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Current Affair 14 August 2021

Current Affairs – 14 August, 2021

ऑपरेशन ब्लू फ्रीडम

देश भर के दिव्यांगजन विश्व के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र तक पहुंचने के लिए दिव्यांगजनों की सबसे बड़ी टीम के लिए एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने हेतु सियाचिन ग्लेशियर तक एक अभियान आरंभ करेंगे। हाल ही में, भारत सरकार ने दिव्यांगजनों की एक टीम को सियाचिन ग्लेशियर पर चढ़ने की अनुमति दी है। दिव्यांगनजों की टीम को पूर्व सशस्त्र बलों की एक टीम ‘टीम क्लॉ’ द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। देश भर के चुने हुए दिव्यांगजन विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र तक पहुंचने के लिए दिव्यांगजनों की सबसे बड़ी टीम का एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए कुमार चौकी (सियाचिन ग्लेशियर) तक एक अभियान आरंभ करेंगे।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार नई दिल्ली के 15 जनपथ स्थित डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र, जो सीमांत समुदायों को सशक्त बनाने तथा समाज में सामाजिक-आर्थिक रूपांतरण लाने के लिए अनुसंधान करने तथा नीतिगत पोषण उपलब्ध कराने के लिए अधिदेशित एक प्रमुख स्वायतशासी अनुसंधान निकाय है, से दिव्यांगजन सियाचिन ग्लेशियर अभियान के वाहन काफिले को झंडी दिखाएंगे।

इस अग्रगामी अभियान ‘ऑपरेशन ब्लू फ्रीडम’ की सफलता दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने में एक अग्रणी देश के रूप में भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगी तथा अन्य देशों के लिए अनुकरण करने के लिए एक मानदंड स्थापित करेगी। यह दिव्यांगजनों की असीम उत्पादक क्षमता का लाभ उठाने के लिए दिव्यांगजनों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न तथा एमएसजेई के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा। इसी के साथ-साथ यह भारत के सशस्त्र बलों के कौशल तथा हृदय को न केवल युद्धक्षेत्र में बल्कि उसके बाहर भी शक्तिशाली तरीके से चित्रित करेगा।

  • ऑपरेशन ब्लू फ्रीडम : ऑपरेशन ब्लू फ्रीडम एक सामाजिक प्रभाव वाला उपक्रम है जिसका उद्देश्य अनुकूली साहसिक खेलों के माध्यम से दिव्यांग लोगों का पुनर्वास करना है।
    • इसका उद्देश्य दिव्यांग लोगों से जुड़ी दया, दान और अक्षमता की आम धारणा को तोड़ना और उनकी गरिमा, स्वतंत्रता एवं क्षमता को पुनर्जीवित करना है।
    • इसके अतिरिक्त उनका ध्यान दिव्यांग लोगों के लिये ‘बड़े पैमाने पर स्थायी रोज़गार संबंधी समाधानों को डिज़ाइन और कार्यान्वित करना’ है, विशेष रूप से ‘पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता’ के क्षेत्र में।
    • इसे वर्ष 2019 में Team CLAW द्वारा लॉन्च किया गया था।
  • LAW ग्लोबल : टीम CLAW विश्व भर में केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है, जहाँ विशेष बल के कमांडो और दिव्यांग लोग न केवल दिव्यांग व्यक्तियों हेतु बल्कि गैर-दिव्यांग लोगों के लिये भी बेहतर जीवन अनुभव जैसे कार्यों में योगदान दे रहे हैं।

सियाचिन ग्लेशियर

  • सियाचिन ग्लेशियर हिमालय में पूर्वी काराकोरम रेंज में स्थित है, जो प्वाइंट NJ9842 के उत्तर-पूर्व में है, यहाँ भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा समाप्त होती है।
  • यह दुनिया के गैर-ध्रुवीय क्षेत्रों का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर है।
    • ताज़िकिस्तान के ‘यज़्गुलेम रेंज’ में स्थित ‘फेडचेंको ग्लेशियर’ दुनिया के गैर-ध्रुवीय क्षेत्रों का सबसे लंबा ग्लेशियर है।
  • सियाचिन ग्लेशियर उस जल निकासी विभाजन क्षेत्र के दक्षिण में स्थित है, जो काराकोरम के व्यापक हिमाच्छादित हिस्से में यूरेशियन प्लेट को भारतीय उपमहाद्वीप से अलग करता है, जिसे कभी-कभी ‘तीसरा ध्रुव’ भी कहा जाता है।
  • सियाचिन ग्लेशियर लद्दाख का हिस्सा है, जिसे अब केंद्रशासित प्रदेश में बदल दिया गया है।
  • सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र है।
  • पूरा सियाचिन ग्लेशियर वर्ष 1984 (ऑपरेशन मेघदूत) में भारत के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया था।
  • दिव्यांगता एक व्यापक पद है, जिसमें असमर्थता, बाधित शारीरिक गतिविधियाँ और सामाजिक भागीदारी में असमर्थता शामिल हैं।
    • असमर्थता का आशय शारीरिक कार्य करने या संरचना में किसी समस्या से है।
    • बाधित शारीरिक गतिविधियों का आशय किसी कार्य या क्रिया को निष्पादित करने में किसी व्यक्ति के समक्ष आने वाली कठिनाइयों से है।
    • असमर्थता का अर्थ एक व्यक्ति द्वारा जीवन की विभिन्न सामाजिक भागीदारी में शामिल होने में अनुभव की जाने वाली समस्या से है।

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल 121 करोड़ की आबादी में से लगभग 2.68 करोड़ लोग (कुल जनसंख्या का 2.21%) दिव्यांग हैं।

2.68 करोड़ दिव्यांगों में 1.5 करोड़ पुरुष और 1.18 करोड़ महिलाएँ शामिल हैं।

अधिकांश विकलांग जनसंख्या (69%) ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।

विश्व स्तर पर दिव्यांग लोगों की संख्या 1 बिलियन है जो कि वैश्विक जनसंख्या का 15% है।

इन्हें समग्र पुनर्वास की कमी, अपर्याप्त कौशल, निर्बाध आवागमन की कमी और उपयुक्त रोज़गार की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इन कारकों ने एक साथ बड़े पैमाने पर दिव्यांग व्यक्तियों को उनके घरों तक सीमित कर दिया है, जिसने इनसे संबंधित मुद्दों पर नकारात्मकता और उनकी क्षमताओं के बारे में गलत धारणाओं को जन्म दिया।

इस प्रकार उनकी उत्पादक क्षमता काफी हद तक अप्रयुक्त है, जिसके चलते मुख्यधारा के जीवन से उनका वैश्विक बहिष्कार हो रहा है।

भारत में विकलांगों के लिये कार्यक्रम/पहल

सुगम्य भारत अभियान : दिव्यांगजनों के लिये सुगम वातावरण का निर्माण

दीनदयाल विकलांग पुनर्वास योजना

सहायक यंत्रों/उपकरणों की खरीद/फिटिंग के लिये विकलांग व्यक्तियों को सहायता योजना (ADIP)

विकलांग छात्रों के लिये राष्ट्रीय फैलोशिप (RGMF)

विकलांग व्यक्तियों का अधिकार अधिनियम 2016

SOURCE-PIB

PAPER-G.S.2 TOPIC-SOCIAL JUSTICE

 

राष्ट्रव्यापी फिट इंडिया फ्रीडम रन

केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर तथा युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्री निसिथ प्रमाणिक ने 13 अगस्त को आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में फिट इंडिया फ्रीडम रन 2.0 के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आजादी का अमृत महोत्सव भारत की आजादी के 75वें साल के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।

दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से फ्रीडम रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्टेडियम में फ्रीडम रन में हिस्सा लिया, वहीं पोर्ट ब्लेयर में सेल्युलर जेल, लाहौल स्पीति में काजा चौकी, मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया और पंजाब में अटारी बॉर्डर सहित कई अन्य प्रसिद्ध स्थलों सहित देश भर में 75 अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।

फिट इंडिया फ्रीडम रन 2.0 अभियान आजादी का अमृत महोत्सव के एक हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फ्रीडम रन कार्यक्रम देश को उनके राष्ट्रीय नायकों से भी जोड़ेगा जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाई। मंत्री ने विचार व्यक्त किया कि अगले 25 वर्षों में हमारा राष्ट्र क्या आकार और दिशा लेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कितने फिट हैं। मंत्री ने दोहराया, “एक युवा मन, शरीर और आत्मा, स्वस्थ और फिट इंडिया के प्रमुख तत्व हैं।” मंत्री महोदय ने कहा कि केवल ‘फिट इंडिया’ ही ‘हिट इंडिया’ बनाएगा।

फिट इंडिया फ्रीडम रन 2.0 की प्रमुख गतिविधियों में शपथ लेना, राष्ट्रगान प्रस्तुत करना, फ्रीडम रन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, युवा स्वयंसेवकों में भाग लेने और अपने गांवों में इसी तरह के फ्रीडम रन आयोजित करने के लिए जागरूकता बढ़ाना शामिल हैं। लोग फिट इंडिया पोर्टल https://fitindia.gov.in पर अपना फ्रीडम रन रजिस्टर और अपलोड कर सकते हैं और #Run4India तथा #AzadikaAmritMahotsav के साथ अपने सोशल मीडिया चैनलों पर फ्रीडम रन को बढ़ावा दे सकते हैं।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S. 2

 

रामसरस्थल

हरियाणा के दो एवं गुजरात के दो यानी कुल चार और भारतीय स्थलों को ‘रामसर संधि’ के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों के तौर पर मान्यता दी गई है और देश में अब इस प्रकार के स्थलों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। पर्यावरण मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय के अनुसार, ऐसा पहली बार हुआ है कि हरियाणा की दो आर्द्रभूमियों-गुरुग्राम के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान और झज्जर स्थित भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य- को रामसर सूची में शामिल किया गया है।

रामसर सूची का उद्देश्य ‘‘आर्द्रभूमि के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को विकसित करना और बनाए रखना है जो वैश्विक जैविक विविधता के संरक्षण और उनके पारिस्थितिक तंत्र घटकों एवं प्रक्रियाओं के रखरखाव एवं लाभों के माध्यम से मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं’’।

रामसर संधि क्या है?

  • रामसर आर्द्रभूमि समझौते (Ramsar Convention on Wetlands) पर 2 फरवरी, 1971 में इरान के कैप्सियन सागर के तट पर स्थित शहर रामसर में हस्ताक्षर किये गये थे। इसलिए इसे रामसर संधि कहा जाता है। कुछ लोग इस संधि को आर्द्रभूमि संधि (Wetland Convention) भी कहते हैं।
  • यह 1975 में लागू हुई।
  • इस संधि का औपचारिक नाम है – अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व, विशेषकर जल पक्षी आवास के रूप में आर्द्रभूमियों के विषय में संधि
  • यह एक अंतर-सरकारी संधि है जो आर्द्रभूमि के संरक्षण और समुचित उपयोग के सम्बन्ध में मार्गदर्शन प्रदान करती है।
  • भारत ने 1982 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए।
  • भारत में आर्द्रभूमि के संरक्षण के मामलों के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु-परवर्तन मंत्रालय नोडल मंत्रालय घोषित है।
  • विदित हो कि भारत में सम्पूर्ण भूमि के 7% पर आर्द्रभूमि फैली हुई है।

मोंट्रेक्स रेकॉर्ड

  • रामसर संधि के तहत आर्द्र भूमि स्थलों की एक पंजी तैयार की गई है जिसे मोंट्रेक्स रेकॉर्ड (Montreux Record) कहते हैं।
  • इस पंजी में विश्व-भर की महत्त्वपूर्ण आर्द्र भूमियों के विवरण अंकित हैं।
  • इसमें यह भी दर्शाया गया है कि तकनीकी विकास, प्रदूषण अथवा अन्य मानवीय हस्तक्षेप से किन आर्द्रभूमियों पर पर्यावरणिक परिवर्तन हो चुके हैं, हो रहे हैं अथवा होने वाले हैं।
  • इस पंजी में कोई नई आर्द्रभूमि का नाम डालना हो अथवा निकालना हो तो उसके लिए कांफ्रेंस ऑफ़ द कांट्रेक्टिंग पार्टीज (1990) का अनुमोदन अनिवार्य होता है।
  • मोंट्रेक्स रेकॉर्ड रामसर सूची के अंग के रूप में संधारित है।
  • वर्तमान में भारत की दो आर्द्रभूमियाँ मोंट्रेक्स रेकॉर्ड में अंकित हैं। ये हैं – केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर, राजस्थान) और लोकताक झील (मणिपुर)।
  • एक बार चिल्का झील (ओडिशा) को इस सूची में स्थान दिया गया था, परन्तु आगे चलकर इसे वहाँ से हटा दिया गया था।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S. 3

TOPIC-ENVIRONMENT

 

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देशवासियों के संघर्षों और उनकी कुर्बानियों को याद करते हुये 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जायेगा।

अपने कई ट्वीटों में प्रधानमंत्री ने कहा है :

“विभाजन की पीड़ा को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वहशी नफरत और हिंसा के कारण हमारी लाखों बहनें और भाई दर-बदर हो गये और तमाम लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। अपने लोगों के संघर्षों और कुर्बानियों को याद करते हुये 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जायेगा।

#PartitionHorrorsRemembranceDay हमें यह याद दिलाता रहेगा कि सामाजिक भेदभाव और वैमन्यस्य को मिटाने की तथाएकता, सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की जरूरत है।

देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है।

भारत का विभाजन

यही वह दिन था जब देश का विभाजन हुआ और 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान तथा 15 अगस्त, 1947 को भारत को एक पृथक राष्ट्र घोषित कर दिया गया। इस विभाजन में न केवल भारतीय उप-महाद्वीप के दो टुकड़े किये गये बल्कि बंगाल का भी विभाजन किया गया।

भारत का विभाजन माउंटबेटन योजना के आधार पर निर्मित भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम १९४७ के आधार पर किया गया। इस अधिनियम में काहा गया कि 15 अगस्त 1947 को भारत व पाकिस्तान अधिराज्य नामक दो स्वायत्त्योपनिवेश बना दिए जाएंगें और उनको ब्रिटिश सरकार सत्ता सौंप देगी। स्वतंत्रता के साथ ही 14 अगस्त को पाकिस्तान अधिराज्य (बाद में जम्हूरिया ए पाकिस्तान) और 15 अगस्त को भारतीय संघ (बाद में भारत गणराज्य) की संस्थापना की गई। इस घटनाक्रम में मुख्यतः ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रांत को पूर्वी पाकिस्तान और भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में बाँट दिया गया और इसी तरह ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत को पश्चिमी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और भारत के पंजाब राज्य में बाँट दिया गया। इसी दौरान ब्रिटिश भारत में से सीलोन (अब श्रीलंका) और बर्मा (अब म्यांमार) को भी अलग किया गया, लेकिन इसे भारत के विभाजन में नहीं शामिल किया जाता है। इसी तरह 1971 में पाकिस्तान के विभाजन और बांग्लादेश की स्थापना को भी इस घटनाक्रम में नहीं गिना जाता है। (नेपाल और भूटान इस दौरान भी स्वतंत्र राज्य थे और इस बंटवारे से प्रभावित नहीं हुए।)

15 अगस्त 1947 की आधी रात को भारत और पाकिस्तान कानूनी तौर पर दो स्वतंत्र राष्ट्र बने। लेकिन पाकिस्तान की सत्ता परिवर्तन की रस्में 14 अगस्त को कराची में की गईं ताकि आखिरी ब्रिटिश वाइसराॅय लुइस माउंटबैटन, करांची और नई दिल्ली दोनों जगह की रस्मों में हिस्सा ले सके। इसलिए पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त और भारत में 15 अगस्त को मनाया जाता है।

भारत के विभाजन से करोड़ों लोग प्रभावित हुए। विभाजन के दौरान हुई हिंसा में करीब 10 लाख लोग मारे गए और करीब 1.45 करोड़ शरणार्थियों ने अपना घर-बार छोड़कर बहुमत संप्रदाय वाले देश में शरण ली।

SOURCE-PIB

PAPER-G.S. 1

TOPIC-HISTORY

 

खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए कृषि जैव विविधता को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स साझेदारी

ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों ने “खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए कृषि जैव विविधता को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स साझेदारी” (BRICS Partnership for Strengthening Agro Biodiversity for Food and Nutrition Security) विषय पर वर्चुअल बातचीत की।

मुख्य बिंदु

  • सतत विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ब्रिक्स देश भूखमरी और गरीबी उन्मूलन के 2030 सतत विकास लक्ष्यों के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।
  • ब्रिक्स देशों ने एक मजबूत कृषि अनुसंधान आधार स्थापित किया है।
  • इसने उत्पादकता बढ़ाने के लिए, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन की पृष्ठभूमि में, कृषि जैव विविधता को बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए साझा ज्ञान, प्रयोगशाला से भूमि पर प्रौद्योगिकियों को स्थानांतरित करने को भी स्वीकार किया।
  • इस बैठक के दौरान सदस्य देशों ने ब्रिक्स की 11वीं बैठक की संयुक्त घोषणा और ब्रिक्स देशों के कृषि सहयोग के लिए 2021-24 की कार्य योजना और ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच पर चर्चा की।
  • ब्रिक्स बैठक में अंगीकरण के लिए ब्रिक्स कार्य समूह (BRICS Working Group) की बैठक द्वारा 2021-24 की कार्य योजना का समर्थन किया जाएगा।

ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच (BRICS Agriculture Research Platform)

इस प्लेटफॉर्म को भारत द्वारा कृषि अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, विस्तार, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। उत्पादकों और प्रोसेसर की जरूरतों को पूरा करने के लिए कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग और अनुप्रयोग में सुधार के उद्देश्य से इस मंच को कार्यात्मक बनाया गया था।

ब्रिक्स (BRICS)

ब्रिक्स में पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं, ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ब्रिक्स के सदस्य क्षेत्रीय मामलों पर अपने महत्वपूर्ण प्रभाव के लिए जाने जाते हैं। ब्रिक्स देशों की सरकारें 2009 से औपचारिक शिखर सम्मेलनों में सालाना बैठक कर रही हैं। हालिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12वां संस्करण) की मेजबानी रूस द्वारा 17 नवंबर, 2020 को वर्चुअली COVID-19 महामारी के बीच की गई थी।

SOURCE-GK TODAY

PAPER-G.S.3

TOPIC-ECONOMY

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