल 2021 के दौरान नकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित कर रहे आयात के प्रमुख कमोडिटी समूहों में शामिल हैं- चांदी (-88.55 प्रतिशत), न्यूजप्रिंट(-46.07 प्रतिशत) तथा दलहन (-42.46 प्रतिशत)।

अप्रैल 2019 की तुलना में अप्रैल 2021 में आयात में सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित कर रहे प्रमुख कमोडिटी समूह हैं- वनस्पति तेल (75.85 प्रतिशत), सोना (54.17 प्रतिशत), कैमिकल मैटेरियल एवं उत्पाद (41.68 प्रतिशत), आर्टिफिसियल रेसिन, प्लास्टिक्स मैटेरियल्स आदि (36.69 प्रतिशत), मेटालीफेरस अयस्क तथा अन्य खनिज अवयव (29.60 प्रतिशत), सल्फर तथा अनरोस्टेड आयरन पाइराइट्स (25.23 प्रतिशत), मेडिसिनल तथा फार्मास्यूटिकल उत्पाद (22.23 प्रतिशत), फल एवं सब्जियां (18.95 प्रतिशत), इलेक्ट्रोनिक्स वस्तुएं (17.01 प्रतिशत), मोती, बहुमूल्य एवं अर्ध-बहुमूल्य पत्थर (15.39 प्रतिशत), गैर-फेरस धातु (13.51 प्रतिशत), कार्बनिक तथा अकार्बनिक रसायन (12.46 प्रतिशत), प्रोफेशनल इंस्ट्रूमेंट, ऑप्टिकल वस्तुएं आदि (6.78 प्रतिशत), डाइंग/टैनिंग/कलरिंग मैटेरियल्स (5.54 प्रतिशत) एवं वुड एवं वुड उत्पाद (2.63 प्रतिशत)।

अप्रैल 2019 की तुलना में अप्रैल 2021 में आयात में नकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित कर रहे प्रमुख कमोडिटी समूह हैं- चांदी (-95.25 प्रतिशत), न्यूजप्रिंट (-59.63 प्रतिशत), कॉटन रॉ तथा वेस्ट (-50.42 प्रतिशत), दलहन (-46.98 प्रतिशत), प्रोजेक्ट वस्तुएं (-37.47 प्रतिशत), चमड़ा तथा चमड़ा उत्पाद (-33.10 प्रतिशत), परिवहन उपकरण (-24.49 प्रतिशत), मशीन टूल्स (-23.40 प्रतिशत), पल्प एवं वेस्ट पेपर (-18.09 प्रतिशत), लोहा एवं इस्पात (-17.93 प्रतिशत), कोक तथा ब्रिकेट आदि (-14.84 प्रतिशत), फर्टिलाइजर्स, क्रूड एवं मैन्यूफैक्चर्ड (-11.44 प्रतिशत), पेट्रोलियम, क्रूड तथा उत्पाद (-6.62 प्रतिशत), मशीनरी, इलेक्ट्रिकल तथा गैर इलेक्ट्रिकल (-1.55 प्रतिशत) तथा टेक्स्टाइल यार्न फैब्रिक, मेड-अप आर्टिकल्स (-0.37 प्रतिशत)।

SOURCE-PIB

 

सूत्र मॉडल

हम वैज्ञानिक, जो कोविड-19 के प्रक्षेपवक्र को अंकित करने के लिए सूत्र मॉडल पर काम कर रहे हैं, हमारे गणितीय मॉडल की भविष्यवाणियों से संबंधित कुछ तथ्यों के बारे में स्पष्ट रूप से बताना चाहते हैं।खासकर जब से इनमें से कुछ भविष्यवाणियों को गलत ढंग सेसमझा और उद्धृत किया गयाहै, ऐसा करना जरूरी है। मीडिया के कुछ हिस्सों में आई हाल की रिपोर्ट से ऐसा लगता है कि सूत्र मॉडल पर काम करने वाले वैज्ञानिकों ने मार्च में दूसरी लहर के बारे में चेतायाथा, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। यह गलत है।राष्ट्रीय स्तर पर इस महामारी के खिलाफ प्रतिक्रिया को समन्वित करने वाले सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों में से एक ने 2 अप्रैल को बुलाई गई एक बैठक में हमसे इनपुट मांगे थे। हमने संकेत दिया कि सूत्रमॉडल ने अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक दूसरी लहर के चरम पर पहुंचने की भविष्यवाणी की है और दैनिक मामलों की संख्या लगभग 1 लाख रहने की संभावना है। साफ तौर परइस मामले में सूत्र मॉडल की भविष्यवाणी नीचे दिए गए कारणों से गलत निकली।

हम वायरस के प्रसार की भविष्यवाणी करने के लिए एक गणितीय मॉडल पर काम कर रहे हैं। यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कोई भी गणितीय मॉडल केवल तभी कुछ निश्चितता के साथ भविष्य के बारे में भविष्यवाणी कर सकता है, जब वायरस का आयाम और इसकी प्रसार क्षमता समय के साथ पर्याप्त रूप से न बदले। गणितीय मॉडल बिना–दवा आधारितउपायों जैसे विभिन्न नीतिगत निर्णयों के अनुरूप वैकल्पिक परिदृश्यों की भविष्यवाणी करने की एक प्रक्रिया के बारे में भी बता सकते हैं। कोविड-19 के मामले में, यह बिल्कुल स्पष्ट है कि वायरस की प्रकृति बहुत तेजी से बदल रही है। ऐसीस्थिति में, कोविड-19 से जुड़ी किसी भी भविष्यवाणी में लगातार,कभी-कभी लगभग रोजाना,फेरबदल करके उसे दुरूस्त रखना चाहिए।

हम सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और हमारे इनपुट को हमेशा सकारात्मक तरीके से लिया गया है। भले ही हम पूर्व में दूसरी लहर की सटीक प्रकृति का अनुमान नहीं लगा पाये, लेकिन हमने इस महामारी के भविष्य के प्रक्षेप वक्र का बेहतर तरीके से अनुमान लगाने के अपने प्रयासों को जारी रखा है।

SOURCE-PIB

 

State Disaster Relief Fund (SDRF)

वित्त मंत्रालय ने हाल ही में राज्य आपदा राहत कोष (State Disaster Relief Fund) की पहली किस्त जारी की। वित्त मंत्रालय के अनुसार, धनराशि जल्दी जारी कर दी गई है। मंत्रालय ने 50% राशि जारी की, जो कि 4,436.8 करोड़ रुपये है। वित्त आयोग द्वारा की गई सिफारिश के अनुसार जून, 2021 तक धनराशि जारी की जानी थी। 2021-22 के लिए जारी की जाने वाली SDRF की कुल राशि 8,873 करोड़ रुपये है।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (State Disaster Response Funds)

इनका गठन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत किया गया था।

2020 में, गृह मंत्रालय ने COVID-19 को “अधिसूचित आपदा” के रूप में शामिल करने का आदेश जारी किया था। यह फंसे हुए प्रवासी मजदूरों सहित बेघर लोगों को अस्थायी आवास, कपड़े, भोजन, चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए किया गया था।

SDRF, आपदाओं का मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार के पास उपलब्ध प्रमुख फण्ड है।

केंद्र सरकार सामान्य श्रेणी के राज्यों के लिए SDRF आवंटन में 75% का योगदान करती है।विशेष श्रेणी के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 90% का योगदान दिया जाता है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (National Disaster Response Funds)

राष्ट्रीय आपदा आकस्मिकता निधि (National Calamity Contingency Funds) का नाम बदलकर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (National Disaster Response Fund) रखा गया है।

इन फंड्स को “पब्लिक अकाउंट” के तहत रखा जाता है।

इन फंड्स के व्यय के लिए संसद की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General) द्वारा ऑडिट किया जाता है।

इस फण्ड का उपयोग आपदाओं जैसे कि कीटों के हमलों, सूखा, शीत लहर, यानी मूल रूप से किसानों से जुड़ी आपदाओं के लिए राहत गतिविधियों के लिए किया जाता है। इस तरह की फंडिंग की निगरानी कृषि और सहकारिता विभाग (Department of Agriculture and Cooperation) द्वारा की जाती है। यह कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत काम करता है।

अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान दिवस

हर साल, अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान दिवस (International Astronomy Day) वर्ष में दो बार मनाया जाता है। एक बार 26 सितंबर को और दूसरा 2 मई को। इस दिन खगोलीय संस्थान, प्लैनेटेरियम, संग्रहालय विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करते हैं और खगोल विज्ञान की दुनिया के बारे में जागरूकता फैलाते हैं।

मुख्य बिंदु

पहला अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान दिवस 1973 में मनाया गया था। यह उत्तरी कैलिफोर्निया के खगोलीय संघ (Astronomical Association of Northern California) के तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा शुरू किया गया था। उन्होंने विभिन्न शहरी स्थानों में दूरबीन बिंदु स्थापित करने का लक्ष्य रखा। प्रारंभ में यह उत्सव अमेरिका में शुरू हुआ और बाद में यह दुनिया के अन्य हिस्सों में फैल गया।

राष्ट्रीय खगोल विज्ञान सप्ताह (National Astronomy Week)

खगोल विज्ञान दिवस राष्ट्रीय खगोल विज्ञान सप्ताह का एक हिस्सा है। यह सप्ताह यूनाइटेड किंगडम में आयोजित किया जाता है।

खगोल विज्ञान का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष (International Year of Astronomy)

अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान का वर्ष 2009 में मनाया गया। यह 2009 में गैलीलियो की खोज की 400वीं वर्षगांठ और 17वीं शताब्दी में केप्लर की खोज को मनाने के लिए चिह्नित किया गया था । इस वर्ष का समन्वय अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (International Astronomical Union) द्वारा किया गया था।

1609 में, गैलीलियो ने पहली बार चंद्रमा पर क्रेटर और पहाड़ की खोज की थी, जिससे अंतरिक्ष की धारणा में बड़ा बदलाव आया।

अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (International Astronomical Union- IAU)

IAU की स्थापना 1919 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य विज्ञान की सुरक्षा करना था। IAU अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान परिषद (International Science Council) का सदस्य है, भारत भी इस संघ का सदस्य है। इसका मुख्यालय फ्रांस में स्थित है।

SOURCE-GK TODAY

 

Sputnik V

हाल ही में रूस द्वारा निर्मित स्पुतनिक-वी (Sputnik-V) वैक्सीन की पहली खेप भारत में पहुँच गयी है। पहले बैच में  1,50,000 वैक्सीन प्राप्त हुए हैं।

गौरतलब है कि स्पुतनिक-वी (Sputnik-V) तीसरा टीका है जिसका उपयोग भारत में कोरोनवायरस के खिलाफ किया जाएगा। हाल ही में भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल (Drug Controller General of India) ने हाल ही में स्पुतनिक-वी कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी थी।

स्पुतनिक वी टीका (Sputnik V Vaccine)

स्पुतनिक वी एक रूसी टीका है। डॉ. रेड्डीज लैब्स ने वैक्सीन पर नैदानिक ​​परीक्षण करने और भारत में इसके वितरण अधिकारों के लिए रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के साथ भागीदारी की है। इस टीके ने अपने चरण 3 परीक्षणों के दौरान 91.6% प्रभावकारिता हासिल की है।

COVAXIN

COVAXIN भारत बायोटेक द्वारा निर्मित एक सरकारी समर्थित टीका है। इसकी प्रभावकारिता दर 81% है। COVAXIN वैक्सीन के चरण तीन परीक्षणों में 27,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया है। COVAXIN दो खुराक में दिया जाता है। खुराक के बीच का समय अंतराल चार सप्ताह है। COVAXIN को मृत COVID-19 वायरस से तैयार किया गया था।

COVISHIELD

COVISHIELD वैक्सीन एस्ट्राज़ेनेका द्वारा निर्मित है। स्थानीय रूप से, COVISHIELD सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया द्वारा निर्मित किया जा रहा है। यह चिम्पांजी के एडेनोवायरस नामक एक सामान्य कोल्ड वायरस के कमजोर संस्करण से तैयार किया गया था। COVID-19 वायरस की तरह दिखने के लिए वायरस को संशोधित किया गया है। यह दो खुराक में लगाया जाता है।