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Current Affair 17 May 2021

CURRENTS AFFAIRS – 17th MAY 2021

कोविडप्रतिरोधी दवा

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा 17 मई, 2021 को नई दिल्ली में कोविड के लिये सहायक थेरेपी कोविड-प्रतिरोधी दवा, 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) का पहला बैच जारी किया और उसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को सौंपा। इस दवा के पाउचों से भरा एक-एक डिब्बा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के लेफ्टिनेंट जनरल सुनील कांत को भी सौंपा गया। इस दवा के और डिब्बे देशभर के विभिन्न अस्पतालों को आपातकालीन उपयोग के लिए सौंपे जायेंगे। इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (इनमास), जोकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक प्रयोगशाला है, द्वारा डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज (डीआरएल), हैदराबाद के साथ मिलकर कोविड19 – प्रतिरोधी दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) का एक चिकित्सीय अनुप्रयोग विकसित किया गया है।

इस अवसर पर बोलते हुए, रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ और डीआरएल, हैदराबाद को इस दवा के विकास के लिए बधाई दी जो कोविड रोगियों की ऑक्सीजन पर निर्भरता कम करने और उन्हें जल्दी ठीक होने में मदद करेगी। उन्होंने इस दवा को देश के वैज्ञानिक कौशल का एक आदर्श उदाहरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “2-डीजी दवा इस चुनौतीपूर्ण समय में आशा की एक नई किरण है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह दवा कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में देश की मदद करने के लिए इस दवा का विकास और उत्पादन सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की साझेदारी का एक शानदार उदाहरण है। उन्होंने आगे कहा कि जब स्थितियां सुधारेंगी, तो वे व्यक्तिगत रूप से इस दवा के विकास में प्रमुख भूमिका निभाने वाले सभी वैज्ञानिकों को सम्मानित करना चाहेंगे क्योंकि वे इस उपलब्धि के लिए श्रेय के पात्र हैं।

2-डीजी को डीआरडीओ और डीआरएल, हैदराबाद की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया, जो कोविड​​​​-19 के रोगियों को इस बीमारी से जल्दी से उबरने में मदद करेगा और ऑक्सीजन पर उनकी निर्भरता को कम करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दवा न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में इस वायरस को हराने में काफी मददगार साबित होगी। उन्होंने डीआरडीओ और उसके वैज्ञानिकों को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए बधाई दी।

Source –PIB

 

राष्ट्रीय एईएफआई (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटना) समिति

राष्ट्रीय एईएफआई (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटना) समिति की ओर से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कोविड टीकाकरण के बाद रक्तस्राव और थक्के जमने के मामले बहुत कम हैं और यह देश में ऐसी स्थितियों के सामने आने की अपेक्षित संख्या के अनुरूप हैं।

कुछ देशों में 11 मार्च, 2021 को, विशेष रूप से एस्ट्रा जेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन [भारत में कोविशील्ड] के साथ, टीकाकरण के बाद “रक्तस्राव और थक्के जमने की घटनाओं”, को लेकर अलर्ट जारी किए गए हैं। वैश्विक चिंताओं को देखते हुए भारत में प्रतिकूल घटनाओं (एई) का तत्काल गहन विश्लेषण कराने का फैसला लिया गया था।

राष्ट्रीय एईएफआई समिति ने उल्लेख किया है कि 3 अप्रैल, 2021 तक, टीके की 7,54,35,381 खुराक (कोविशील्ड- 6,86,50,819; कोवैक्सीन-67,84,562) लगाई गईं हैं। इनमें 6,59,44,106 पहली खुराक और 94,91,275 दूसरी खुराक शामिल थीं। कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से देश के 753 जिलों में से 684 जिलों में को-विन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 23,000 से ज्यादा प्रतिकूल घटनाएं (एई) दर्ज की गई थीं। इनमें से सिर्फ 700 मामले (@9.3 मामले/10 लाख टीके की लगी खुराक) ही गंभीर और जटिल प्रकृति के रूप में दर्ज किए गए थे।

एईएफआई समिति ने गंभीर और जटिल घटनाओं वाले 498 मामलों की गहन समीक्षा पूरी की है, जिनमें से कोविशील्ड टीका लगने के बाद 0.61 मामलों/10 लाख खुराक की रिपोर्टिंग रेट के साथ 26 मामलों को संभावित थ्रोम्बोम्बोलिक घटना (रक्त वाहिका में थक्के का जमना, जो ढीला हो सकता है, रक्त प्रवाह के माध्यम से दूरी रक्त वाहिका तक जा सकता है) के रूप में दर्ज किया गया है।

कोवैक्सीन टीका लगाने के बाद संभावित थ्रोम्बोम्बोलिक का एक भी मामला नहीं दर्ज किया गया है।

भारत में एईएफआई के आंकड़ों ने दिखाया है कि यहां बेहद कम, लेकिन निश्चित तौर पर थ्रोम्बोम्बोलिक घटनाओं का जोखिम है। भारत में ऐसी शिकायतें दर्ज करने की दर (रिपोर्टिंग रेट) लगभग 0.61/10 लाख खुराक है, जो ब्रिटेन के चिकित्सा और स्वास्थ्य नियामक प्राधिकरण (एमएचआरए) की ओर से दर्ज किए गए 4 मामलों/10 लाख खुराक से बहुत कम है। जर्मनी ने प्रति 10 लाख खुराक पर ऐसी 10 घटनाएं दर्ज की हैं।

यह जानना बेहद महत्वपूर्ण है कि थ्रोम्बोम्बोलिक की घटनाएं सामान्य आबादी में भी होती रहती हैं, जैसा कि परिस्थितियां और वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि यह जोखिम यूरोपीय मूल के व्यक्तियों की तुलना में दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशियाई मूल के व्यक्तियों में लगभग 70 प्रतिशत कम होता है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों और टीका लगवाने वाले लाभार्थियों को अलग से सलाह जारी कर रहा है, ताकि लोगों को किसी भी कोविड-19 वैक्सीन (विशेष रूप से कोविशील्ड) लगने के बाद 20 दिनों के भीतर होने वाले संदिग्ध थ्रोम्बोम्बोलिक लक्षणों के बारे में जागरूक होने और जिस स्वास्थ्य सेवा केंद्र पर टीका लगाया था, उसे ऐसी किसी घटना की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके :

  • सांस फूलना;
  • सीने में दर्द;
  • अंगों में दर्द/अंगों को दबाने पर दर्द या अंगों (बांह या पिण्डलियों) में सूजन;
  • इंजेक्शन वाली जगह से बाहर के क्षेत्र में कई, सुई की नोक के आकार के लाल धब्बे या त्वचा में नीले-काले धब्बे बनना;
  • पलटी के साथ या बगैर पलटी के लगातार पेट दर्द;
  • पलटी के साथ या बगैर पलटी के पहले से कोई परेशानी न होने बावजूद दौरे पड़ना;
  • पलटी के साथ या बगैर पलटी के तेज और लगातार सिरदर्द (माइग्रेन या पुराने सिरदर्द की पहले कोई समस्या न होने के बावजूद);
  • अंगों या शरीर का कोई विशेष हिस्सा या (चेहरे सहित) शरीर के किसी अंग में कमजोरी/लकवा;
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार पलटी होना;
  • धुंधली दिखना या आंखों में दर्द या दो-दो चित्र बनना;
  • मानसिक स्थिति में बदलाव या भ्रम या चेतना का अवसाद के स्तर पर होना
  • कोई अन्य लक्षण या स्वास्थ्य की स्थिति जो टीके लगाने वाले व्यक्ति या परिवार के लिए चिंता का विषय हो।

कोविशील्ड, कोविड-19 टीका, लगातार पूरे विश्व और भारत में संक्रमण रोकने और कोविड-19 के कारण होने वाली मौतों को कम करने की जबरदस्त क्षमता के साथ निश्चित तौर पर सकारात्मक लाभ जोखिम की पहचान बनाए हुए है। भारत में 27 अप्रैल, 2021 तक कोविशील्ड वैक्सीन की 13.4 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय सभी कोविड-19 टीकों की सुरक्षा की लगातार निगरानी कर रहा है और संदिग्ध प्रतिकूल घटनाओं की सूचना देने को भी बढ़ावा दे रहा है।

SOURCE-PIB

 

महामारी के बीचग्रामीण विकास

भले ही ग्रामीण भारत बढ़ती कोविड महामारी की दूसरी लहर की चपेट में आ गया हो, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ये सुनिश्चित किया है कि देश भर में विकास कार्य प्रभावित नहीं हों। अवधि के दौरान देश ने मंत्रालय के अंतर्गत जारी कई योजनाओं में तेजी और प्रगति देखी है। विकास कार्यों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रमुख लोगों को प्रशिक्षित भी किया गया है।

कोविड महामारी के बीच मई 2021 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत 1.85 करोड़ लोगों को काम दिया गया। ये काम मई 2019 की समान अवधि में दिये गये काम से 52 प्रतिशत ज्यादा है, जब प्रतिदिन 1.22 करोड़ लोगों को काम दिया गया था। 13 मई 2021 तक 2.95 करोड़ लोगों को वित्त वर्ष 2021-22 में काम दिया जा चुका है, जिसमें 5.98 लाख संपत्तियां पूरी हुईं और 34.56 करोड़ श्रमिक-दिवस उत्पन्न हुए। अग्रिम पंक्ति में काम कर रहे कर्मचारियों सहित सभी स्तरों पर कार्यरत कर्मियों के बीच संक्रमण और मौतों के रूप में नुकसान के बावजूद ये उपलब्धि हासिल की गयी।

ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए कोविड-19 के लिये उचित व्यवहार, टीकाकरण, टीके को लेकर झिझक और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति उचित व्यवहार के लिये प्रोत्साहन और रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने आदि को लेकर दीनदयाल अन्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत 8-12 अप्रैल 2021 से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। पहल के अंतर्गत राज्य, जिला और ब्लॉक स्तरीय 13,958 नोडल व्यक्ति 34 एसआरएलएम में प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित हुए। प्रमुख प्रशिक्षकों के द्वारा 1,14,500 कम्युनिटी रिस्प़ॉन्स पर्सन (सीआरपी) और सीआरपी के द्वारा 2.5 करोड़ महिला एसएचजी सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। राज्य एवं जिला स्तरीय नोडल व्यक्तियों को डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत कोविड प्रबंधन में क्षमता निर्माण और सामाजिक विकास के लिये भी प्रशिक्षित किया गया।

राहत देने और रोजगार उत्पन्न करने के लक्ष्य के साथ वित्त वर्ष 2021 में करीब 56 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इनवेस्टमेंट फंड महिला स्वयं सहायता समूहों को जारी किया गया जो कि वित्त वर्ष 2020 की समान अवधि में 32 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कर्मचारियों और सामुदायिक वर्गों के लिये कृषि और गैर कृषि आधारित आजीविका और एसएचजी परिवारों के द्वारा कृषि-पोषक उद्यानों को बढावा देने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण भी जारी रहा।

20 राज्यों/यूटी में लॉकडाउन और इसकी वजह से लोगों, मशीनों और सामग्री की उपलब्धता में मुश्किलों के बावजूद इस साल बीते 3 साल की तुलना योग्य अवधि के मुकाबले सबसे ज्यादा लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हुआ। पहली अप्रैल से 12 मई के बीच प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत सड़क का कुल निर्माण वित्त वर्ष 2021 में 1795.9 किलोमीटर और कुल खर्च 1693.8 करोड़ रुपये रहा जो कि पिछले साल की समान अवधि के मुताबिक कहीं ज्यादा है।

अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं की तरह ही प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण योजना भी कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुई। हालांकि व्यवस्थित कार्य प्रवाह से मंत्रालय इस वित्त वर्ष में 5854 करोड़ रुपये व्यय करने में सक्षम रहा, जबकि 2020-21 में ये व्यय 2512 करोड़ रुपये और 2019-20 में 1411 करोड़ रुपये था, जो कि इसी तुलनायोग्य अवधि में 2021-22 के व्यय का क्रमश: 43 प्रतिशत और 24 प्रतिशत हैं।

SOURCE-PIB

 

ओकेनोस एक्सप्लोरर

ओकेनोस एक्सप्लोरर (Okeanos Explorer) National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) द्वारा निर्मित एक जहाज है। यह 14 मई, 2021 को फ्लोरिडा के पोर्ट कैनावेरल से रवाना हुआ।

ओकेनोस एक्सप्लोरर (Okeanos Explorer)

ओकेनोस एक्सप्लोरर समुद्र की खोज के दो सप्ताह के अभियान पर भेजा गया है।

यह हैडल ज़ोन (Hadal Zone) में अनछुए समुद्र तल के विशाल क्षेत्रों के 3D मानचित्रों का निर्माण करेगा।

यह ऑर्फियस (Orpheus) नामक पानी के नीचे के वाहन (autonomous under water vehicle) का एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन भी करेगा।

ऑर्फियस रोबोट सबमर्सिबल रोबोट का एक नया वर्ग है जो समुद्र तल पर वैज्ञानिक विशेषताओं की पहचान करने में मदद करेगा।

ऑर्फियस (Orpheus)

आमतौर पर, गहरे समुद्री तल की खोज के लिए एक बड़े उच्च शक्ति वाले उपकरण जैसे सोनार की आवश्यकता होती है। ऐसे उपकरणों के विपरीत, ऑर्फ़ियस उन्नत सॉफ़्टवेयर के साथ-साथ कैमरों, रोशनी का उपयोग करता है। यह गहरे समुद्र में पनडुब्बियों की तुलना में हल्का है।

इसका वजन लगभग 250 किलोग्राम है।

यह फुर्तीला है, एक ऊबड़-खाबड़ (टूटी या असमान चट्टानी सतह) वातावरण में आसानी से चलता है। इस तरह का वातावरण आमतौर पर गहरे समुद्र में चलने वाले अधिकांश वाहनों के लिए दुर्गम होता है।

ऑर्फियस को JPL और Woods Hole Oceanographic Institution (WHOI) द्वारा डिजाइन किया गया था। JPL ने मार्स मिशन 2020 के परसेवरांस रोवर (Perseverance Rover) और इन्जेन्यूटी हेलीकॉप्टर (Ingenuity Helicopter) को भी डिजाइन किया है। WHOI HADEX कार्यक्रम का संचालन कर रहा है। HADEX का अर्थ  Hadal Exploration Programme है।

हैडल जोन (Hadal Zone)

हैडल ज़ोन (Hadal Zone) महासागर का सबसे गहरा क्षेत्र है जो समुद्री खाइयों के भीतर स्थित है।

हैडल जोन आमतौर पर 6,000 मीटर से 11,000 मीटर की गहराई में पाए जाते हैं।

हाल ही में, पृथ्वी के पांच महासागरों के सबसे गहरे बिंदुओं का पता लगाने केलिए फाइव डीप अभियान (Five Deeps Expedition) लांच किया गया था।

एंड्रिया मेजा

मेक्सिको की एंड्रिया मेजा (Andrea Meza) ने मिस यूनिवर्स, 2020 (Miss Universe 2020) का खिताब जीता है। मिस यूनिवर्स के 69वें संस्करण का आयोजन 16 मई, 2021 को फ्लोरिडा, अमेरिका में किया गया। इसे पहली बार 2020 में COVID-19 महामारी के कारण रद्द किया गया था।

मिस यूनिवर्स,

एंड्रिया मेजा ने दुनिया भर की 74 प्रतियोगियों को हराया। ब्राजील की जूलिया गामा (Julia Gama) उपविजेता रही और पेरू की जानिक मैकेटा (Janick Maceta) तीसरे स्थान पर रहीं।

मिस इंडिया

मिस इंडिया एडलाइन कैस्टेलिनो (Adline Castelino) ने शीर्ष चार में जगह बनाई।

तमाशा में राजनीतिक वक्तव्य

मिस म्यांमार, थुज़र विंट ल्विन (Thuzar Wint Lwin) ने तब ध्यान आकर्षित किया जब उन्होंने म्यांमार में तख्तापलट की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए अपने समय का उपयोग किया। उन्होंने उस विशेष प्रतियोगिता खंड के दौरान सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पोशाक का पुरस्कार भी जीता। उन्होंने पारंपरिक बर्मीज पैटर्न पहना था और “Pray for Myanmar” का एक चिन्ह भी पकड़ा हुआ था।  सैन्य तख्तापलट के कारण म्यांमार में 796 से अधिक लोग मारे गए और चार हजार लोग जेल में बंद हैं।
1 फरवरी, 2021 को म्यांमार की सेना द्वारा आंग सान सू की को सत्ता से बेदखल करने के बाद से देश में भारी विवाद उत्पन्न हो गया था।

मिस म्यांमार के अलावा मिस सिंगापुर बर्नडेट बेले ओंग (Bernadette Belle Ong) ने भी राजनीतिक बयान दिए। उनकी लंबी पोशाक में “Stop Asian Hate” लिखा हुआ था।

SOURCE-GK TODAY

 

शांति से एक साथ रहने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस

हर साल, संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कई अन्य संगठनों द्वारा शांति में एक साथ रहने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Living Together in Peace) मनाया जाता है।

शांति में एक साथ रहने के अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Living Together in Peace)

यह दिन जाति, लिंग, धर्म और भाषा के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने, मानवाधिकारों के सम्मान को बढ़ावा देने और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र ने 2001 से 2010 के दशक को बच्चों के लिए शांति और अहिंसा की संस्कृति के लिए अंतर्राष्ट्रीय दशक (International Decade for a Culture of Peace and Non-Violence for the Children of the World) के रूप में घोषित किया।

इतिहास

आने वाली पीढ़ियों को युद्ध से बचाने के लिए शांति में एक साथ रहने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Living Together in Peace) स्थापित किया गया था।

1997 में, संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2000 को शांति की संस्कृति के लिए अंतर्राष्ट्रीय वर्ष (International Year for Culture of Peace) के रूप में मनाने का एक प्रस्ताव पारित किया था।

1999 में, संयुक्त राष्ट्र ने “Declaration and Programme of Action on a Culture of Peace” नामक एक प्रस्ताव अपनाया।यह शांति और अहिंसा की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सार्वभौमिक जनादेश के रूप में कार्य करता है।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस (International Day of Peace)

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस, शांति में एक साथ रहने के अंतर्राष्ट्रीय दिवस से अलग है। अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा 16 सितंबर को मनाया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (United Nations Peacekeeping Force)

इसकी स्थापना 1945 में की गयी थी। संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के तहत 90,905 सक्रिय वर्दीधारी कर्मचारी काम कर रहे हैं। यह शांति निर्माण और शांति प्रवर्तन पर केंद्रित है। उनके नीले रंग के हेलमेट और बेरे के लिए उन्हें ब्लू बेरे (Blue Berets ) या ब्लू हेलमेट (Blue Helmets) भी कहा जाता है।

संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना कोष  (UN Peacekeeping Funds)

संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों के लिए यह अनिवार्य है कि वे संयुक्त राष्ट्र शांति व्यवस्था के लिए अपने-अपने हिस्से का भुगतान करें। संयुक्त राष्ट्र ने शांति अभियानों के लिए 6.58 बिलियन अमरीकी डालर के बजट को मंजूरी दी है।

SOURCE-GK TODAY

 

अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस

हर साल, 16 मई को यूनेस्को (UNESCO) और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस (International Day of Light) मनाया जाता है। यह दिन विज्ञान, कला, संस्कृति, शिक्षा और सतत विकास में प्रकाश की भूमिका का जश्न मनाता है। इस वर्ष, 2021 में, अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस निम्नलिखित थीम के तहत मनाया गया:

थीम : Trust Science

16 मई को ही अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस क्यों मनाया जाता है?

क्योंकि LASER का पहला सफल ऑपरेशन 16 मई 1960 को भौतिक विज्ञानी थियोडोर मेमन (Theodore Maiman) द्वारा किया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस के लक्ष्य

दैनिक जीवन में प्रकाश-आधारित प्रौद्योगिकियों के महत्व में सार्वजनिक समझ में सुधार करना

युवा लोगों के लिए विज्ञान को लक्षित करने वाली गतिविधियों का निर्माण करना

प्रकाश, कला और संस्कृति के बीच की कड़ी को उजागर करने के लिए

प्रकाश प्रौद्योगिकियों के महत्व को बढ़ावा देने के लिए

प्रकाश प्रौद्योगिकियां (Light Technologies)

रेडियो तरंगें और गामा किरणें ब्रह्मांड की उत्पत्ति में अंतर्दृष्टि (insights) प्रदान करती हैं।इसके अलावा, नैनो फोटोनिक्स और क्वांटम ऑप्टिक्स जैसे शोध नई मौलिक खोजों को प्रेरित करते हैं।

फोटोनिक्स समर्थित उद्योग अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।

स्मार्टफोन की शक्ति को बेहतर दृष्टि प्रदान करने में फोटोनिक्स एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

फोटोनिक प्रौद्योगिकियों का विश्व अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। इसमें 600 अरब यूरो का बाजार शामिल है। फोटोनिक्स में वृद्धि 2005 और 2011 के बीच दोगुनी हो गई थी।

प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution)

एक ओर, प्रकाश प्रौद्योगिकियां तेजी से बढ़ रही हैं। दूसरी ओर, वे विशेष रूप से पक्षियों के लिए बहुत परेशानी खड़ी करती हैं। इस प्रकार, सतत विकास करने के लिए प्रकाश प्रौद्योगिकियों का उपयोग बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए। मुख्य रूप से शहरीकरण के कारण प्रकाश प्रदूषण में वृद्धि हुई है।

सामान्य प्रकाश प्रदूषण में प्रकाश अतिचार, अधिक रोशनी, चकाचौंध, प्रकाश अव्यवस्था शामिल है।

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