प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
PMKSY के बारे में:
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) वर्ष 2015-16 के दौरान शुरू की गई थी।
- इसका उद्देश्य:
- खेत पर पानी की भौतिक पहुंच को बढ़ाना और सुनिश्चित सिंचाई के तहत खेती योग्य क्षेत्र का विस्तार करना,
- खेत में पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार करना,
- स्थायी जल संरक्षण प्रथाओं को पेश करना वगैरह था।
- पीएमकेएसवाई एक व्यापक योजना है, जिसमें इस मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे दो प्रमुख घटक हैं, अर्थात्, ‘त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीपी)’, और ‘हर खेत को पानी (एचकेकेपी)’।
- ‘हर खेत को पानी‘ योजना में चार उप–घटक शामिल हैं:
- कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट (CAD&WM)
- सतही लघु सिंचाई (SMI)
- जल निकायों की मरम्मत, नवीनीकरण और बहाली (RRR)
- भूजल (GW) विकास
- इसके अलावा, पीएमकेएसवाई में अन्य मंत्रालयों द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे दो अन्य घटक शामिल हैं। कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा लागू प्रति ड्रॉप मोर क्रॉप (PDMC) घटक, 2015 में पीएमकेएसवाई की शुरुआत से दिसंबर, 2021 तक पीएमकेएसवाई का एक हिस्सा था। इसके बाद, इसे राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के एक भाग के रूप में कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, और अब यह पीएमकेएसवाई का हिस्सा नहीं है।
- इसके अलावा, पीएमकेएसवाई के वाटरशेड विकास घटक (WDC) को भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
PMKSY के संबंध में भारत सरकार की कुछ पहले:
- 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए पीएमकेएसवाई के विस्तार को भारत सरकार द्वारा 93,068.56 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय (37,454 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता, 20,434.56 करोड़ रुपये की नाबार्ड को ऋण सेवा और राज्य सरकार द्वारा राज्य के हिस्से के लिए 35,180 करोड़ रुपये के लिए परिव्यय) के साथ अनुमोदित किया गया है।
- अप्रैल, 2018 तक 13,651.61 करोड़ रुपये की अनुमानित शेष लागत वाली महाराष्ट्र की 8 एमएमआई और 83 सतही लघु सिंचाई (एसएमआई) परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एक विशेष पैकेज को 2018-19 के दौरान भारत सरकार द्वारा वित्तीय सहायता के लिए अनुमोदित किया गया है। इस पैकेज से 3.77 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता सृजित हुई है।
- जून, 2018 में, भारत सरकार ने जम्मू–कश्मीर और पंजाब को लाभान्वित करने वाली शाहपुरकंडी बांध (राष्ट्रीय) परियोजना को 2,715.70 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है।
- दिसंबर, 2021 में, भारत सरकार ने क्रमशः हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्य में रेणुकाजी बांध और लखवार बहुउद्देशीय (राष्ट्रीय) परियोजनाओं के लिए केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत क्रमश: 6,946.99 करोड़ रुपये और 5,747.17 करोड़ रुपये है।
- दिसंबर, 2021 में, भारत सरकार ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्यों में 44,605 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के केन–बेतवा लिंक परियोजना को भी मंजूरी दी है।